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Bilaspur News: घुमारवीं पुलिस के जवान की नशे का कारोबार करने वालों से सांठगांठ
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एक्सक्लूसिव
-जागरूक नागरिक ने पुलिस को दी 25 पेटी शराब की सूचना
-कार्रवाई करने की जगह आरोपी को ही बता दिया सूचना देने वाले का नाम
- पुलिस की लापरवाही से सूचना देने वाला नागरिक ही हुआ असुरक्षित
-इससे पहले भी जिले में सामने आ चुके हैं नशा माफिया तक सूचना पहुंचाने के मामले
नीरज महाजन
भराड़ी(बिलासपुर)। पुलिस प्रशासन द्वारा आम जनता से अवैध नशे के खिलाफ सूचना देने की अपील तो की जाती है, लेकिन जब वही सूचना देने वाला खुद असुरक्षित महसूस करने लगे, तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। घुमारवी में सामने आए हालिया मामले ने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है।
मंगलवार रात करीब 8 बजे घुमारवीं क्षेत्र के एक जागरूक नागरिक ने पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति के पास शराब की 25 पेटी अवैध रूप से मौजूद है। उसने शराब के ठिकाने समेत तमाम जरूरी जानकारियां पुलिस को दीं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही शराब जब्त की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को जिस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिली थी, उसी को सूचना देने वाले का नाम बता दिया। इसके बाद बुधवार को आरोपी उस व्यक्ति के पास पहुंचा और उसे धमकाने लगा। उसने साफ कहा कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद उसका कुछ नहीं बिगड़ा। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यदि यह मामला किसी बड़े नशा तस्कर से जुड़ा होता, तो सूचना देने वाले व्यक्ति की जान पर बन सकती थी। आखिर पुलिस ने उसकी जानकारी नशा कारोबारियों तक क्यों पहुंचाई? क्यों सूचना देने वाले की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया? इस घटना से यह संदेह मजबूत होता है कि कुछ पुलिसकर्मी नशा कारोबारियों से मिले हुए हैं। अगर पुलिस ही अपराधियों को संरक्षण देने लगे, तो जनता का कानून व्यवस्था से विश्वास उठना तय है। जिले में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार नशा माफिया की सूचना देने वाले नागरिक का नाम आरोपियों तक कई बार पहुंचा है।
एक तरफ पुलिस लोगों को आश्वस्त करती है कि नशा माफिया की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। वहीं दूसरी तरफ नशा माफिया के लिए पैडलर का काम कर रहे पुलिस के ही जवान कार्रवाई करने की जगह उनतक सूचना देने वाले का नाम पहुंचाते हैं, जिससे उनकी जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। पुलिस के नशा मुक्त बिलासपुर अभियान को नागरिकों की ही मदद से आगे बढ़ाया जा रहा है। लेकिन अगर घुमारवीं में ऐसा हुआ है, तो इसकी कड़ी जांच की जाएगी। वहीं अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई भी कड़ी होगी। संवाद
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-जागरूक नागरिक ने पुलिस को दी 25 पेटी शराब की सूचना
-कार्रवाई करने की जगह आरोपी को ही बता दिया सूचना देने वाले का नाम
- पुलिस की लापरवाही से सूचना देने वाला नागरिक ही हुआ असुरक्षित
-इससे पहले भी जिले में सामने आ चुके हैं नशा माफिया तक सूचना पहुंचाने के मामले
नीरज महाजन
भराड़ी(बिलासपुर)। पुलिस प्रशासन द्वारा आम जनता से अवैध नशे के खिलाफ सूचना देने की अपील तो की जाती है, लेकिन जब वही सूचना देने वाला खुद असुरक्षित महसूस करने लगे, तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। घुमारवी में सामने आए हालिया मामले ने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह खड़ा कर दिया है।
मंगलवार रात करीब 8 बजे घुमारवीं क्षेत्र के एक जागरूक नागरिक ने पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति के पास शराब की 25 पेटी अवैध रूप से मौजूद है। उसने शराब के ठिकाने समेत तमाम जरूरी जानकारियां पुलिस को दीं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही शराब जब्त की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को जिस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिली थी, उसी को सूचना देने वाले का नाम बता दिया। इसके बाद बुधवार को आरोपी उस व्यक्ति के पास पहुंचा और उसे धमकाने लगा। उसने साफ कहा कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद उसका कुछ नहीं बिगड़ा। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यदि यह मामला किसी बड़े नशा तस्कर से जुड़ा होता, तो सूचना देने वाले व्यक्ति की जान पर बन सकती थी। आखिर पुलिस ने उसकी जानकारी नशा कारोबारियों तक क्यों पहुंचाई? क्यों सूचना देने वाले की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया? इस घटना से यह संदेह मजबूत होता है कि कुछ पुलिसकर्मी नशा कारोबारियों से मिले हुए हैं। अगर पुलिस ही अपराधियों को संरक्षण देने लगे, तो जनता का कानून व्यवस्था से विश्वास उठना तय है। जिले में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार नशा माफिया की सूचना देने वाले नागरिक का नाम आरोपियों तक कई बार पहुंचा है।
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एक तरफ पुलिस लोगों को आश्वस्त करती है कि नशा माफिया की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। वहीं दूसरी तरफ नशा माफिया के लिए पैडलर का काम कर रहे पुलिस के ही जवान कार्रवाई करने की जगह उनतक सूचना देने वाले का नाम पहुंचाते हैं, जिससे उनकी जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। पुलिस के नशा मुक्त बिलासपुर अभियान को नागरिकों की ही मदद से आगे बढ़ाया जा रहा है। लेकिन अगर घुमारवीं में ऐसा हुआ है, तो इसकी कड़ी जांच की जाएगी। वहीं अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई भी कड़ी होगी। संवाद
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