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फेरीवालों से अभद्र व्यवहार निंदनीय : नंदलाल
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संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार से की कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घुमारवीं में फेरी वालों से अभद्र व्यवहार की घटना की निंदा की है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मामले में कार्रवाई की मांग की।
प्रेस बयान में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिला महामंत्री आचार्य नंद लाल ने कहा कि प्रवासी फेरी वालों के साथ ऐसा करना निंदनीय है। देश में हर नागरिक को अधिकार है कि वह किसी भी राज्य में जाकर रोजी-रोटी कमा सकता है। कुछ दकियानूसी सोच के व्यक्ति प्रदेश में भी इस प्रकार का माहौल पैदा करना चाहते हैं और धर्म विशेष के लोगों को इस बाबत टारगेट किया जा रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था बिगाड़ रहा है तो कानून उस पर कार्रवाई करता है। किसी व्यक्ति को केवल इस कारण लक्षित कर प्रताड़ित किया जाना कि वह धर्म विशेष से है तो यह संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे व्यापार से जोड़कर बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर उगाही का काम सरकार का है। इसके लिए विभाग हैं। कर चोरी करने वालों के खिलाफ जुर्माना और दंड का प्रावधान भी संविधान के नियम के तहत है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। मुख्यमंत्री को इस बात में हस्तक्षेप कर संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्षता से जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घुमारवीं में फेरी वालों से अभद्र व्यवहार की घटना की निंदा की है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मामले में कार्रवाई की मांग की।
प्रेस बयान में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिला महामंत्री आचार्य नंद लाल ने कहा कि प्रवासी फेरी वालों के साथ ऐसा करना निंदनीय है। देश में हर नागरिक को अधिकार है कि वह किसी भी राज्य में जाकर रोजी-रोटी कमा सकता है। कुछ दकियानूसी सोच के व्यक्ति प्रदेश में भी इस प्रकार का माहौल पैदा करना चाहते हैं और धर्म विशेष के लोगों को इस बाबत टारगेट किया जा रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था बिगाड़ रहा है तो कानून उस पर कार्रवाई करता है। किसी व्यक्ति को केवल इस कारण लक्षित कर प्रताड़ित किया जाना कि वह धर्म विशेष से है तो यह संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे व्यापार से जोड़कर बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर उगाही का काम सरकार का है। इसके लिए विभाग हैं। कर चोरी करने वालों के खिलाफ जुर्माना और दंड का प्रावधान भी संविधान के नियम के तहत है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। मुख्यमंत्री को इस बात में हस्तक्षेप कर संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्षता से जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
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