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Bilaspur News: स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित दिवाली मनाने के लिए किया जागरूक
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-एम्स और विद्या भारती की तरफ से छह स्कूलों में किया कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग और सेवा भारती की ओर से छह स्कूलों में एक आउटरीच कार्यक्रम दिवाली उत्सव-आओ इसे सुरक्षित रखें का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 1500 से अधिक विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
इस दौरान डॉ. नवनीत शर्मा ने स्कूली बच्चों को उचित सावधानियां बरतते हुए पटाखों से जलने की रोकथाम के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने सुरक्षित दिवाली मनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पटाखों का न्यूनतम उपयोग, खुली जगहों पर पटाखों का प्रदर्शन, दूर से जलाने की तकनीक, वयस्कों द्वारा आतिशबाजी की निगरानी, आतिशबाजी स्थल के पास पानी से भरी बाल्टी की व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा दी जानी चाहिए। मोमबत्तियां जलाते समय और पटाखे चलाते समय रेशम और नायलॉन के कपड़ों से बचना चाहिए, क्योंकि यह कपड़े शरीर से चिपक जाते हैं और जलन पैदा करते हैं। दुर्घटनावश जलने की स्थिति में अस्पताल जाने से पहले जले हुए हिस्से को प्रचुर मात्रा में बहते पानी से 10-15 मिनट तक सींचना चाहिए और साफ कपड़े से ढक देना चाहिए। जले हुए घाव पर बर्फ, टूथपेस्ट, हल्दी पाउडर या एलोवेरा के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग और सेवा भारती की ओर से छह स्कूलों में एक आउटरीच कार्यक्रम दिवाली उत्सव-आओ इसे सुरक्षित रखें का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 1500 से अधिक विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
इस दौरान डॉ. नवनीत शर्मा ने स्कूली बच्चों को उचित सावधानियां बरतते हुए पटाखों से जलने की रोकथाम के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने सुरक्षित दिवाली मनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पटाखों का न्यूनतम उपयोग, खुली जगहों पर पटाखों का प्रदर्शन, दूर से जलाने की तकनीक, वयस्कों द्वारा आतिशबाजी की निगरानी, आतिशबाजी स्थल के पास पानी से भरी बाल्टी की व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा दी जानी चाहिए। मोमबत्तियां जलाते समय और पटाखे चलाते समय रेशम और नायलॉन के कपड़ों से बचना चाहिए, क्योंकि यह कपड़े शरीर से चिपक जाते हैं और जलन पैदा करते हैं। दुर्घटनावश जलने की स्थिति में अस्पताल जाने से पहले जले हुए हिस्से को प्रचुर मात्रा में बहते पानी से 10-15 मिनट तक सींचना चाहिए और साफ कपड़े से ढक देना चाहिए। जले हुए घाव पर बर्फ, टूथपेस्ट, हल्दी पाउडर या एलोवेरा के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
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