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बिलासपुर के उपायुक्त बने विवेक भाटिया
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:06 PM IST
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- फोटो : amarujala
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अमर उजाल ब्यूरे
बिलासपुर। बिलासपुर में ऋग्वेद ठाकुर के तबादले के बाद नए उपायुक्त विवेक भाटिया बने। विवेक भाटिया 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जिला हमीरपुर से संबंध रखने वाले आईएएस भाटिया एनआईटी के छात्र हैं। पूर्व में भाटिया डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट के पद पर थे। इससे पहले उपायुक्त लाहौल स्पीति रहे हैं। जहां तत्कालीन विधायक रवि ठाकुर से विवाद के बाद सुर्खियों में आए थे। इसके बाद उपायुक्त पद से हटाकर उन्हें शिमला निदेशालय भेज दिया गया था।
के लिए आगे की डगर आसान नहीं होगी। जिला में कई ऐसे मुद्दे हैं जो सालों से लंबित पड़े हैं। उनसे पार पाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। भाखड़ा विस्थापितों का पुनर्वास एक बड़ी चुनौती रहेगी। इसके अलावा बिलासपुर शहर से अवैध कब्जों को हटाना भी उपायुक्त के लिए आसान नहीं होगा।
गौर रहे कि बिलासपुर शहर भाखड़ा विस्थापितों का शहर है। अभी तक सैकड़ों विस्थापितों का दूसरे स्थान पर पुनर्वास नहीं किया जा सका है। वहीं बिलासपुर शहर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध कब्जों पर कार्रवाई करना भी आसान नहीं होगा। वहीं हाईकोर्ट ने भी गत रोज पहले उपायुक्त बिलासपुर से अवैध कब्जों के मामले में शपथ पत्र दायर करने को कहा है। यह कार्य भी अब नए उपायुक्त को ही करना होगा।
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इसके अलावा फोरलेन, भाखड़ा, कोलडैंम, जेपी और एसीसी प्रभावितों लोगों के मुद्दों से पार पाना भी आसान नहीं होगा। जबकि जिला में टॉवर लाइन में हो रहे धमाकों से हो रहे नुकसान और प्रभावितों को उनका हक आज दिन तक नहीं मिला। उक्त लोगों के आंदोलन से भी विवेक भाटिया को पार पाना होगा। इसके अलावा पार्किंग की समस्या से पार पाना होगा। इसके अलावा पूर्व में उपायुक्त द्वारा जनहित में लिए गए कई मुख्य फैसलों को आगे बढ़ाना भी चुनौती होगी।
उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने अपने हंसमुख स्वभाव के चलते लोगों के दिलों में जगह बनाई है। चाहे कितनी भी बड़ी समस्या हो उनके चेहरे पर कभी शिकन तक नहीं देखी गई। अपने करीब 18 महीनों के कार्यकाल में जहां ऋग्वेद ठाकुर ने जेपी कंपनी के पास फंसे ऑपरेटरों के करोड़ों रुपये दिलाने में अहम भूमिका अदा की। वहीं जिला को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में टॉप टेन में स्थान मिला। रेलवे का सर्वे करवाया। एम्स जमीन विवाद खत्म करवाने में भूमिका अदा की। इसके अलावा सैलानियों की सुविधा के लिए एनएच पर शौचालयों के निर्माण करवाए। अपने कार्यकाल में ऋग्वेद ठाकुर ने लोगों को घरद्वार बेहतर सुविधा पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया।
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बिलासपुर। बिलासपुर में ऋग्वेद ठाकुर के तबादले के बाद नए उपायुक्त विवेक भाटिया बने। विवेक भाटिया 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जिला हमीरपुर से संबंध रखने वाले आईएएस भाटिया एनआईटी के छात्र हैं। पूर्व में भाटिया डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट के पद पर थे। इससे पहले उपायुक्त लाहौल स्पीति रहे हैं। जहां तत्कालीन विधायक रवि ठाकुर से विवाद के बाद सुर्खियों में आए थे। इसके बाद उपायुक्त पद से हटाकर उन्हें शिमला निदेशालय भेज दिया गया था।
के लिए आगे की डगर आसान नहीं होगी। जिला में कई ऐसे मुद्दे हैं जो सालों से लंबित पड़े हैं। उनसे पार पाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। भाखड़ा विस्थापितों का पुनर्वास एक बड़ी चुनौती रहेगी। इसके अलावा बिलासपुर शहर से अवैध कब्जों को हटाना भी उपायुक्त के लिए आसान नहीं होगा।
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गौर रहे कि बिलासपुर शहर भाखड़ा विस्थापितों का शहर है। अभी तक सैकड़ों विस्थापितों का दूसरे स्थान पर पुनर्वास नहीं किया जा सका है। वहीं बिलासपुर शहर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध कब्जों पर कार्रवाई करना भी आसान नहीं होगा। वहीं हाईकोर्ट ने भी गत रोज पहले उपायुक्त बिलासपुर से अवैध कब्जों के मामले में शपथ पत्र दायर करने को कहा है। यह कार्य भी अब नए उपायुक्त को ही करना होगा।
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इसके अलावा फोरलेन, भाखड़ा, कोलडैंम, जेपी और एसीसी प्रभावितों लोगों के मुद्दों से पार पाना भी आसान नहीं होगा। जबकि जिला में टॉवर लाइन में हो रहे धमाकों से हो रहे नुकसान और प्रभावितों को उनका हक आज दिन तक नहीं मिला। उक्त लोगों के आंदोलन से भी विवेक भाटिया को पार पाना होगा। इसके अलावा पार्किंग की समस्या से पार पाना होगा। इसके अलावा पूर्व में उपायुक्त द्वारा जनहित में लिए गए कई मुख्य फैसलों को आगे बढ़ाना भी चुनौती होगी।
उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने अपने हंसमुख स्वभाव के चलते लोगों के दिलों में जगह बनाई है। चाहे कितनी भी बड़ी समस्या हो उनके चेहरे पर कभी शिकन तक नहीं देखी गई। अपने करीब 18 महीनों के कार्यकाल में जहां ऋग्वेद ठाकुर ने जेपी कंपनी के पास फंसे ऑपरेटरों के करोड़ों रुपये दिलाने में अहम भूमिका अदा की। वहीं जिला को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में टॉप टेन में स्थान मिला। रेलवे का सर्वे करवाया। एम्स जमीन विवाद खत्म करवाने में भूमिका अदा की। इसके अलावा सैलानियों की सुविधा के लिए एनएच पर शौचालयों के निर्माण करवाए। अपने कार्यकाल में ऋग्वेद ठाकुर ने लोगों को घरद्वार बेहतर सुविधा पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया।