फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Before getting MRI, tell the doctor about your health problem.

Bilaspur News: जांच से पहले डॉक्टर को पूरी जानकारी दें गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाएं

Wed, 19 Feb 2025 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 19 Feb 2025 11:20 PM IST
विज्ञापन
Before getting MRI, tell the doctor about your health problem.
स्वास्थ्य विशेष
विज्ञापन


- एमआरआई जांच से पहले मरीजों के लिए कुछ निर्देशों का पालन जरूरी
-कंट्रास्ट एमआरआई के लिए 4-6 घंटे पहले बंद कर दें भोजन

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में उन्नत एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे मरीजों को अत्याधुनिक और सटीक जांच सेवाएं मिल रही हैं। एम्स के रेडियोलॉजी विभाग में प्रदेश की एकमात्र 3 टेस्ला एमआरआई मशीन और 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन लगी हुई है, जो उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग प्रदान करती हैं।
रेडियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लोकेश राणा ने बताया कि एमआरआई एक सुरक्षित और विकिरण मुक्त जांच प्रक्रिया है, जो विभिन्न बीमारियों की पहचान करने में मदद करती है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा मरीजों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे पहले उन्नत तकनीक वाली ऐसी मशीनें प्रदेश में उपलब्ध नहीं थीं। एमआरआई जांच से पहले मरीजों के लिए कुछ निर्देशों का पालन जरूरी है। डॉक्टर से पूरी जानकारी प्राप्त करें और किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या के बारे में पहले से सूचित करें। गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली माताएं जांच से पहले डॉक्टर को जानकारी दें। यदि शरीर में कोई धातु (मेटल) इम्प्लांट, पेसमेकर, स्टेंट, क्लिप या अन्य धातु सामग्री है, तो इसकी जानकारी जरूर दें। यदि मरीज को क्लॉस्ट्रोफोबिया (बंद जगहों से डर) है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। गंभीर किडनी की समस्या वाले मरीजों को कंट्रास्ट डाई (गाडौलीनियम) दिए जाने से पहले डॉक्टर को सूचित करना चाहिए। कंट्रास्ट एमआरआई होने की स्थिति में जांच से 4-6 घंटे पहले मरीज को भोजन करना बंद कर देना चाहिए। आरामदायक, ढीले और धातु रहित कपड़े पहनें। यदि किसी मरीज को एमआरआई से संबंधित कोई संदेह हो, तो वे डॉक्टर या एमआरआई तकनीशियन से सलाह ले सकते हैं।
विज्ञापन

इनसेट
क्या होगा एमआरआई जांच के दौरान
मरीज को एक लंबी सुरंग जैसी एमआरआई मशीन में टेबल पर लेटाया जाएगा। मशीन से तेज आवाज़ आ सकती है, जिसके लिए इयरप्लग या हेडफोन दिए जाएंगे। मरीज को बिल्कुल स्थिर रहना होगा ताकि स्कैन की गुणवत्ता सही बनी रहे। तकनीशियन इंटरकॉम के जरिए निर्देश देगा और किसी असुविधा की स्थिति में इमरजेंसी बटन दबाकर सूचित किया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया में 30-60 मिनट का समय लग सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
क्या करें एमआरआई जांच के बाद
सामान्य एमआरआई के बाद मरीज तुरंत अपने दैनिक कार्य कर सकता है। कंट्रास्ट डाई लेने वाले मरीजों को अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है ताकि डाई शरीर से बाहर निकल जाए। यदि मरीज को चक्कर, उल्टी, खुजली या एलर्जी की कोई प्रतिक्रिया महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करें।

इनसेट
विशेष निर्देश
बच्चों या क्लॉस्ट्रोफोबिया से ग्रसित मरीजों के लिए डॉक्टर हल्की बेहोशी (सिडेशन) दे सकते हैं। डायबिटीज या अन्य पुरानी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को डॉक्टर से विशेष निर्देश लेने चाहिए। आपातकालीन एमआरआई के लिए अस्पताल की गाइडलाइन का पालन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed