फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   श्रीनयना देवी में शीश नवाकर हजारों श्रद्धालुओं ने किया नववर्ष का आगाज

श्रीनयना देवी में शीश नवाकर हजारों श्रद्धालुओं ने किया नववर्ष का आगाज

Mon, 31 Dec 2018 09:11 PM IST
Devender Devender Kumar Kumar
Updated Mon, 31 Dec 2018 09:11 PM IST
विज्ञापन
श्रीनयना देवी में शीश नवाकर हजारों श्रद्धालुओं ने किया नववर्ष का आगाज
श्रीनयनादेवी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्रीनयनादेवी में हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर नववर्ष का आगाज किय। 31 दिसंबर के दिन हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे। रात 12 बजे मां विशेष आरती की गईं।
विज्ञापन

नयनादेवी में पांच दिवसीय शुरू हो गए हैं। नववर्ष मेलों का 2 जनवरी को समाप्त होगा। रोजाना होने वाली चार आरतियों को एक साथ किया जाएगा। देर शाम तक भी मां के दर्शनों के लिए भक्तों का आना जारी था।
विज्ञापन

रात के समय माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मेला न्यास की मानें तो नववर्ष मेलों में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेककर नववर्ष का आगाज किया और सुख-शांति की मनोकामनाएं की। ताकि मां की कृपा उन पर व उनके परिवार पर साल भर बनी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस और प्रशासन ने नववर्ष मेलों में सुरक्षा और प्रबंधों के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। मंदिर को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया है। पंजाब से आए कारीगरों ने बड़े ही अच्छे ढंग से तीन दिन में मंदिर की सजावट का कार्य पूर्ण किया है। मंदिर अधिकारी दुर्गा दास के मुताबिक श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
मेला पुलिस अधिकारी संजय शर्मा ने भी पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। श्रद्धालु आराम से माता के दर्शन करके खुशी-खुशी अपने घरों को लौटें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह लंगरों की व्यवस्था की गई है। पंजाब की समाजसेवी संस्थाओं द्वारा यहां पर श्रद्धालुओं को हर तरह के व्यंजन परोसे जा रहे हैं।

मेले को लेकर मां श्रीनयनादेवी की चार आरतियां एक साथ रात 12 बजे की गईं। इन आरतियों को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सायं आरती जो साढ़े सात होती है, इसमें मां का दरबार बंद होने के बाद स्नान करवाया जाता है, जबकि रात को सोने वाले वस्त्र मां को पहनाए जाते हैं। दूसरी आरती शयन आरती होती है। इसमें मां की सोने की सेज सजाई जाती है यह आरती रोजान साढ़े नौ बजे होती है। तीसरी मंगल आरती रोजाना सुबह चार बजे होती है। इसमें माता को नींद से उठाया जाता है। चौथी आरती प्रात: कालीन शृंगार आरती होती है, इस आरती को रोजाना छह बजे किया जाता है। इसमें माता का स्नान व शृंगार होता है। मां के वस्त्र बदले जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed