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Bilaspur News: अहिरावण का वध होते ही लगे जय श्रीराम के नारे
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हनुमान ने पाताल लोक में किया अहिरावण का वध
-सुनील शर्मा ने की कलाकारों की सराहना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में चल रही रामलीला में नौवें दिन अहिरावण वध और पाताल विजय की प्रस्तुति दी गई। अहिरावण का वध होते ही दर्शकों ने श्री राम नाम के जयकारे लगाए। इस अवसर पर राज्य सहकारी बैंक के निदेशक सुनील शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि ने शिरकत की।
पहले दृश्य में लंका के योद्धाओं के वध से चिंतित रावण ने पातालपुरी के राजा अहिरावण का आवाहन किया। रावण ने अहिरावण को राम से बदला लेने का आदेश दिया। जब रात के समय भगवान श्री राम अपने शिविर में आराम कर रहे थे और हनुमान पहरा दे रहे थे। तभी अहिरावण विभीषण का रूप धारण कर वहां पहुंच गया। उसने सभी को तंत्र-मंत्र की शक्ति से मूर्छित कर दिया और श्री राम और लक्ष्मण को पातालपुरी लेकर चला गया। पातालपुरी पहुंचते ही उसने भगवान श्री राम और लक्ष्मण की बलि देने की तैयारी शुरू कर दी। अगले दृश्य में सुबह होने पर वानर सेना श्री राम और लक्ष्मण को शिविर से गायब होने से परेशान और हो गई और चारों ओर खलबली मच गई। इसके बाद हनुमान उनकी खोज में निकल गए और पाताल लोक पहुंचे। जहां मां चंडिका के समक्ष दोनों भाइयों को बलि देने की तैयारी चल रही थी। कुछ समय तक तंत्र मंत्र करने के बाद अहिरावण ने उन्हें बलि के लिए देवी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तभी जय श्री राम का जयघोष करते हुए हनुमान वहां पर प्रकट हुए और अहिरावण का वध कर दिया। इसके बाद वह श्री राम और लक्ष्मण को लेकर राम सेना के शिविर में पहुंच गए। मुख्य अतिथि सुनील शर्मा को श्री राम नाटक समिति की ओर से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन बेहतरीन तरीके से किया जा रहा है। इसके लिए कलाकार और समिति बधाई की पात्र है।
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-सुनील शर्मा ने की कलाकारों की सराहना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में चल रही रामलीला में नौवें दिन अहिरावण वध और पाताल विजय की प्रस्तुति दी गई। अहिरावण का वध होते ही दर्शकों ने श्री राम नाम के जयकारे लगाए। इस अवसर पर राज्य सहकारी बैंक के निदेशक सुनील शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि ने शिरकत की।
पहले दृश्य में लंका के योद्धाओं के वध से चिंतित रावण ने पातालपुरी के राजा अहिरावण का आवाहन किया। रावण ने अहिरावण को राम से बदला लेने का आदेश दिया। जब रात के समय भगवान श्री राम अपने शिविर में आराम कर रहे थे और हनुमान पहरा दे रहे थे। तभी अहिरावण विभीषण का रूप धारण कर वहां पहुंच गया। उसने सभी को तंत्र-मंत्र की शक्ति से मूर्छित कर दिया और श्री राम और लक्ष्मण को पातालपुरी लेकर चला गया। पातालपुरी पहुंचते ही उसने भगवान श्री राम और लक्ष्मण की बलि देने की तैयारी शुरू कर दी। अगले दृश्य में सुबह होने पर वानर सेना श्री राम और लक्ष्मण को शिविर से गायब होने से परेशान और हो गई और चारों ओर खलबली मच गई। इसके बाद हनुमान उनकी खोज में निकल गए और पाताल लोक पहुंचे। जहां मां चंडिका के समक्ष दोनों भाइयों को बलि देने की तैयारी चल रही थी। कुछ समय तक तंत्र मंत्र करने के बाद अहिरावण ने उन्हें बलि के लिए देवी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तभी जय श्री राम का जयघोष करते हुए हनुमान वहां पर प्रकट हुए और अहिरावण का वध कर दिया। इसके बाद वह श्री राम और लक्ष्मण को लेकर राम सेना के शिविर में पहुंच गए। मुख्य अतिथि सुनील शर्मा को श्री राम नाटक समिति की ओर से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन बेहतरीन तरीके से किया जा रहा है। इसके लिए कलाकार और समिति बधाई की पात्र है।
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