फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   crop effected

बारिश के बाद भी मक्का की फसल पर सुंडी कीट का हमला

Sun, 31 Jul 2022 11:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2022 11:57 PM IST
विज्ञापन
crop effected
शाहतलाई में मक्की की फसल पर लगा सुंडी कीट को दिखाता किसान। संवाद - फोटो : BILASPUR
शाहतलाई (बिलासपुर)। जिले में मक्के की फसल पर सुंडी कीट के हमले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों का तर्क था कि बारिश होने के बाद यह कीट खत्म हो जाएगा, लेकिन यह अभी तक फसलों को तबाह कर रहा है।
विज्ञापन

जिले में करीब 65 हजार किसान परिवारों की रोजी-रोटी का साधन मक्के और गेहूं की फसलें हैं। जिले में करीब 32 हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्का की फसल उगाई जाती है, लेकिन कीट के हमले के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
विज्ञापन

किसानों श्रवण कुमार, प्रकाश चंद, कुलदीप, सुशील कुमार, बलदेव कुमार, रमेश चंद, उत्तम चंद, संजय कुमार, विजय कुमार, बीरी सिंह, ओंकार सिंह, राजकुमार, मदन लाल ने बताया कि 15 जून को जिले में बारिश होने के बाद मक्के की बिजाई की गई थी। खेतों में नमी पर्याप्त होने के कारण पौध भरपूर उगी थी। इससे किसानों को अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी, लेकिन पिछले साल की भांति इस वर्ष भी फसल पर सुंडी कीट ने हमला कर दिया है जो पौधों को चट कर रही है। सुंडी पौधे के तने को खा रही है। इससे पौधे खराब हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि कृषि विशेषज्ञों ने बताया था कि क्लोरपायरीफॉस दवा का छिड़काव करने से सुंडी रोग पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन दवा भी बेअसर हो रही है। इतना ही नहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर बारिश होती रही तो भी सुंडी रोग पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन उनके द्वारा लगाया गया यह अनुमान भी सही साबित नहीं हो रहा है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग ने 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मक्के का बीज उपलब्ध करवाया है, लेकिन खेतों में सुंडी का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है कि फसल के नुकसान की भरपाई की जाए। कृषि प्रसार अधिकारी करतार सिंह कश्यप ने बताया कि कृषि विभाग के केंद्रों पर कीटनाशक दवा उपलब्ध है। किसानों को सलाह दी कि क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी दवा की दो मिली लीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर या साइपरमैथरीन 25 ईसी का छिड़काव करें। 15 दिन के बाद दोबारा छिड़काव करें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed