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गोलीकांड : जयराम, बिंदल, अनुराग आज कार्यकर्ताओं के साथ देंगे धरना
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कांग्रेस के डेढ़ साल के कार्यकाल में प्रदेश भर में हुए हत्या के 50 मामले दर्ज : रणधीर
-बोले-प्रदेश भर में खुलेआम घूम रहे अराजक तत्व, कानून व्यवस्था की खुली पोल
-भाजपा पदाधिकारी बोले, पूर्व विधायक का गोलीकांड में नाम आने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कांग्रेस के ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश में हत्या के 50 मामले दर्ज हुए हैं। कानून व्यवस्था बुरी तरह से गबगड़ा गई है। अराजकतत्व पूरे प्रदेश में खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं अब बिलासपुर में दिनदहाड़े एसपी-डीसी कार्यालय से 200 मीटर की दूरी और जिला कोर्ट परिसर के बाहर हुए गोलीकांड ने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। भाजपा इस अराजक माहौल के विरोध में प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन करेगी और इसकी शुरुआत शनिवार सुबह 10 बजे बिलासपुर मेन मार्केट से होगी। धरने में जयराम ठाकुर, बिंदल, अनुराग ठाकुर आदि शामिल होंगे।
बिलासपुर गोलीकांड को लेकर भाजपा के विधायक रणधीर शर्मा, विधायक त्रिलोक जमवाल और भाजपा जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान ने बिलासपुर परिधि गृह में प्रेसवार्ता की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के डेढ़ साल के कार्यकाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी हैं। कहा कि चंबा से जो कानून व्यवस्था बिगड़ी वह बिलासपुर तक पहुंच गई है। सरकार कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं कर पा रही है। वहीं नेताओं ने कहा कि बिलासपुर गोलीकांड के 24 घंटे बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होना भाजपा के उन आरोपों को सही करती है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार अराजकतत्वों का संरक्षण कर रही है। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने गोलीकांड की घटना को लेकर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलियां बरसाने के बाद शूटर ने पहले पूर्व विधायक और उसके बाद उनके बेटे को फोन किया था। शुक्रवार को पूर्व विधायक ने अपनी प्रेस कान्फ्रेंस में यह बात खुद कही है। सवाल यह है कि शूटर ने बिलासपुर में किसी और को फोन क्यों नहीं किया और उसके पास पूर्व विधायक व उनके बेटे के मोबाइल नंबर कहां से आए। कानून से ऊपर कोई नहीं होता। पिता-पुत्र को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
जमवाल ने कहा कि सुपारी देकर हत्या करवाने के मामले पहले आतंकवाद से प्रभावित जेएंडके समेत कुछ अन्य राज्यों में सुनने को मिलते थे, लेकिन अब देवभूमि हिमाचल में भी इसकी शुरुआत हो गई है। जिस युवक को गोली लगी है, उसने कुछ दिन पहले बाकायदा प्रेस कान्फ्रेंस में खुलासा किया था कि उसे चिट्टे का काम पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने सिखाया था। जाहिर है कि वह पहले पूर्व विधायक के ग्रुप में था, लेकिन अब उनके रास्ते अलग हो चुके हैं। नशे के इस कारोबार में उनकी आपसी प्रतिस्पर्धा यहां तक बढ़ गई है कि नौबत सुपारी किलिंग तक पहुंच गई। कहा कि उन्होंने गत वीरवार को एडीसी और एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में तथ्यों के आधार पर गोलीकांड की घटना में बंबर ठाकुर की संलिप्तता की बात कही थी। शूटर कई दिन पहले बिलासपुर पहुंचकर रैकी कर रहा था। उसके रहने की व्यवस्था करने के साथ पूरी खातिरदारी की जा रही थी। डीसी व एसपी ऑफिस, कोर्ट कांप्लेक्स जैसे सुरक्षित जोन में दिनदहाड़े गोलियां बरसाने के बाद वह न केवल पूर्व विधायक के आवास की ओर भागा था, बल्कि उन्हें और उनके बेटे को फोन भी किए थे। इतना सब होने के बावजूद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को बिलासपुर के घुमारवीं में इस घटना पर चिंता जता गए हैं। यदि वह बिगड़ती कानून व्यवस्था से वाकई चिंतित हैं तो उन्हें पुलिस प्रशासन को पूर्व विधायक और उनके बेटे की तुरंत गिरफ्तार के आदेश देने चाहिए।
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-बोले-प्रदेश भर में खुलेआम घूम रहे अराजक तत्व, कानून व्यवस्था की खुली पोल
-भाजपा पदाधिकारी बोले, पूर्व विधायक का गोलीकांड में नाम आने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कांग्रेस के ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश में हत्या के 50 मामले दर्ज हुए हैं। कानून व्यवस्था बुरी तरह से गबगड़ा गई है। अराजकतत्व पूरे प्रदेश में खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं अब बिलासपुर में दिनदहाड़े एसपी-डीसी कार्यालय से 200 मीटर की दूरी और जिला कोर्ट परिसर के बाहर हुए गोलीकांड ने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। भाजपा इस अराजक माहौल के विरोध में प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन करेगी और इसकी शुरुआत शनिवार सुबह 10 बजे बिलासपुर मेन मार्केट से होगी। धरने में जयराम ठाकुर, बिंदल, अनुराग ठाकुर आदि शामिल होंगे।
बिलासपुर गोलीकांड को लेकर भाजपा के विधायक रणधीर शर्मा, विधायक त्रिलोक जमवाल और भाजपा जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान ने बिलासपुर परिधि गृह में प्रेसवार्ता की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के डेढ़ साल के कार्यकाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी हैं। कहा कि चंबा से जो कानून व्यवस्था बिगड़ी वह बिलासपुर तक पहुंच गई है। सरकार कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं कर पा रही है। वहीं नेताओं ने कहा कि बिलासपुर गोलीकांड के 24 घंटे बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होना भाजपा के उन आरोपों को सही करती है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार अराजकतत्वों का संरक्षण कर रही है। सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने गोलीकांड की घटना को लेकर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोलियां बरसाने के बाद शूटर ने पहले पूर्व विधायक और उसके बाद उनके बेटे को फोन किया था। शुक्रवार को पूर्व विधायक ने अपनी प्रेस कान्फ्रेंस में यह बात खुद कही है। सवाल यह है कि शूटर ने बिलासपुर में किसी और को फोन क्यों नहीं किया और उसके पास पूर्व विधायक व उनके बेटे के मोबाइल नंबर कहां से आए। कानून से ऊपर कोई नहीं होता। पिता-पुत्र को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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जमवाल ने कहा कि सुपारी देकर हत्या करवाने के मामले पहले आतंकवाद से प्रभावित जेएंडके समेत कुछ अन्य राज्यों में सुनने को मिलते थे, लेकिन अब देवभूमि हिमाचल में भी इसकी शुरुआत हो गई है। जिस युवक को गोली लगी है, उसने कुछ दिन पहले बाकायदा प्रेस कान्फ्रेंस में खुलासा किया था कि उसे चिट्टे का काम पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने सिखाया था। जाहिर है कि वह पहले पूर्व विधायक के ग्रुप में था, लेकिन अब उनके रास्ते अलग हो चुके हैं। नशे के इस कारोबार में उनकी आपसी प्रतिस्पर्धा यहां तक बढ़ गई है कि नौबत सुपारी किलिंग तक पहुंच गई। कहा कि उन्होंने गत वीरवार को एडीसी और एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में तथ्यों के आधार पर गोलीकांड की घटना में बंबर ठाकुर की संलिप्तता की बात कही थी। शूटर कई दिन पहले बिलासपुर पहुंचकर रैकी कर रहा था। उसके रहने की व्यवस्था करने के साथ पूरी खातिरदारी की जा रही थी। डीसी व एसपी ऑफिस, कोर्ट कांप्लेक्स जैसे सुरक्षित जोन में दिनदहाड़े गोलियां बरसाने के बाद वह न केवल पूर्व विधायक के आवास की ओर भागा था, बल्कि उन्हें और उनके बेटे को फोन भी किए थे। इतना सब होने के बावजूद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को बिलासपुर के घुमारवीं में इस घटना पर चिंता जता गए हैं। यदि वह बिगड़ती कानून व्यवस्था से वाकई चिंतित हैं तो उन्हें पुलिस प्रशासन को पूर्व विधायक और उनके बेटे की तुरंत गिरफ्तार के आदेश देने चाहिए।
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