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गायनी वार्ड में बिस्तरों पर घूम रहे कॉकरोच, मरीज परेशान
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जिला अस्पताल बिलासपुर के गायनी वार्ड में बिस्तर पर कॉकरोच।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के गायनी वार्ड में कॉकरोचों ने मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की नाक में दम कर रखा है। हालात ऐसे बने हुए हैं कि कॉकरोचों ने मरीजों की नींद छिन ली है। अस्पताल के गायनी वार्ड में स्थिति दयनीय बनी हुई है। नवजात को कॉकरोच से बचाने के लिए रात भर जागना पड़ रहा है, लेकिन मरीजों की इस समस्या का समाधान करने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हुआ है।
गायनी वार्ड में दाखिल जच्चा व उनके परिजनों ने बताया कि यहां कॉकरोचों की भरमार है। नवजात की सुरक्षा के लिए रात भर जागना पड़ता है। कॉकरोच बिस्तर और दीवारों पर घूमते देखे जा सकते हैं। कॉकरोच बच्चे के कान या मुंह में न चले जाए इसके लिए निगरानी रखनी पड़ती है। इस बारे में स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी पता है, लेकिन कोई सुधार नहीं किया जा रहा है।
इनसेट
अस्थमा, पोलियो सहित कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है कॉकरोच
चिकित्सकों के अनुसार कॉकरोच के कारण फूड प्वाइजनिंग होना एक आम समस्या है, लेकिन टाइफाइड होने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। इसका कारण कॉकरोच में पाया जाने वाला साल्मोनेला नामक वायरस है। कॉकरोच के मुंह से लार निकलता है, जो स्वस्थ व्यक्ति को भी एलर्जी, रैशेज, दस्त, हैजा, खांसी, पोलियो, अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
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कोट्स
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के चिकित्सा अधीक्षक संजीव वर्मा ने बताया कि मामला ध्यान अभी आया है। समस्या के समाधान के लिए स्प्रे करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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गायनी वार्ड में दाखिल जच्चा व उनके परिजनों ने बताया कि यहां कॉकरोचों की भरमार है। नवजात की सुरक्षा के लिए रात भर जागना पड़ता है। कॉकरोच बिस्तर और दीवारों पर घूमते देखे जा सकते हैं। कॉकरोच बच्चे के कान या मुंह में न चले जाए इसके लिए निगरानी रखनी पड़ती है। इस बारे में स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी पता है, लेकिन कोई सुधार नहीं किया जा रहा है।
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अस्थमा, पोलियो सहित कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है कॉकरोच
चिकित्सकों के अनुसार कॉकरोच के कारण फूड प्वाइजनिंग होना एक आम समस्या है, लेकिन टाइफाइड होने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। इसका कारण कॉकरोच में पाया जाने वाला साल्मोनेला नामक वायरस है। कॉकरोच के मुंह से लार निकलता है, जो स्वस्थ व्यक्ति को भी एलर्जी, रैशेज, दस्त, हैजा, खांसी, पोलियो, अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
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क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के चिकित्सा अधीक्षक संजीव वर्मा ने बताया कि मामला ध्यान अभी आया है। समस्या के समाधान के लिए स्प्रे करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।