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Bilaspur News: आज भी कई महिलाएं पुरुषों पर निर्भर, लेकिन समय के साथ बढ़ रही हैं आगे

Wed, 05 Mar 2025 09:37 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 05 Mar 2025 09:37 PM IST
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Even today many women depend on men, but are moving forward with time.
बिलासपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आईटीआई बरठीं में आयोजित कार्यक्रम पर अपने हाथो
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को किया अधिकारों के प्रति जागरूक
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सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों व बचाव के तरीकों की दी जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आईटीआई बरठीं में जागरूकता कार्यक्रम हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य सचिन शर्मा ने की, जबकि स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार और कमल कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन को खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रविंद्र सिंह के आदेशानुसार, जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तहसीन के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व बताया। कहा कि 1977 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में घोषित किया था। तब से यह दिवस हर साल महिलाओं के अधिकारों, संघर्षों और उनके उत्थान को समर्पित किया जाता है। प्रदेश में यह दिवस हिमाचल प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी के तहत एक अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य शिक्षकों ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज भी कई महिलाएं पुरुषों पर निर्भर हैं, लेकिन समय के साथ वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने ऐतिहासिक पुरुष हस्तियों जैसे राजा राममोहन राय, दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और गुरु नानक देव जी का जिक्र किया, जिन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किए।
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स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने छात्राओं को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान, एनीमिया मुक्त भारत, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, सहारा जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एचआईवी और एड्स के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि एचआईवी एक वायरस है, जबकि एड्स इससे होने वाली एक शारीरिक स्थिति है। नशे के कारण एड्स के बढ़ते मामलों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों व बचाव के तरीकों पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं के लिए दूसरी सबसे घातक बीमारी है, जो एचपीवी वायरस के संक्रमण से होती है। इसी तरह, भारत में हर 8 में से 1 महिला को ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है। महिलाओं को नियमित जांच करने और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई।
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इनसेट
महिला सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारी
कार्यक्रम में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर भी चर्चा हुई। श्रद्धा कांड, निर्भया कांड, गुड़िया कांड, हाथरस कांड जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

इनसेट
मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन
छात्राओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में तमन्ना ने पहला स्थान, वर्षा ने दूसरा स्थान, और सपना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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