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Bilaspur News: सुन्हाणी में 1.12 करोड़ की सिंचाई योजना बनी शोपीस
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- योजना से पानी का इंतजार कर रहे क्षेत्र के किसान
-योजना होती है शुरू तो अच्छी मात्रा में होगी फसल की पैदावार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुन्हाणी में करीब 1.12 करोड़ की लागत से तैयार सिंचाई योजना शोपीस बन कर रह गई है। आज तक किसानों को इस योजना से पानी नहीं मिल पाया पाया है। विभाग और सरकार के सुस्त रवैये से किसान फसलों के लिए इस योजना से पानी का इंतजार कर रहे हैं।
सुन्हाणी क्षेत्र में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से योजना बनाई गई थी। इस योजना से सुन्हाणी सहित लेहड व धरोटी के किसानों के खेतों में पानी पहुंचा कर उनकी फसलों की दोगुनी पैदावार कर किसानों को मजबूत बनाना था। विभाग व सरकार की सुस्ती के कारण आज दिन तक किसानों को सिंचाई योजना का लाभ नहीं दिया गया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य शकुंतला कौशल, किसान जोध सिंह, धर्मपाल, प्यारे लाल, कुलदीप सिंह, ज्ञानचंद, विद्यासागर, केहर सिंह, नानक चंद, लेखराम, प्रीतम सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि विभाग ने भूमिगत पाइपें डाल कर किसानों का मुंह तो बंद कर दिया, लेकिन छोटे टैंक बनाने के लिए खेतों में गड्ढे कर दिए हैं। इनको आज दिन तक नहीं बनाया गया है। विभाग व सरकार के उदासीन रवैये के कारण किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। गौरतलब है कि जिस खड्ड से इस सिंचाई योजना के लिए पानी उठाया जाना है उस खड्ड में पानी की कोई कमी नहीं है। ग्राम पंचायत सुन्हाणी के प्रधान उपेंद्र सिंह, सुखदेव परमार, नानक चंद, बिशन सिंह, देशराज, सुरेश कुमार सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि पूर्व पंचायत व वर्तमान पंचायत और किसानों ने कई बार विभाग और सरकार से इस योजना को शुरू करने के लिए गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इस कारण न तो वह सब्जी उगा पाते हैं और न ही मेहनत के अनुरूप फसलें प्राप्त कर पा रहे हैं। किसानों ने बताया कि विभाग के उदासीन रवैये को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। किसानों ने विभाग और सरकार से गुहार लगाई है कि सुन्हाणी की सिंचाई योजना को दोबारा शुरू किया जाए, ताकि किसानों को मौसम पर आधारित न रहना पड़े और सिंचाई योजना का उनको लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार हर मंच पर अपने आपको किसान हितैषी साबित करने से नहीं थकती और हर मंच पर पेयजल और सिंचाई की योजनाओं के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने से पीछे नहीं हटती है, लेकिन धरातल पर कुछ और ही नजर आता है। किसानों ने बताया कि जल शक्ति विभाग के पास लेबर नहीं है और फील्ड में कर्मचारियों की कमी है। सारा काम ठेकेदारों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इसके चलते ठेकेदार तो मालामाल हो रहे हैं, परंतु जनता परेशान है। बता दें कि सुन्हाणी धरोटी व लेहड़ की जमीन इतनी समतल और उपजाऊ है कि अगर समय पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो बड़ी मात्रा में अनाज व सब्जियां पैदा हो सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि टैंकों तक बड़ी-बड़ी पाइप लाइन भी आधी अधूरी बिछी हुई हैं, लेकिन खेत पानी का पिछले कई वर्ष से इंतजार कर रहे हैं।
कोट
बजट के अभाव में यह योजना लटकी है। पंचायत के माध्यम से वह सरकार से इस योजना के लिए बजट का प्रावधान करने का प्रयास करेंगे, ताकि किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।
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अमित शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग
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-योजना होती है शुरू तो अच्छी मात्रा में होगी फसल की पैदावार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुन्हाणी में करीब 1.12 करोड़ की लागत से तैयार सिंचाई योजना शोपीस बन कर रह गई है। आज तक किसानों को इस योजना से पानी नहीं मिल पाया पाया है। विभाग और सरकार के सुस्त रवैये से किसान फसलों के लिए इस योजना से पानी का इंतजार कर रहे हैं।
सुन्हाणी क्षेत्र में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से योजना बनाई गई थी। इस योजना से सुन्हाणी सहित लेहड व धरोटी के किसानों के खेतों में पानी पहुंचा कर उनकी फसलों की दोगुनी पैदावार कर किसानों को मजबूत बनाना था। विभाग व सरकार की सुस्ती के कारण आज दिन तक किसानों को सिंचाई योजना का लाभ नहीं दिया गया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य शकुंतला कौशल, किसान जोध सिंह, धर्मपाल, प्यारे लाल, कुलदीप सिंह, ज्ञानचंद, विद्यासागर, केहर सिंह, नानक चंद, लेखराम, प्रीतम सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि विभाग ने भूमिगत पाइपें डाल कर किसानों का मुंह तो बंद कर दिया, लेकिन छोटे टैंक बनाने के लिए खेतों में गड्ढे कर दिए हैं। इनको आज दिन तक नहीं बनाया गया है। विभाग व सरकार के उदासीन रवैये के कारण किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। गौरतलब है कि जिस खड्ड से इस सिंचाई योजना के लिए पानी उठाया जाना है उस खड्ड में पानी की कोई कमी नहीं है। ग्राम पंचायत सुन्हाणी के प्रधान उपेंद्र सिंह, सुखदेव परमार, नानक चंद, बिशन सिंह, देशराज, सुरेश कुमार सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि पूर्व पंचायत व वर्तमान पंचायत और किसानों ने कई बार विभाग और सरकार से इस योजना को शुरू करने के लिए गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इस कारण न तो वह सब्जी उगा पाते हैं और न ही मेहनत के अनुरूप फसलें प्राप्त कर पा रहे हैं। किसानों ने बताया कि विभाग के उदासीन रवैये को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा। किसानों ने विभाग और सरकार से गुहार लगाई है कि सुन्हाणी की सिंचाई योजना को दोबारा शुरू किया जाए, ताकि किसानों को मौसम पर आधारित न रहना पड़े और सिंचाई योजना का उनको लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार हर मंच पर अपने आपको किसान हितैषी साबित करने से नहीं थकती और हर मंच पर पेयजल और सिंचाई की योजनाओं के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने से पीछे नहीं हटती है, लेकिन धरातल पर कुछ और ही नजर आता है। किसानों ने बताया कि जल शक्ति विभाग के पास लेबर नहीं है और फील्ड में कर्मचारियों की कमी है। सारा काम ठेकेदारों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इसके चलते ठेकेदार तो मालामाल हो रहे हैं, परंतु जनता परेशान है। बता दें कि सुन्हाणी धरोटी व लेहड़ की जमीन इतनी समतल और उपजाऊ है कि अगर समय पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो बड़ी मात्रा में अनाज व सब्जियां पैदा हो सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि टैंकों तक बड़ी-बड़ी पाइप लाइन भी आधी अधूरी बिछी हुई हैं, लेकिन खेत पानी का पिछले कई वर्ष से इंतजार कर रहे हैं।
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बजट के अभाव में यह योजना लटकी है। पंचायत के माध्यम से वह सरकार से इस योजना के लिए बजट का प्रावधान करने का प्रयास करेंगे, ताकि किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।
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अमित शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग