{"_id":"69970c32cd9506545a08b07c","slug":"discussion-on-the-service-conditions-of-lecturers-regarding-the-change-in-schools-in-cbse-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-154324-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: सीबीएसई में बदले विद्यालयों को लेकर प्रवक्ताओं की सेवा शर्तों पर मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: सीबीएसई में बदले विद्यालयों को लेकर प्रवक्ताओं की सेवा शर्तों पर मंथन
Thu, 19 Feb 2026 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:41 PM IST
विज्ञापन
-प्रशासनिक और सेवा शर्तों से जुड़ी जटिलताओं को उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रवक्ता संघ बिलासपुर की वर्चुअल बैठक जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले भर से करीब 80 प्रवक्ताओं ने भाग लेकर सीबीएसई में परिवर्तित विद्यालयों में चयनित शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में मुख्य रूप से विद्यालयों के सीबीएसई में परिवर्तन के बाद उत्पन्न हो रही प्रशासनिक और सेवा शर्तों से जुड़ी जटिलताओं को उठाया गया। प्रवक्ताओं ने कहा कि सब-कैडर बनाए जाने के बाद वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। इससे पदोन्नति प्रभावित होने की आशंका है। जिन प्रवक्ताओं की 5-6 वर्षों में पदोन्नति प्रस्तावित है, उनकी वरिष्ठता और प्रोन्नति किस आधार पर तय होगी, इसे लेकर संशय बना हुआ है।
सदस्यों ने यह भी कहा कि यदि कोई प्रवक्ता भविष्य में अपने मूल कैडर में लौटना चाहे तो उसके लिए स्पष्ट विकल्प उपलब्ध नहीं है। चयनित प्रवक्ताओं के लिए 10 वर्ष का कार्यकाल अत्यधिक बताया गया। साथ ही 10 विद्यालयों का विकल्प देने की व्यवस्था को भी व्यवहारिक नहीं माना गया।
विज्ञापन
प्रवक्ताओं ने मांग की कि यदि चयन के बाद किसी शिक्षक को इच्छित विद्यालय आवंटित नहीं होता है तो उसे डिबार करने के बजाय नए सीबीएसई विद्यालयों में पुनः विकल्प दिया जाए। बैठक में यह भी जोर दिया गया कि सीबीएसई विद्यालयों में चयनित प्रवक्ताओं के लिए स्पष्ट एवं न्यायसंगत आर एंड पी (भर्ती एवं पदोन्नति) नियम बनाए जाएं, ताकि शिक्षकों में व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने सदस्यों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि इन मुद्दों को राज्य कार्यकारिणी के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर सरकार व संबंधित विभाग से वार्ता भी की जाएगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रवक्ता संघ बिलासपुर की वर्चुअल बैठक जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले भर से करीब 80 प्रवक्ताओं ने भाग लेकर सीबीएसई में परिवर्तित विद्यालयों में चयनित शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में मुख्य रूप से विद्यालयों के सीबीएसई में परिवर्तन के बाद उत्पन्न हो रही प्रशासनिक और सेवा शर्तों से जुड़ी जटिलताओं को उठाया गया। प्रवक्ताओं ने कहा कि सब-कैडर बनाए जाने के बाद वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। इससे पदोन्नति प्रभावित होने की आशंका है। जिन प्रवक्ताओं की 5-6 वर्षों में पदोन्नति प्रस्तावित है, उनकी वरिष्ठता और प्रोन्नति किस आधार पर तय होगी, इसे लेकर संशय बना हुआ है।
विज्ञापन
सदस्यों ने यह भी कहा कि यदि कोई प्रवक्ता भविष्य में अपने मूल कैडर में लौटना चाहे तो उसके लिए स्पष्ट विकल्प उपलब्ध नहीं है। चयनित प्रवक्ताओं के लिए 10 वर्ष का कार्यकाल अत्यधिक बताया गया। साथ ही 10 विद्यालयों का विकल्प देने की व्यवस्था को भी व्यवहारिक नहीं माना गया।
विज्ञापन
प्रवक्ताओं ने मांग की कि यदि चयन के बाद किसी शिक्षक को इच्छित विद्यालय आवंटित नहीं होता है तो उसे डिबार करने के बजाय नए सीबीएसई विद्यालयों में पुनः विकल्प दिया जाए। बैठक में यह भी जोर दिया गया कि सीबीएसई विद्यालयों में चयनित प्रवक्ताओं के लिए स्पष्ट एवं न्यायसंगत आर एंड पी (भर्ती एवं पदोन्नति) नियम बनाए जाएं, ताकि शिक्षकों में व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने सदस्यों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि इन मुद्दों को राज्य कार्यकारिणी के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर सरकार व संबंधित विभाग से वार्ता भी की जाएगी।