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Bilaspur News: बंपर ऑफर और सरकारी योजना के नाम पर हो रही ठगी
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बंपर ऑफर के नाम पर मोबाइल पर भेज रहे फर्जी एपीके फाइल
सरकारी योजना के अपडेट का लालच देकर कर रहे हैं कॉल
एसपी ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील, बोले-जागरूकता ही बचाव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिवाली के त्योहारी सीजन में जहां बाजारों में रौनक बढ़ गई है, वहीं साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ये ठग लोगों को बंपर ऑफर, धमाका ऑफर या सरकारी योजना के अपडेट का लालच देकर मोबाइल फोन हैक कर रहे हैं। इस संबंध में एसपी बिलासपुर कार्यालय की ओर से आम जनता को सतर्क रहने की अपील की गई है।
एसपी संदीप धवल ने बताया कि साइबर ठग व्हाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों के मोबाइल नंबर पर धोखाधड़ी के संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में ‘दिवाली धमाका ऑफर’, ‘बंपर इनाम’, ‘सरकारी योजना अपडेट’ या ‘बैंक वेरिफिकेशन’ जैसे शीर्षक होते हैं, जिनके साथ एक एपीके फाइल भेजी जाती है।
उन्होंने बताया कि ठग जिन फाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके नाम आम तौर पर ऐसे होते हैं -जैसे ऑफर.एपीके, पीएम किसान.एपीके, एसबीआई योनो अपडेट.एपीके, आरटीओ. एपीके, कस्टमर केयर.एपीके, आरटीओ चालान.एपीके, वाहन चालान.एपीके आदि। इन फाइलों को डाउनलोड कर जैसे ही कोई व्यक्ति इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल फोन ठगों के नियंत्रण में चला जाता है।
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इस फाइल के जरिए ठग पीड़ित का डाटा, बैंक विवरण, पासवर्ड, फोटो, कांटैक्ट लिस्ट और यहां तक कि कैमरा और माइक तक का एक्सेस हासिल कर लेते हैं। एसपी ने कहा कि नागरिकों को किसी भी अनजान नंबर या लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और किसी भी एपीके फाइल को इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिवाली जैसे त्योहारों पर ठग लोगों की भावनाओं और खरीदारी की आदतों का फायदा उठाते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को डिजिटल सतर्कता बरतनी चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें और उसे इंस्टॉल न करें।
किसी ऑफर या योजना की पुष्टि केवल सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक एप स्टोर से ही करें।
अपने बैंक खाते, यूपीआई या एटीएम का ओटीपी, पासवर्ड या पिन किसी से भी साझा न करें।
फोन में अनजान स्रोत से एप इंस्टॉल करने का विकल्प बंद रखें।
यदि मोबाइल में कोई संदिग्ध एप दिखे तो उसे तुरंत हटाएं और बैंक पासवर्ड बदलें।
किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में नजदीकी थाने में शिकायत करें या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें।
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सरकारी योजना के अपडेट का लालच देकर कर रहे हैं कॉल
एसपी ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील, बोले-जागरूकता ही बचाव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिवाली के त्योहारी सीजन में जहां बाजारों में रौनक बढ़ गई है, वहीं साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ये ठग लोगों को बंपर ऑफर, धमाका ऑफर या सरकारी योजना के अपडेट का लालच देकर मोबाइल फोन हैक कर रहे हैं। इस संबंध में एसपी बिलासपुर कार्यालय की ओर से आम जनता को सतर्क रहने की अपील की गई है।
एसपी संदीप धवल ने बताया कि साइबर ठग व्हाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों के मोबाइल नंबर पर धोखाधड़ी के संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में ‘दिवाली धमाका ऑफर’, ‘बंपर इनाम’, ‘सरकारी योजना अपडेट’ या ‘बैंक वेरिफिकेशन’ जैसे शीर्षक होते हैं, जिनके साथ एक एपीके फाइल भेजी जाती है।
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उन्होंने बताया कि ठग जिन फाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके नाम आम तौर पर ऐसे होते हैं -जैसे ऑफर.एपीके, पीएम किसान.एपीके, एसबीआई योनो अपडेट.एपीके, आरटीओ. एपीके, कस्टमर केयर.एपीके, आरटीओ चालान.एपीके, वाहन चालान.एपीके आदि। इन फाइलों को डाउनलोड कर जैसे ही कोई व्यक्ति इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल फोन ठगों के नियंत्रण में चला जाता है।
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इस फाइल के जरिए ठग पीड़ित का डाटा, बैंक विवरण, पासवर्ड, फोटो, कांटैक्ट लिस्ट और यहां तक कि कैमरा और माइक तक का एक्सेस हासिल कर लेते हैं। एसपी ने कहा कि नागरिकों को किसी भी अनजान नंबर या लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और किसी भी एपीके फाइल को इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिवाली जैसे त्योहारों पर ठग लोगों की भावनाओं और खरीदारी की आदतों का फायदा उठाते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को डिजिटल सतर्कता बरतनी चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें और उसे इंस्टॉल न करें।
किसी ऑफर या योजना की पुष्टि केवल सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक एप स्टोर से ही करें।
अपने बैंक खाते, यूपीआई या एटीएम का ओटीपी, पासवर्ड या पिन किसी से भी साझा न करें।
फोन में अनजान स्रोत से एप इंस्टॉल करने का विकल्प बंद रखें।
यदि मोबाइल में कोई संदिग्ध एप दिखे तो उसे तुरंत हटाएं और बैंक पासवर्ड बदलें।
किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में नजदीकी थाने में शिकायत करें या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें।