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चार्जशीट बनी नहीं फिर भी पुलिस वाले हैं सस्पेंड
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बिलासपुर। जिला पुलिस में बिना किसी बड़े कारण से चार पुलिस कर्मी महीनों से सस्पेंड हैं। जबकि दो पुलिस कर्मी तो ऐसे हैं कि उनके खिलाफ अभी तक चार्जशीट तक नहीं बन पाई है लेकिन इसके बाद भी दोनों को तीन महीने से अधिक समय से सस्पेंड रखा गया है। जबकि जिला पुलिस के कई कर्मचारियों को आए दिन विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पुलिस कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि भराड़ी थाने के दो पुलिस कर्मचारियों पर शराब के नशे में ड्यूटी करने का आरोप था। इसके बाद दोनों पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था लेकिन तीन महीने से भी अधिक समय होने के बाद भी दोनों पुलिस कर्मचारियों पर अभी तक चार्जशीट तक नहीं बन पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बगैर चार्जशीट के किस आधार पर दोनों पुलिस कर्मचारियों को महीनों से सस्पेंड रखा गया है?
वहीं एक अन्य मामले में बरमाणा थाने के दो पुलिस कर्मचारियों को इसलिए सस्पेंड किया गया है कि आरोपी पुलिस की हिरासत से भाग गया था। हालांकि कुछ ही देर के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया था लेकिन तीन महीने के बाद भी अभी तक दोनों को सस्पेंड रखा गया है।
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जबकि सरकार की ओर से बार-बार आने वाली गाइड लाइन में साफ कहा गया होता है कि कर्मचारियों के सस्पेंड का समय तय करने से पहले उनकी गलतियों पर मंथन किया जाए और साफ किया है कि बगैर कारण कर्मचारी सस्पेंड न किए जाएं लेकिन इसके बाद भी जिले में दो पुलिस कर्मी तो महीनों से बगैर चार्जशीट के सस्पेंशन का दंश झेल रहे हैं। इधर,आईजी मंडी रेंज एन वेणु गोपाल का कहना है कि मामला अभी उनके ध्यान में नहीं आया है। जैसे ही मामला उनके पास पहुंचेगा उचित कदम उठाए जाएंगे।
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उल्लेखनीय है कि भराड़ी थाने के दो पुलिस कर्मचारियों पर शराब के नशे में ड्यूटी करने का आरोप था। इसके बाद दोनों पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था लेकिन तीन महीने से भी अधिक समय होने के बाद भी दोनों पुलिस कर्मचारियों पर अभी तक चार्जशीट तक नहीं बन पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बगैर चार्जशीट के किस आधार पर दोनों पुलिस कर्मचारियों को महीनों से सस्पेंड रखा गया है?
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वहीं एक अन्य मामले में बरमाणा थाने के दो पुलिस कर्मचारियों को इसलिए सस्पेंड किया गया है कि आरोपी पुलिस की हिरासत से भाग गया था। हालांकि कुछ ही देर के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया था लेकिन तीन महीने के बाद भी अभी तक दोनों को सस्पेंड रखा गया है।
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जबकि सरकार की ओर से बार-बार आने वाली गाइड लाइन में साफ कहा गया होता है कि कर्मचारियों के सस्पेंड का समय तय करने से पहले उनकी गलतियों पर मंथन किया जाए और साफ किया है कि बगैर कारण कर्मचारी सस्पेंड न किए जाएं लेकिन इसके बाद भी जिले में दो पुलिस कर्मी तो महीनों से बगैर चार्जशीट के सस्पेंशन का दंश झेल रहे हैं। इधर,आईजी मंडी रेंज एन वेणु गोपाल का कहना है कि मामला अभी उनके ध्यान में नहीं आया है। जैसे ही मामला उनके पास पहुंचेगा उचित कदम उठाए जाएंगे।