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Bilaspur News: स्वारघाट ट्रॉमा सेंटर में स्टाफ की कमी का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा

Wed, 15 Jul 2026 12:14 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:14 AM IST
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Issue of staff shortage at Swarghat Trauma Center reaches Human Rights Commission.
देवभूमि जनहित पार्टी ने डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति और 24 घंटे आपात सेवाओं की उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं ट्रॉमा सेंटर स्वारघाट में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को लेकर अब संघर्ष तेज होने जा रहा है। देवभूमि जनहित पार्टी के प्रदेश सचिव जगदीप सिंह ठाकुर ने सोमवार को स्वारघाट में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से मुख्यमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को ईमेल व लिखित शिकायतों के माध्यम से अवगत कराया जाता रहा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ऐसे में अब मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। कहा कि स्वारघाट ट्रॉमा सेंटर और सीएचसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाले सड़क हादसों के घायलों के लिए जीवन रक्षक केंद्र होने चाहिए, लेकिन डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की कमी के कारण यहां समय पर उपचार तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से बने ये स्वास्थ्य संस्थान पर्याप्त स्टाफ के अभाव में अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत में स्वारघाट सीएचसी और ट्रॉमा सेंटर में स्थायी रूप से डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति करने, 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं संचालित करने और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की मांग की गई है। कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि स्वारघाट और आसपास की दर्जनों पंचायतों के हजारों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा से जुड़ी है। यदि मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद भी सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो क्षेत्र की जनता को साथ लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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