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सांड के हमले से बुजुर्ग की मौत

Thu, 19 Jan 2017 12:05 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर। Updated Thu, 19 Jan 2017 12:05 AM IST
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bull attacked elder person died in bilaspur.
सांड़ - फोटो : ब्यूरो

झंडूता विस क्षेत्र के तहत आने वाले झंडू गांव में सांड के हमले से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई है। सांड ने उस समय बुजुर्ग पर हमला कर दिया जब वह आंगन में टहल रहे थे। इसी दौरान सांड ने उन पर हमला कर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद उन्हें फौरन सीएचसी झंडूता ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला में लावारिस पशुओं के लोगों पर बढ़ रहे हमलों की वजह से लोगों में दहशत का माहौल है।

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मामला मंगलवार देर रात का है। जब ग्राम पंचायत झंडूता के गांव झंडू में एक नेपाली मूल का 70 वर्षीय नर बहादुर अपने मकान के आंगन में टहल रहा था। इसी दौरान वहां पर अंधेरे में अचानक सांड वहां आ पहुंचा।
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जैसे ही नर बहादुर ने बैल को भगाने की कोशिश की तो सांड ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। बुजुर्ग की चिख पुकार के बाद स्थानीय लोग वहां पर पहुंचे। उन्होंने बुजुर्ग को सांड से छुड़वाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता पहुंचाया। मगर यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। झंडूता व्यापार मंडल प्रधान अनिल धीमान ने बताया कि नर बहादुर नेपाल मूल का रहने वाला था। वह झंडूता मे करीब 50 सालों से रह रहा था।
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उन्होंने बताया कि वह अपना पालन पोषण चाय की दुकान पर दिहाड़ी लगाकर करता था। झंडूता व्यापार मंडल प्रधान अनिल धीमान, बेहना ब्राह्मण पंचायत के पूर्व उपप्रधान सुभाष मिन्हास, लौका राम, दलेल सिंह, राजेश कुमार, कुलदीप सिंह, बलदेव सिंह और सतीश कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है।


इससे पहले भी जिला के विभिन्न इलाकों में सांड बुजुर्गों पर हमलाकर उन्हें मौत के घाट उतार चुके हैं। इससे पहले जिला केे करीब दस लोगों को सांडों के हमले में जान गंवा चुके हैं। वहीं दर्जनों लोग ऐसे भी है जो लावारिस जानवरों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।


मगर इसके बावजूद भी प्रशासन लावानिस जानवरों की समस्या से लोगों को निजात दिलवाने में असमर्थ साबित हुआ है। हैरानी इस बात की है कि इस संबंध में प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी आदेश जारी किए हैं। मगर इसके बावजूद ज्यादातर क्षेत्रों में गौसदनों का निर्माण नहीं हुआ है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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