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Bilaspur News: बिजली और पानी के दुरुपयोग का आरोप, पूर्व प्रधान ने की कार्रवाई की मांग
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कहा, मंच ने कृषि के नाम पर लिया मीटर, होटल और फैक्टरी में हो रह उपयोग
45 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो जाऊंगा कोर्ट : हंसराज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत सिकरोआ के पूर्व प्रधान हंसराज शर्मा ने नम्होल स्थित एक मंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए विद्युत बाेर्ड, प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंच ने कृषि कार्य के नाम पर बिजली का मीटर लगाया है, लेकिन उसका इस्तेमाल होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
पूर्व प्रधान ने आरोप लगाया कि इस गड़बड़ी पर विद्युत बोर्ड ने सिर्फ 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा कर दिया, जबकि कार्रवाई उस समय से होनी चाहिए जब से मीटर लगाया गया था। कहा कि मंच की ओर से बोरवेल से निकाला गया पानी भी होटल के उपयोग में लाया जा रहा है। इसके साथ ही फैक्टरी से निकलने वाला गंदा पानी खुले में बहाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की उपजाऊ भूमि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक इस पानी को शुद्ध कर फैक्टरी के अंदर ही इस्तेमाल करना जरूरी है, लेकिन नियमों की खुली अवहेलना हो रही है। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि विभाग की ओर सिर्फ सैंपल भरने की औपचारिकता निभाई जाती है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। पूर्व प्रधान ने चेताया कि यदि 45 दिन के भीतर संबंधित विभागों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने मंच के अध्यक्ष पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है।
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45 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो जाऊंगा कोर्ट : हंसराज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत सिकरोआ के पूर्व प्रधान हंसराज शर्मा ने नम्होल स्थित एक मंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए विद्युत बाेर्ड, प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंच ने कृषि कार्य के नाम पर बिजली का मीटर लगाया है, लेकिन उसका इस्तेमाल होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
पूर्व प्रधान ने आरोप लगाया कि इस गड़बड़ी पर विद्युत बोर्ड ने सिर्फ 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा कर दिया, जबकि कार्रवाई उस समय से होनी चाहिए जब से मीटर लगाया गया था। कहा कि मंच की ओर से बोरवेल से निकाला गया पानी भी होटल के उपयोग में लाया जा रहा है। इसके साथ ही फैक्टरी से निकलने वाला गंदा पानी खुले में बहाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की उपजाऊ भूमि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक इस पानी को शुद्ध कर फैक्टरी के अंदर ही इस्तेमाल करना जरूरी है, लेकिन नियमों की खुली अवहेलना हो रही है। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि विभाग की ओर सिर्फ सैंपल भरने की औपचारिकता निभाई जाती है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। पूर्व प्रधान ने चेताया कि यदि 45 दिन के भीतर संबंधित विभागों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने मंच के अध्यक्ष पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है।
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