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Bilaspur News: पदोन्नत प्रधानाचार्य से उपनिदेशक के पद भरें
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प्रवक्ता कैडर से पदोन्नत प्रधानाचार्यों ने सरकार से की मांग
कनिष्ठ प्रधानाचार्य को अतिरिक्त काम सौंपना आदेश का उल्लंघन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्कूल प्रवक्ता कैडर से पदोन्नत हुए प्रधानाचार्यों ने लंबे समय से रिक्त शिक्षा उपनिदेशक पद भरने की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कनिष्ठ प्रधानाचार्यों को उप निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया जा रहा, जो सरकार के ही आदेश की अवहेलना है।
संयुक्त बयान में विकास महाजन, डॉ. सुनील, राजेंद्र, गोपाल, हेमेंद्र, अश्विनी ठाकुर, सुशील शर्मा, निशा, पूनम, रेणू, शांता, कुलदीप, अरुण गौतम, ओंकार सिंह, नीरज और बलविंदर ने कहा कि उच्च न्यायालय की ओर से पदोन्नति पर निर्णय को करीब छह माह बीत चुके हैं। ऐसे में पदोन्नति सूची जल्द जारी होनी चाहिए ताकि विभाग को नियमित उपनिदेशक मिल सकें। इस समय कई कनिष्ठ प्रधानाचार्य को वरिष्ठता की अनदेखी कर उप निदेशक अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इससे वरिष्ठ प्रधानाचार्यों में रोष है। ऐसा करने से सरकार के ही आदेशों की अवहेलना हुई है। आदेश के मुताबिक उप निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार केवल वरिष्ठ प्रधानाचार्य को देना को कहा गया है । कैसे कनिष्ठ प्रधानाचार्य वरिष्ठ की एसीआर लिख सकता है।
विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक की सूची जारी किए लंबा समय हो गया है। लंबे समय से उप निदेशक के पदों को न भरे जाने से योग्य प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसलिए विभाग शीघ्र उपनिदेशक शिक्षा के रिक्त पदों को भरे। इस समय उप निदेशक के 37 पद रिक्त हैं। प्रधानाचार्यों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से पदोन्नति सूची को जल्द जारी करने की मांग की है।
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कनिष्ठ प्रधानाचार्य को अतिरिक्त काम सौंपना आदेश का उल्लंघन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्कूल प्रवक्ता कैडर से पदोन्नत हुए प्रधानाचार्यों ने लंबे समय से रिक्त शिक्षा उपनिदेशक पद भरने की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कनिष्ठ प्रधानाचार्यों को उप निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया जा रहा, जो सरकार के ही आदेश की अवहेलना है।
संयुक्त बयान में विकास महाजन, डॉ. सुनील, राजेंद्र, गोपाल, हेमेंद्र, अश्विनी ठाकुर, सुशील शर्मा, निशा, पूनम, रेणू, शांता, कुलदीप, अरुण गौतम, ओंकार सिंह, नीरज और बलविंदर ने कहा कि उच्च न्यायालय की ओर से पदोन्नति पर निर्णय को करीब छह माह बीत चुके हैं। ऐसे में पदोन्नति सूची जल्द जारी होनी चाहिए ताकि विभाग को नियमित उपनिदेशक मिल सकें। इस समय कई कनिष्ठ प्रधानाचार्य को वरिष्ठता की अनदेखी कर उप निदेशक अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इससे वरिष्ठ प्रधानाचार्यों में रोष है। ऐसा करने से सरकार के ही आदेशों की अवहेलना हुई है। आदेश के मुताबिक उप निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार केवल वरिष्ठ प्रधानाचार्य को देना को कहा गया है । कैसे कनिष्ठ प्रधानाचार्य वरिष्ठ की एसीआर लिख सकता है।
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विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक की सूची जारी किए लंबा समय हो गया है। लंबे समय से उप निदेशक के पदों को न भरे जाने से योग्य प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसलिए विभाग शीघ्र उपनिदेशक शिक्षा के रिक्त पदों को भरे। इस समय उप निदेशक के 37 पद रिक्त हैं। प्रधानाचार्यों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से पदोन्नति सूची को जल्द जारी करने की मांग की है।
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