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Bilaspur News: भगेड़ में मिला जिले पहला ग्लैंडर्स मामला, विभाग सतर्क
Thu, 30 Jan 2025 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:23 PM IST
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-लक्षण सामने आने के बाद हिसार लैब भेजा गया था सैंपल
-घोड़े, खच्चरों और गधों को प्रभावित करता है यह संक्रामक रोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। बिलासपुर के भगेड़ में घोड़ों में घातक संक्रामक बीमारी ग्लैंडर्स का पहला मामला सामने आया है। भगेड़ क्षेत्र से लिए गए सैंपल हिसार लैब में पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद झंडूता क्षेत्र से भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, लेकिन अब तक वहां से कोई मामला पॉजिटिव नहीं आया है। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
ग्लैंडर्स एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो घोड़े, खच्चरों और गधों को प्रभावित करता है। यह बीमारी इंसानों में भी फैल सकती है। संक्रमित जानवरों के शरीर में गांठ बन जाती हैं, त्वचा पर फोड़े हो जाते हैं, और मुंह-नाक से खून निकलने लगता है। समय रहते इलाज न होने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। कुल्लू और मंडी जिलों में इस बीमारी के लक्षण मिलने के बाद पशुपालन विभाग पहले ही सतर्क हो गया था। अब बिलासपुर के भगेड़ में पहला मामला सामने आने के बाद विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घोड़ों की सघन जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से एक विशेष टीम बनाई है जो प्रभावित इलाकों में जाकर परीक्षण कर रही है। संक्रमित जानवरों को आइसोलेट करने की व्यवस्था की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
झंडूता उपमंडल में कार्यरत पशु-चिकित्सक अधिकारी मंजुला ठाकुर ने बताया कि भगेड़ क्षेत्र का मामला पॉजिटिव आने के बाद झंडूता से भी सैंपल हिसार लैब भेजे गए हैं। हालांकि, अब तक इन सैंपल्स की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने पशुपालकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत विभाग को सूचित करने की अपील की है। पशुपालन विभाग ने घोड़ा पालकों से अपील की है कि वे अपने जानवरों की नियमित जांच कराएं और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत जानकारी दें। इस बीमारी से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक उपाय किए जा रहे हैं। ग्लैंडर्स बीमारी के इस मामले ने न केवल पशुपालकों बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन की कोशिश है कि समय रहते इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।
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-घोड़े, खच्चरों और गधों को प्रभावित करता है यह संक्रामक रोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। बिलासपुर के भगेड़ में घोड़ों में घातक संक्रामक बीमारी ग्लैंडर्स का पहला मामला सामने आया है। भगेड़ क्षेत्र से लिए गए सैंपल हिसार लैब में पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद झंडूता क्षेत्र से भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, लेकिन अब तक वहां से कोई मामला पॉजिटिव नहीं आया है। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
ग्लैंडर्स एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो घोड़े, खच्चरों और गधों को प्रभावित करता है। यह बीमारी इंसानों में भी फैल सकती है। संक्रमित जानवरों के शरीर में गांठ बन जाती हैं, त्वचा पर फोड़े हो जाते हैं, और मुंह-नाक से खून निकलने लगता है। समय रहते इलाज न होने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। कुल्लू और मंडी जिलों में इस बीमारी के लक्षण मिलने के बाद पशुपालन विभाग पहले ही सतर्क हो गया था। अब बिलासपुर के भगेड़ में पहला मामला सामने आने के बाद विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घोड़ों की सघन जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से एक विशेष टीम बनाई है जो प्रभावित इलाकों में जाकर परीक्षण कर रही है। संक्रमित जानवरों को आइसोलेट करने की व्यवस्था की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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झंडूता उपमंडल में कार्यरत पशु-चिकित्सक अधिकारी मंजुला ठाकुर ने बताया कि भगेड़ क्षेत्र का मामला पॉजिटिव आने के बाद झंडूता से भी सैंपल हिसार लैब भेजे गए हैं। हालांकि, अब तक इन सैंपल्स की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने पशुपालकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत विभाग को सूचित करने की अपील की है। पशुपालन विभाग ने घोड़ा पालकों से अपील की है कि वे अपने जानवरों की नियमित जांच कराएं और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत जानकारी दें। इस बीमारी से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक उपाय किए जा रहे हैं। ग्लैंडर्स बीमारी के इस मामले ने न केवल पशुपालकों बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन की कोशिश है कि समय रहते इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।
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