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Bilaspur News: शिमला और चंडीगढ़ की तरफ से घुमारवीं की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए कम हुई दूरी
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किरतपुर नेरचौक फोरलने पर बना मंडी भराड़ी पुल। संवाद
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। किरतुपर-नेरचौक फोरलेन पर मंडी-भराड़ी पुल बनने से शिमला और चंडीगढ़ की तरफ से घुमारवीं-हमीरपुर की तरफ जाने वाले वाहनों का सफर 10 किलोमीटर कम हो गया है। वाहनों के लिए पुल खुलने के बाद अब चंडीगढ़ और शिमला की तरफ से आने वाले वाहन जबली से सीधे फोरलेन पर निकल रहे हैं।
वाहन चालकों ने बिलासपुर शहर का रास्ता छोड़ दिया है, जिससे अब बिलासपुर शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम हो गया है। फोरलेन पर बना करीब 700 मीटर लंबा मंडी-भराड़ी पुल फोरलेन को बिलासपुर शहर से करीब छह किलोमीटर दूर जबली को आपस में मिलाता है। इससे पहले वाहन चालकों को हमीरपुर, घुमारवीं, कांगड़ा जाने के लिए बिलासपुर शहर से होकर कंदरौर और फिर भगेड़ पहुंचना पड़ता था। जबली से बिलासपुर शहर होकर भगेड़ की दूरी 20 किलोमीटर है, लेकिन अब मंडी भराड़ी पुल से जबली से भगेड़ की दूरी करीब 10 किलोमीटर ही है। इस पुल के बनने से वाहन चालकों के लिए सफर आधा हो गया है।
पुल के बनने से न केवल पेट्रोल बल्कि समय की भी बचत होती है। जबली से बिलासुपर होकर भगेड़ पहुंचने के लिए वाहन चालकों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है और करीब एक घंटे में भगेड़ पहुंचते हैं, लेकिन फोरलेन से यह समय आधा हो गया है। फोरलेन कंपनी ने जब से वाहनों के लिए इस पुल को खोला है तब से बिलासपुर शहर में भी ट्रैफिक दबाव कम हुआ है। बड़ी बात यह है कि इस पुल के बनने से लोग सीधे गोबिंदसागर झील के ऊपर पहुंच रहे हैं। सुबह और शाम को मनाली जाने वाले पर्यटक भी इस पुल पर से झील की सुंदरता को निहारते हुए दिखाई देते हैं।
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पूरी तरह से इस पुल से जब यातायात शुरू होगा तो झंडूता और ऋषिकेश से बिलासपुर पहुंचने के लिए लोगों को कई किलोमीटर सफर करने से निजात मिलेगी। वहीं फोरलेन के दूसरे फेज का निर्माण कार्य भी जोरों पर है। उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय खुद इसकी समीक्षा कर रहे हैं। दिसंबर तक अगर इसका निर्माण पूरा हो जाता है तो स्वारघाट से ही सारा ट्रैफिक फोरलेन पर डायवर्ट होगा और बिलासपुर के लोगों को भारी यातायात से मुक्ति मिलेगी।
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वाहन चालकों ने बिलासपुर शहर का रास्ता छोड़ दिया है, जिससे अब बिलासपुर शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम हो गया है। फोरलेन पर बना करीब 700 मीटर लंबा मंडी-भराड़ी पुल फोरलेन को बिलासपुर शहर से करीब छह किलोमीटर दूर जबली को आपस में मिलाता है। इससे पहले वाहन चालकों को हमीरपुर, घुमारवीं, कांगड़ा जाने के लिए बिलासपुर शहर से होकर कंदरौर और फिर भगेड़ पहुंचना पड़ता था। जबली से बिलासपुर शहर होकर भगेड़ की दूरी 20 किलोमीटर है, लेकिन अब मंडी भराड़ी पुल से जबली से भगेड़ की दूरी करीब 10 किलोमीटर ही है। इस पुल के बनने से वाहन चालकों के लिए सफर आधा हो गया है।
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पुल के बनने से न केवल पेट्रोल बल्कि समय की भी बचत होती है। जबली से बिलासुपर होकर भगेड़ पहुंचने के लिए वाहन चालकों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है और करीब एक घंटे में भगेड़ पहुंचते हैं, लेकिन फोरलेन से यह समय आधा हो गया है। फोरलेन कंपनी ने जब से वाहनों के लिए इस पुल को खोला है तब से बिलासपुर शहर में भी ट्रैफिक दबाव कम हुआ है। बड़ी बात यह है कि इस पुल के बनने से लोग सीधे गोबिंदसागर झील के ऊपर पहुंच रहे हैं। सुबह और शाम को मनाली जाने वाले पर्यटक भी इस पुल पर से झील की सुंदरता को निहारते हुए दिखाई देते हैं।
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पूरी तरह से इस पुल से जब यातायात शुरू होगा तो झंडूता और ऋषिकेश से बिलासपुर पहुंचने के लिए लोगों को कई किलोमीटर सफर करने से निजात मिलेगी। वहीं फोरलेन के दूसरे फेज का निर्माण कार्य भी जोरों पर है। उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय खुद इसकी समीक्षा कर रहे हैं। दिसंबर तक अगर इसका निर्माण पूरा हो जाता है तो स्वारघाट से ही सारा ट्रैफिक फोरलेन पर डायवर्ट होगा और बिलासपुर के लोगों को भारी यातायात से मुक्ति मिलेगी।