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Bilaspur News: जिले में नहीं थम रहे हैं विद्युत चोरी और दुरुपयोग के मामले
Tue, 05 Nov 2024 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 05 Nov 2024 11:27 PM IST
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एक्सक्लूसिव
- साल 2010 से अब तक बिजली बोर्ड ने 13 लाख रुपये जुर्माना वसूला
-आरटीआई में मांगी जानकारी में हुआ खुलासा, मंदिर न्यास, पंचायत प्रधान भी सूची में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के विभिन्न उप मंडलों में पिछले 14 वर्ष में विद्युत चोरी और दुरुपयोग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लगातार घाटे में चल रहे प्रदेश बिजली बोर्ड को इन मामलों से और नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि शिकायत के आधार पर पकड़े गए मामलों से इन वर्षों में बोर्ड ने 13 लाख का जुर्माना भी वसूला है। श्री नयना देवी जी, सदर, घुमारवीं और अन्य क्षेत्रों में हर साल बिजली चोरी और दुरुपयोग के दर्जनों मामले सामने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद विभागीय अनदेखी सवालों के घेरे में है। कई मामले तो ऐसे हैं जो पकड़े ही नहीं जाते हैं, अगर पकड़े भी जाते हैं तो रसूख का दबाव बनाकर उन्हें दबा दिया जाता है।
मामले की पुष्टि बिजली बोर्ड के सर्कल बिलासपुर के असिस्टेंट इंजीनियर जनसूचना अधिकारी ने आरटीआई पत्र संख्या एचपीएसईबीएल/ 180,184/ आरटीआई एक्ट 10/2024-25-4665 में की है। इसमें प्रार्थी को जानकारी मिली है कि वर्ष 2010 में श्री नयना देवी तहसील में विद्युत दुरुपयोग के 6 मामलों में 67,483 रुपये वसूले गए थे। 2011 में सदर में बिजली चोरी के 3 मामलों में 18,254 रुपये वसूले गए। इसके बाद 2013 में उपमंडल कोट श्री नयना देवी में दुरुपयोग के 10 मामलों में 1,78,120 रुपये की बड़ी वसूली की गई। इसी तरह हर साल बिजली चोरी और दुरुपयोग के दर्जनों मामले सामने आते रहे, जिनमें से 2019 में 1,57,890 रुपये और 2023 में कंदरौर उपमंडल के एक बड़े मामले में 90,240 रुपये की वसूली की गई। 2024 में कुल 21 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे बड़ा मामला कंदरौर में सामने आया। जांच में पता चला कि एक उपभोक्ता ने घरेलू विद्युत मीटर से अपने किराएदारों को व्यावसायिक उपयोग के लिए बिजली सप्लाई की थी। हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 103/88 के किनारे पर स्थित इस जगह पर पिछले दो सालों से बिजली का दुरुपयोग हो रहा था, लेकिन विभाग के किसी भी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। 17 अगस्त को जब जांच हुई, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। किरायेदारों के अनुसार उपभोक्ता ने यह गुमराह करने की कोशिश की कि उन्होंने अनजाने में विद्युत दुरुपयोग किया है।
इनसेट
टेंपल ट्रस्ट प्रधान भी सवालों के घेरे में
इस पूरे मामले के अलावा टेंपल ट्रस्ट श्री नयना देवी, कुछ पंचायत प्रधानों पर भी बिजली के दुरुपयोग के आरोप हैं। शिकायतों के अनुसार, समय-समय पर इन प्रभावशाली संस्थानों और व्यक्तियों ने भी बिजली का अनधिकृत उपयोग किया, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से उन्हें छूट मिलती रही है।
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इनसेट
जनहित में सख्त कार्रवाई की मांग
प्रार्थी ने सरकार से अपील की है कि इस मामले की गहन जांच की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने मांग की है कि बिजली विभाग ऐसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित करें ताकि भविष्य में सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो।
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- साल 2010 से अब तक बिजली बोर्ड ने 13 लाख रुपये जुर्माना वसूला
-आरटीआई में मांगी जानकारी में हुआ खुलासा, मंदिर न्यास, पंचायत प्रधान भी सूची में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के विभिन्न उप मंडलों में पिछले 14 वर्ष में विद्युत चोरी और दुरुपयोग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लगातार घाटे में चल रहे प्रदेश बिजली बोर्ड को इन मामलों से और नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि शिकायत के आधार पर पकड़े गए मामलों से इन वर्षों में बोर्ड ने 13 लाख का जुर्माना भी वसूला है। श्री नयना देवी जी, सदर, घुमारवीं और अन्य क्षेत्रों में हर साल बिजली चोरी और दुरुपयोग के दर्जनों मामले सामने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद विभागीय अनदेखी सवालों के घेरे में है। कई मामले तो ऐसे हैं जो पकड़े ही नहीं जाते हैं, अगर पकड़े भी जाते हैं तो रसूख का दबाव बनाकर उन्हें दबा दिया जाता है।
मामले की पुष्टि बिजली बोर्ड के सर्कल बिलासपुर के असिस्टेंट इंजीनियर जनसूचना अधिकारी ने आरटीआई पत्र संख्या एचपीएसईबीएल/ 180,184/ आरटीआई एक्ट 10/2024-25-4665 में की है। इसमें प्रार्थी को जानकारी मिली है कि वर्ष 2010 में श्री नयना देवी तहसील में विद्युत दुरुपयोग के 6 मामलों में 67,483 रुपये वसूले गए थे। 2011 में सदर में बिजली चोरी के 3 मामलों में 18,254 रुपये वसूले गए। इसके बाद 2013 में उपमंडल कोट श्री नयना देवी में दुरुपयोग के 10 मामलों में 1,78,120 रुपये की बड़ी वसूली की गई। इसी तरह हर साल बिजली चोरी और दुरुपयोग के दर्जनों मामले सामने आते रहे, जिनमें से 2019 में 1,57,890 रुपये और 2023 में कंदरौर उपमंडल के एक बड़े मामले में 90,240 रुपये की वसूली की गई। 2024 में कुल 21 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे बड़ा मामला कंदरौर में सामने आया। जांच में पता चला कि एक उपभोक्ता ने घरेलू विद्युत मीटर से अपने किराएदारों को व्यावसायिक उपयोग के लिए बिजली सप्लाई की थी। हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 103/88 के किनारे पर स्थित इस जगह पर पिछले दो सालों से बिजली का दुरुपयोग हो रहा था, लेकिन विभाग के किसी भी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। 17 अगस्त को जब जांच हुई, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। किरायेदारों के अनुसार उपभोक्ता ने यह गुमराह करने की कोशिश की कि उन्होंने अनजाने में विद्युत दुरुपयोग किया है।
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टेंपल ट्रस्ट प्रधान भी सवालों के घेरे में
इस पूरे मामले के अलावा टेंपल ट्रस्ट श्री नयना देवी, कुछ पंचायत प्रधानों पर भी बिजली के दुरुपयोग के आरोप हैं। शिकायतों के अनुसार, समय-समय पर इन प्रभावशाली संस्थानों और व्यक्तियों ने भी बिजली का अनधिकृत उपयोग किया, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से उन्हें छूट मिलती रही है।
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जनहित में सख्त कार्रवाई की मांग
प्रार्थी ने सरकार से अपील की है कि इस मामले की गहन जांच की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने मांग की है कि बिजली विभाग ऐसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित करें ताकि भविष्य में सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो।