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मजदूर संघ बोला नहीं करेंगे कांग्रेस का समर्थन
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:09 AM IST
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बरमाणा (बिलासपुर)। भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ प्रदेशाध्यक्ष शिवराम सांख्यान ने कहा कि विधानसभा चुनाव में श्रमिक विरोधी नीतियों के चलते प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का समर्थन नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली जेएनयू में हुए प्रकरण में कांग्रेस देशद्रोह करने वालों के समर्थन में आगे आई और भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस ने सवाल उठाए और सेना के मनोबल को गिराने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पिछले 5 साल में प्रदेश के कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का निराकरण करने में विफल रही है। प्रदेश के कर्मचारियों को सरकार से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की उम्मीद थी। लेकिन, 4-9-14 का लाभ भी समस्त श्रमिकों को नहीं मिला है। मजदूरों के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन को भी लागू नहीं किया गया।
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कहा कि बार-बार मांग करने पर भी मिड-डे मील वर्करों, आशा वर्करों व अन्य श्रमिकों के मानदेय में नाममात्र बढ़ोतरी की गई। विभिन्न विकास खंडों में पंचायतों के अधीन काम कर रहीं सिलाई-कटाई अध्यापिकाओं को उच्च न्यायालय ने न्यूनतम वेतन प्रदान करने और तीन महीनों में नियमितिकरण के लिए पॉलिसी बनाने के आदेश दिए थे। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने रोक लगा दी।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली जेएनयू में हुए प्रकरण में कांग्रेस देशद्रोह करने वालों के समर्थन में आगे आई और भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस ने सवाल उठाए और सेना के मनोबल को गिराने का प्रयास किया।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पिछले 5 साल में प्रदेश के कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का निराकरण करने में विफल रही है। प्रदेश के कर्मचारियों को सरकार से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की उम्मीद थी। लेकिन, 4-9-14 का लाभ भी समस्त श्रमिकों को नहीं मिला है। मजदूरों के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन को भी लागू नहीं किया गया।
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कहा कि बार-बार मांग करने पर भी मिड-डे मील वर्करों, आशा वर्करों व अन्य श्रमिकों के मानदेय में नाममात्र बढ़ोतरी की गई। विभिन्न विकास खंडों में पंचायतों के अधीन काम कर रहीं सिलाई-कटाई अध्यापिकाओं को उच्च न्यायालय ने न्यूनतम वेतन प्रदान करने और तीन महीनों में नियमितिकरण के लिए पॉलिसी बनाने के आदेश दिए थे। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने रोक लगा दी।