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Bilaspur News: बिलासपुर में 15 प्रमुख रूटों पर दौड़ेंगी एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसें
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बिलासपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक बसें। संवाद
नई समयसारणी जारी, एम्स बिलासपुर, जिला मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच होगी बेहतर कनेक्टिविटी
यात्रियों को मिलेगी समयबद्ध व प्रदूषण मुक्त परिवहन सुविधा
बिलासपुर डिपो के पांच और घुमारवीं उप डिपो के 10 रूटों पर चलेेंगी ई-बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बिलासपुर डिपो और घुमारवीं उप डिपो के अंतर्गत संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों की नई समयसारणी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत जिले के 15 प्रमुख रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन होगा। इससे एम्स बिलासपुर आने-जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को पहले से अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी।
निगम ने सभी रूटों के लिए समय निर्धारित करते हुए नियमित संचालन के निर्देश जारी किए हैं। बिलासपुर डिपो के तहत पांच प्रमुख रूटों पर ई-बसें संचालित होंगी। इनमें गेहड़वीं-बिलासपुर-एम्स रूट सबसे प्रमुख रहेगा। इस रूट पर सुबह छह बजे गेहड़वीं से पहली बस रवाना होगी। इसके बाद दिनभर बिलासपुर से एम्स के बीच सुबह 7:15, 8:25 और 9:35 बजे के अलावा दोपहर 1:20, 3:00 और शाम 4:35 बजे बसें संचालित होंगी। शाम 7:25 बजे अंतिम बस बिलासपुर से गेहड़वीं के लिए रवाना होगी। करलोटी-बरठीं-सुन्हाणी-बिलासपुर एम्स रूट पर सुबह सात बजे करलोटी से बस सेवा शुरू होगी। यह बस बरठीं और सुन्हाणी होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी और दिनभर एम्स के लिए निर्धारित फेरे लगाएगी। शाम 3:10 बजे वापसी में बस करलोटी के लिए रवाना होगी। डाबर-बिलासपुर-कसोल रूट पर सुबह 6:40 बजे डाबर से बिलासपुर के लिए बस चलेगी। दोपहर दो बजे और शाम चार बजे बिलासपुर से कसोल के लिए बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि शाम 5:30 बजे बस डाबर के लिए रवाना होगी। मल्यावर-बरमाणा-कुहमझवाड़ रूट पर सुबह कुहमझवाड़ की ओर से बिलासपुर के लिए बस आएगी और दोपहर 2:40 बजे बिलासपुर से मल्यावर और बरमाणा होते हुए कुहमझवाड़ के लिए रवाना होगी। इसी प्रकार बिलासपुर-सलनू-खंगड़-बरमाणा-जमथल-कसोल-मंडी भराड़ी रूट पर भी नियमित ई-बस सेवा संचालित होगी। सुबह 10:30 बजे बिलासपुर से मंडी भराड़ी के लिए बस उपलब्ध रहेगी, जिससे इस क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
घुमारवीं उप डिपो के तहत 10 प्रमुख रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें घुमारवीं-ऋषिकेश-ज्योरी पतन-जाबलू रूट पर दोपहर 12:30 बजे बस रवाना होगी। घुमारवीं-बम-लदरौर-जाहू और घुमारवीं-मोरसिंगी रूट पर सुबह और दोपहर निर्धारित समय पर बसें चलेंगी। घुमारवीं-कोटला-बद्दाघाट-डंगार और घुमारवीं-चोखाना रूट पर भी नियमित बस सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा घुमारवीं-चलेली और घुमारवीं-त्रिफलघाट रूटों पर भी सुबह और शाम के समय बसों का संचालन किया जाएगा। घुमारवीं-तड़ौन-लदरौर-तरघेल और घुमारवीं-डीहर-कसोल रूटों पर भी ई-बसें निर्धारित समय पर चलेंगी। वहीं बेला-मट्याल-बद्दाघाट-कोठी बड्डू-पटेर क्षेत्र के लिए दिनभर अलग-अलग समय पर बस सेवा उपलब्ध रहेगी। घुमारवीं से एम्स बिलासपुर, ज्योरी पतन और नैन के लिए भी विशेष ई-बस सेवा संचालित होगी। इसके अलावा निहणकाशी-कीरतपुर साहिब, करलोटी-मट्याल-सिलाई-बरोटा और मोरसिंगी-त्रिफलघाट रूटों पर भी नियमित और रात्रिकालीन बस सेवा का प्रावधान किया गया है। निगम का कहना है कि नई समयसारणी लागू होने से जिले के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों की जिला मुख्यालय, एम्स बिलासपुर और अन्य प्रमुख कस्बों से बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को समयबद्ध सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही डीजल बसों पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। निगम ने सभी परिचालन इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसारणी का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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कोट
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों की नई समयसारणी लागू की गई है। सभी चालकों और परिचालकों को निर्धारित समय का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षित, समयबद्ध और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा सुनिश्चित हो सके।
विवेक लखनपाल,क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी,बिलासपुर
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यात्रियों को मिलेगी समयबद्ध व प्रदूषण मुक्त परिवहन सुविधा
बिलासपुर डिपो के पांच और घुमारवीं उप डिपो के 10 रूटों पर चलेेंगी ई-बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बिलासपुर डिपो और घुमारवीं उप डिपो के अंतर्गत संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों की नई समयसारणी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत जिले के 15 प्रमुख रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन होगा। इससे एम्स बिलासपुर आने-जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को पहले से अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी।
निगम ने सभी रूटों के लिए समय निर्धारित करते हुए नियमित संचालन के निर्देश जारी किए हैं। बिलासपुर डिपो के तहत पांच प्रमुख रूटों पर ई-बसें संचालित होंगी। इनमें गेहड़वीं-बिलासपुर-एम्स रूट सबसे प्रमुख रहेगा। इस रूट पर सुबह छह बजे गेहड़वीं से पहली बस रवाना होगी। इसके बाद दिनभर बिलासपुर से एम्स के बीच सुबह 7:15, 8:25 और 9:35 बजे के अलावा दोपहर 1:20, 3:00 और शाम 4:35 बजे बसें संचालित होंगी। शाम 7:25 बजे अंतिम बस बिलासपुर से गेहड़वीं के लिए रवाना होगी। करलोटी-बरठीं-सुन्हाणी-बिलासपुर एम्स रूट पर सुबह सात बजे करलोटी से बस सेवा शुरू होगी। यह बस बरठीं और सुन्हाणी होते हुए बिलासपुर पहुंचेगी और दिनभर एम्स के लिए निर्धारित फेरे लगाएगी। शाम 3:10 बजे वापसी में बस करलोटी के लिए रवाना होगी। डाबर-बिलासपुर-कसोल रूट पर सुबह 6:40 बजे डाबर से बिलासपुर के लिए बस चलेगी। दोपहर दो बजे और शाम चार बजे बिलासपुर से कसोल के लिए बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि शाम 5:30 बजे बस डाबर के लिए रवाना होगी। मल्यावर-बरमाणा-कुहमझवाड़ रूट पर सुबह कुहमझवाड़ की ओर से बिलासपुर के लिए बस आएगी और दोपहर 2:40 बजे बिलासपुर से मल्यावर और बरमाणा होते हुए कुहमझवाड़ के लिए रवाना होगी। इसी प्रकार बिलासपुर-सलनू-खंगड़-बरमाणा-जमथल-कसोल-मंडी भराड़ी रूट पर भी नियमित ई-बस सेवा संचालित होगी। सुबह 10:30 बजे बिलासपुर से मंडी भराड़ी के लिए बस उपलब्ध रहेगी, जिससे इस क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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घुमारवीं उप डिपो के तहत 10 प्रमुख रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें घुमारवीं-ऋषिकेश-ज्योरी पतन-जाबलू रूट पर दोपहर 12:30 बजे बस रवाना होगी। घुमारवीं-बम-लदरौर-जाहू और घुमारवीं-मोरसिंगी रूट पर सुबह और दोपहर निर्धारित समय पर बसें चलेंगी। घुमारवीं-कोटला-बद्दाघाट-डंगार और घुमारवीं-चोखाना रूट पर भी नियमित बस सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा घुमारवीं-चलेली और घुमारवीं-त्रिफलघाट रूटों पर भी सुबह और शाम के समय बसों का संचालन किया जाएगा। घुमारवीं-तड़ौन-लदरौर-तरघेल और घुमारवीं-डीहर-कसोल रूटों पर भी ई-बसें निर्धारित समय पर चलेंगी। वहीं बेला-मट्याल-बद्दाघाट-कोठी बड्डू-पटेर क्षेत्र के लिए दिनभर अलग-अलग समय पर बस सेवा उपलब्ध रहेगी। घुमारवीं से एम्स बिलासपुर, ज्योरी पतन और नैन के लिए भी विशेष ई-बस सेवा संचालित होगी। इसके अलावा निहणकाशी-कीरतपुर साहिब, करलोटी-मट्याल-सिलाई-बरोटा और मोरसिंगी-त्रिफलघाट रूटों पर भी नियमित और रात्रिकालीन बस सेवा का प्रावधान किया गया है। निगम का कहना है कि नई समयसारणी लागू होने से जिले के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों की जिला मुख्यालय, एम्स बिलासपुर और अन्य प्रमुख कस्बों से बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को समयबद्ध सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही डीजल बसों पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। निगम ने सभी परिचालन इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयसारणी का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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कोट
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों की नई समयसारणी लागू की गई है। सभी चालकों और परिचालकों को निर्धारित समय का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षित, समयबद्ध और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा सुनिश्चित हो सके।
विवेक लखनपाल,क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी,बिलासपुर