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जिला अस्पताल में गंदगी के ढेर पर सुखाए जा रहे मरीजों के कपड़े
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बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वच्छता अभियान को लेकर जिले में करोड़ों रुपये खर्च कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है लेकिन अस्पताल प्रबंधन के नाक तले ही मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल प्रबंधन द्वारा कपड़े मुहैया करवाए जाते हैं। वहीं अस्पताल के बिस्तर पर बिछाए जाने वाले कपड़े भी प्रबंधन ही मुहैया करवाता है। लेकिन इन कपड़ों को किस तरह से साफ रखा जाता है, उसका अस्पताल प्रबंधन को कोई पता नहीं है। बताते चलें कि इन कपड़ों को धोने का काम अस्पताल प्रबंधन ठेके पर देता है। लेकिन ठेकेदार अपना कार्य सही से कर रहा है या नहीं, इसके लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। जो कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के स्वास्थ्य की अनदेखी है।
बताते चलें कि जिला के लोग बीमारी से छुटकारा पाने के लिए अस्पताल का रुख करते हैं। लेकिन अस्पताल में प्रयोग होने वाले कपड़ों को धोकर गंदी जगह पर सुखाने के लिए रखा जाता है। जिला अस्पताल के वॉशिंग रूम के बाहर जहां गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। उस स्थान पर मरीजों को पहनाए जाने वाले कपड़े सुखाए जा रहे हैं। विदित रहे कि यह स्थान सीएमओ ऑफिस के बिल्कुल पास है और अस्पताल का हर अधिकारी यहां से होकर गुजरता है। ठेकेदार के कर्मी अस्पताल के कपड़ों को किस तरह साफ करते हैं, इसको सबने अनदेखा किया है।
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जिला अस्पताल के एमएस डॉ. आहलूवालिया का कहना है कि अस्पताल के कपड़े साफ करने का जिम्मा ठेकेदार का है। उनके ध्यान में मामला नहीं था लेकिन अब इसकी जांच करेंगे। तय करेंगे कि अस्पताल के कपड़े साफ सुथरे ढंग से मरीजों तक पहुंचाए जाएं।
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उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल प्रबंधन द्वारा कपड़े मुहैया करवाए जाते हैं। वहीं अस्पताल के बिस्तर पर बिछाए जाने वाले कपड़े भी प्रबंधन ही मुहैया करवाता है। लेकिन इन कपड़ों को किस तरह से साफ रखा जाता है, उसका अस्पताल प्रबंधन को कोई पता नहीं है। बताते चलें कि इन कपड़ों को धोने का काम अस्पताल प्रबंधन ठेके पर देता है। लेकिन ठेकेदार अपना कार्य सही से कर रहा है या नहीं, इसके लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। जो कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के स्वास्थ्य की अनदेखी है।
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बताते चलें कि जिला के लोग बीमारी से छुटकारा पाने के लिए अस्पताल का रुख करते हैं। लेकिन अस्पताल में प्रयोग होने वाले कपड़ों को धोकर गंदी जगह पर सुखाने के लिए रखा जाता है। जिला अस्पताल के वॉशिंग रूम के बाहर जहां गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। उस स्थान पर मरीजों को पहनाए जाने वाले कपड़े सुखाए जा रहे हैं। विदित रहे कि यह स्थान सीएमओ ऑफिस के बिल्कुल पास है और अस्पताल का हर अधिकारी यहां से होकर गुजरता है। ठेकेदार के कर्मी अस्पताल के कपड़ों को किस तरह साफ करते हैं, इसको सबने अनदेखा किया है।
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जिला अस्पताल के एमएस डॉ. आहलूवालिया का कहना है कि अस्पताल के कपड़े साफ करने का जिम्मा ठेकेदार का है। उनके ध्यान में मामला नहीं था लेकिन अब इसकी जांच करेंगे। तय करेंगे कि अस्पताल के कपड़े साफ सुथरे ढंग से मरीजों तक पहुंचाए जाएं।