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Bilaspur News: सड़कों पर घूमते बेसहारा गोवंश बन रहे लोगों के लिए खतरा
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घुमारवीं क्षेत्र में सड़कों पर छोड़े गए हैं दो दर्जन से अधिक बेसहारा गोवंश
संजय शर्मा भगेड़ (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं और इसके आसपास के क्षेत्र में बेसहारा गोवंश की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेसहारा गोवंश न केवल सड़कों पर बल्कि खेतों में भी लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। ये बेसहारा गोवंश सड़कों पर भी यहां-वहां जाम लगाकर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। हाल ही में अज्ञात लोगों ने नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र के पास दो दर्जन गोवंश को सड़कों पर छोड़ दिया है। ये बेसहारा गोवंश नगर परिषद क्षेत्र के साथ भगेड़ कस्बे तक उच्च मार्ग-103 पर एक जगह से दूसरी जगह भटकते रहते हैं, जिसके चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से अवढानीघाट के पास झुंड में बैठे होने के चलते स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। बेसहारा गोवंश किसानों की फसल उजाड़ने में भी पीछे नहीं हैं। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में ही बेसहारा गोवंश की संख्या हजारों में है। इस क्षेत्र का कोई भी ऐसा कोना नहीं है, जहां बेसहारा पशु नहीं हैं। घुमारवीं नगर परिषद का एक व्यक्ति उस समय अकाल मृत्यु का शिकार हो गया था, जब वह अपने खेतों में रखवाली कर रहा था।
बढ़ती जा रही बेसहारा गोवंश की संख्या
घुमारवीं पंचायत उप प्रधान किशोरी लाल शर्मा, बकरोआ पंचायत प्रधान कमलेश कुमारी औहर रणजीत वर्धन ने कहा कि सरकार और प्रशासन से इस समस्या से निजात के लिए कई बार मांग की है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-103 और फोरलेन पर आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। इसके समाधान के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। दूसरे क्षेत्रों से बेसहारा गोवंश को रात के अंधेरे में छोड़े जाने के चलते समस्या और गंभीर हो रही है।
कोई सार्थक पहल नहीं की गई
जिले में बेसहारा घायल गोवंश के उपचार के लिए कई साल से कार्य कर रहे प्रगति समाज सेवा समिति के संचालक सुनील शर्मा ने कहा कि सरकार की बेसहारा गोवंश के लिए कोई नीति न होने के कारण समस्या और विकट हो रही है। गोवंश की समस्या के निदान के लिए मुक्त गोवन ही एक मात्र समाधान है, लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गई।
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चुनावों के समय नेता बनते हैं हमदर्द
चुनावों के समय सभी नेता बेसहारा पशुओं के इस कदर हम दर्द बन जाते हैं कि किसानों इनके झांसे में आ जाते हैं। किसान व जनता यह उम्मीद लगा लेते हैं कि इस बार तो अवश्य इस समस्या से निजात मिल जाएगी, लेकिन कुर्सी तक पहुंचते ही नेता जनता से किए वादे भूल जाते हैं। इसके चलते किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता है ।
नालागढ़ गोसदन भी भेजे हैं बेसहारा गोवंश
नगर परिषद घुमारवीं और एसडीएम घुमारवीं के सहयोग से ऐसे बेसहारा गोवंश को चिह्नित किया गया था, जो लोगों के लिए नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उसके बाद नगर परिषद ने इन्हें नालागढ़ गो सदन में भेजा था, लेकिन अब समस्या और भी बढ़ गई हैं, क्योंकि लोग गोवंश को सड़क पर छोड़ने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
असहाय पशुओं की टैगिंग की जा रही
नगर परिषद प्रशासन के सहयोग से इस समस्या के समाधान के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठा रही है और असहाय पशुओं की टैगिंग कर रही है। जो पशु लोगों के लिए नुकसानदायक थे उन्हें नालागढ़ गोसदन में भेजने की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे पशुओं को विशेष निशान लगाकर चिह्नित किया गया है, जो लोगों पर हमला कर सकते हैं। लोगों का चाहिए कि वह ऐसे लोगों पर भी नजर रखे जो अंधेरे का लाभ उठाकर असहाय पशुओं को दूसरे स्थान से उठाकर यहां छोड़ देते हैं।
-रीता सहगल नगर परिषद अध्यक्ष घुमारवीं ।
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संजय शर्मा भगेड़ (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं और इसके आसपास के क्षेत्र में बेसहारा गोवंश की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेसहारा गोवंश न केवल सड़कों पर बल्कि खेतों में भी लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। ये बेसहारा गोवंश सड़कों पर भी यहां-वहां जाम लगाकर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। हाल ही में अज्ञात लोगों ने नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र के पास दो दर्जन गोवंश को सड़कों पर छोड़ दिया है। ये बेसहारा गोवंश नगर परिषद क्षेत्र के साथ भगेड़ कस्बे तक उच्च मार्ग-103 पर एक जगह से दूसरी जगह भटकते रहते हैं, जिसके चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से अवढानीघाट के पास झुंड में बैठे होने के चलते स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। बेसहारा गोवंश किसानों की फसल उजाड़ने में भी पीछे नहीं हैं। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में ही बेसहारा गोवंश की संख्या हजारों में है। इस क्षेत्र का कोई भी ऐसा कोना नहीं है, जहां बेसहारा पशु नहीं हैं। घुमारवीं नगर परिषद का एक व्यक्ति उस समय अकाल मृत्यु का शिकार हो गया था, जब वह अपने खेतों में रखवाली कर रहा था।
बढ़ती जा रही बेसहारा गोवंश की संख्या
घुमारवीं पंचायत उप प्रधान किशोरी लाल शर्मा, बकरोआ पंचायत प्रधान कमलेश कुमारी औहर रणजीत वर्धन ने कहा कि सरकार और प्रशासन से इस समस्या से निजात के लिए कई बार मांग की है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-103 और फोरलेन पर आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। इसके समाधान के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। दूसरे क्षेत्रों से बेसहारा गोवंश को रात के अंधेरे में छोड़े जाने के चलते समस्या और गंभीर हो रही है।
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कोई सार्थक पहल नहीं की गई
जिले में बेसहारा घायल गोवंश के उपचार के लिए कई साल से कार्य कर रहे प्रगति समाज सेवा समिति के संचालक सुनील शर्मा ने कहा कि सरकार की बेसहारा गोवंश के लिए कोई नीति न होने के कारण समस्या और विकट हो रही है। गोवंश की समस्या के निदान के लिए मुक्त गोवन ही एक मात्र समाधान है, लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गई।
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चुनावों के समय नेता बनते हैं हमदर्द
चुनावों के समय सभी नेता बेसहारा पशुओं के इस कदर हम दर्द बन जाते हैं कि किसानों इनके झांसे में आ जाते हैं। किसान व जनता यह उम्मीद लगा लेते हैं कि इस बार तो अवश्य इस समस्या से निजात मिल जाएगी, लेकिन कुर्सी तक पहुंचते ही नेता जनता से किए वादे भूल जाते हैं। इसके चलते किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता है ।
नालागढ़ गोसदन भी भेजे हैं बेसहारा गोवंश
नगर परिषद घुमारवीं और एसडीएम घुमारवीं के सहयोग से ऐसे बेसहारा गोवंश को चिह्नित किया गया था, जो लोगों के लिए नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उसके बाद नगर परिषद ने इन्हें नालागढ़ गो सदन में भेजा था, लेकिन अब समस्या और भी बढ़ गई हैं, क्योंकि लोग गोवंश को सड़क पर छोड़ने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
असहाय पशुओं की टैगिंग की जा रही
नगर परिषद प्रशासन के सहयोग से इस समस्या के समाधान के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठा रही है और असहाय पशुओं की टैगिंग कर रही है। जो पशु लोगों के लिए नुकसानदायक थे उन्हें नालागढ़ गोसदन में भेजने की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे पशुओं को विशेष निशान लगाकर चिह्नित किया गया है, जो लोगों पर हमला कर सकते हैं। लोगों का चाहिए कि वह ऐसे लोगों पर भी नजर रखे जो अंधेरे का लाभ उठाकर असहाय पशुओं को दूसरे स्थान से उठाकर यहां छोड़ देते हैं।
-रीता सहगल नगर परिषद अध्यक्ष घुमारवीं ।