{"_id":"6548ed148332966a6206b950","slug":"hanuman-killed-ahiravana-in-the-underworld-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-8270-2023-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: हनुमान ने पाताल लोक में किया अहिरावण का वध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: हनुमान ने पाताल लोक में किया अहिरावण का वध
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के रौड़ा सेक्टर में चल रही रामलीला के आठवें दिन पाताल लोक में हनुमान ने अहिरावण का वध किया। बाल कलाकारों ने इस दृश्य को पूरा करने में जान फूंक दी। उनकी कलाकारी की सभी ने जमकर प्रशंसा की।
दिग्गजों के वध के बाद रावण अपने भाई अहिरावण और महिरावण से सहायता मांगते हैं। अहिरावण विभीषण के भेष में श्रीराम शिविर जाकर राम और लक्ष्मण कर हरण कर उन्हें पाताल लोक ले जाते हैं। जब शिविर में राम और लक्ष्मण के गायब होने का पता चलता है तो सभी चिंतित हो जाते हैं। जब विभीषण शिविर में आते हैं तो वे इस रहस्य से पर्दा उठाते हैं। राम और लक्ष्मण की खोज में हनुमान जी पाताल लोक जाते हैं। जहां उनकी भेंट उनके मानस पुत्र मकरध्वज से होती है। पाताल लोक में वह राम और लक्ष्मण को बंधन मुक्त करते हैं और अहिरावण और महिरावण का वध करते हैं। इस संध्या में राम शिविर में सुलोचना का आगमन दर्शाया गया। इस दृश्य में भगवान राम लक्ष्मण को मेघनाद का कटा हुआ शीश वापस देने को कहते हैं। इस संध्या में अहिरावण की भूमिका वरिष्ठ कलाकार राजन ने निभाई, जबकि महिरावण मनू, मकरध्वज बंटी, सुलोचना पवन राम देवांश, लक्ष्मण माधव और हनुमान इंतिन हांडा और विभीषण सृजन डोगरा बने थे। इस मौके पर व्यवसायी आशीष शर्मा, राजेश महाजन और मोहम्मद साजिद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
विज्ञापन
बिलासपुर। शहर के रौड़ा सेक्टर में चल रही रामलीला के आठवें दिन पाताल लोक में हनुमान ने अहिरावण का वध किया। बाल कलाकारों ने इस दृश्य को पूरा करने में जान फूंक दी। उनकी कलाकारी की सभी ने जमकर प्रशंसा की।
दिग्गजों के वध के बाद रावण अपने भाई अहिरावण और महिरावण से सहायता मांगते हैं। अहिरावण विभीषण के भेष में श्रीराम शिविर जाकर राम और लक्ष्मण कर हरण कर उन्हें पाताल लोक ले जाते हैं। जब शिविर में राम और लक्ष्मण के गायब होने का पता चलता है तो सभी चिंतित हो जाते हैं। जब विभीषण शिविर में आते हैं तो वे इस रहस्य से पर्दा उठाते हैं। राम और लक्ष्मण की खोज में हनुमान जी पाताल लोक जाते हैं। जहां उनकी भेंट उनके मानस पुत्र मकरध्वज से होती है। पाताल लोक में वह राम और लक्ष्मण को बंधन मुक्त करते हैं और अहिरावण और महिरावण का वध करते हैं। इस संध्या में राम शिविर में सुलोचना का आगमन दर्शाया गया। इस दृश्य में भगवान राम लक्ष्मण को मेघनाद का कटा हुआ शीश वापस देने को कहते हैं। इस संध्या में अहिरावण की भूमिका वरिष्ठ कलाकार राजन ने निभाई, जबकि महिरावण मनू, मकरध्वज बंटी, सुलोचना पवन राम देवांश, लक्ष्मण माधव और हनुमान इंतिन हांडा और विभीषण सृजन डोगरा बने थे। इस मौके पर व्यवसायी आशीष शर्मा, राजेश महाजन और मोहम्मद साजिद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
विज्ञापन