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शिक्षा विभाग के फरमानों को संघ ने नकारा
Updated Sun, 15 Oct 2017 11:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) बिलासपुर में सीएंडवी अध्यापकों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक जिला प्रधान कश्मीर चंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के डीएलएंड के फरमान को सिरे से नकार दिया है। संघ का कहना है कि विभाग के तुगलगकी फरमानों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर जिला प्रधान ने कहा कि विभाग ने सीएंडवी शिक्षकों के लिए डीएलएंड और बारहवीं में 50 प्रतिशत अंक का जो फरमान जारी किया गया है, उसका संघ पूरे तरीके से विरोध करता है। संघ में दो टूक कहा है कि विभाग के तुगलकी फरमान को स्वीकार नहीं करेगा। सितंबर 2001 से 2017 तक नियुक्त सीएंडवी शिक्षकों को विभाग की ओर से डीएलएंड करने करने के फरमान जारी किए गए हैं, जबकि शिक्षकों की नियुक्तियां आरएंडपी रूल के तहत हुई है। प्रधान का कहना है कि सभी शिक्षक प्रशिक्षित हैं। इसके तहत यह शर्त अध्यापकों पर थोपना सरासर गलत है। अगर सरकार इस तरफ ध्यान नहीं देती है तो संघ आने वाले चुनावों में इसका करारा जवाब देगा। इसके साथ ही संघ ने भी एलान किया है कि चुनावों में उसी का समर्थन किया जाएगा जो अध्यापकों का समर्थन करेगा।
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बिलासपुर।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) बिलासपुर में सीएंडवी अध्यापकों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक जिला प्रधान कश्मीर चंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के डीएलएंड के फरमान को सिरे से नकार दिया है। संघ का कहना है कि विभाग के तुगलगकी फरमानों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर जिला प्रधान ने कहा कि विभाग ने सीएंडवी शिक्षकों के लिए डीएलएंड और बारहवीं में 50 प्रतिशत अंक का जो फरमान जारी किया गया है, उसका संघ पूरे तरीके से विरोध करता है। संघ में दो टूक कहा है कि विभाग के तुगलकी फरमान को स्वीकार नहीं करेगा। सितंबर 2001 से 2017 तक नियुक्त सीएंडवी शिक्षकों को विभाग की ओर से डीएलएंड करने करने के फरमान जारी किए गए हैं, जबकि शिक्षकों की नियुक्तियां आरएंडपी रूल के तहत हुई है। प्रधान का कहना है कि सभी शिक्षक प्रशिक्षित हैं। इसके तहत यह शर्त अध्यापकों पर थोपना सरासर गलत है। अगर सरकार इस तरफ ध्यान नहीं देती है तो संघ आने वाले चुनावों में इसका करारा जवाब देगा। इसके साथ ही संघ ने भी एलान किया है कि चुनावों में उसी का समर्थन किया जाएगा जो अध्यापकों का समर्थन करेगा।