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बेटे को नौकरी दिलवाने के लिए पूर्व प्रधान पर धोखाधड़ी का आरोप
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शाहतलाई (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल की जेजवीं पंचायत में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर तलाई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कृष्णलाल (85) निवासी जेजवीं ने बताया कि वर्ष 2006 में उसका नाम आईआरडीपी सूची में शामिल था। उसी दौरान तत्कालीन पंचायत प्रधान ने दस्तावेजों में अपने बेटे को उसका गोद लिया बेटा दर्शा दिया। उसके बाद प्रधान के बेटे को आईआरडीपी कोटे से शिक्षा विभाग में नौकरी भी मिल गई। नौकरी मिलने के बाद उसका नाम आईआरडीपी सूची से काट दिया गया।
बीते वर्ष इस बात का पता उसे तब लगा जब पंचायत से परिवार रजिस्टर की नकल ली। उसमें तत्कालीन प्रधान के बेटे का नाम उसके गोद लिए बेटे के रूप में दर्ज था। जुलाई माह में उसने फिर से परिवार रजिस्टर की नकल ली, लेकिन उसमें से तत्कालीन प्रधान के बेटे का नाम हटा दिया गया था। जाहिर है कि आईआरडीपी कोटे से नौकरी लेने के लिए ही यह सब किया गया था। उसकी शिकायत पर न तो तलाई पुलिस और न ही विजिलेंस ने कोई कार्रवाई की। इसके चलते उसने कोर्ट में याचिका दायर की। डीएसपी घुमारवीं अनिल ठाकुर ने बताया कि धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
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कृष्णलाल (85) निवासी जेजवीं ने बताया कि वर्ष 2006 में उसका नाम आईआरडीपी सूची में शामिल था। उसी दौरान तत्कालीन पंचायत प्रधान ने दस्तावेजों में अपने बेटे को उसका गोद लिया बेटा दर्शा दिया। उसके बाद प्रधान के बेटे को आईआरडीपी कोटे से शिक्षा विभाग में नौकरी भी मिल गई। नौकरी मिलने के बाद उसका नाम आईआरडीपी सूची से काट दिया गया।
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बीते वर्ष इस बात का पता उसे तब लगा जब पंचायत से परिवार रजिस्टर की नकल ली। उसमें तत्कालीन प्रधान के बेटे का नाम उसके गोद लिए बेटे के रूप में दर्ज था। जुलाई माह में उसने फिर से परिवार रजिस्टर की नकल ली, लेकिन उसमें से तत्कालीन प्रधान के बेटे का नाम हटा दिया गया था। जाहिर है कि आईआरडीपी कोटे से नौकरी लेने के लिए ही यह सब किया गया था। उसकी शिकायत पर न तो तलाई पुलिस और न ही विजिलेंस ने कोई कार्रवाई की। इसके चलते उसने कोर्ट में याचिका दायर की। डीएसपी घुमारवीं अनिल ठाकुर ने बताया कि धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
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