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Bilaspur News: टिहरी के अनार क्लस्टर में 22 टन उत्पादन, 200 रुपये किलो तक मिले दाम
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टिहरी क्लस्टर में निरीक्षण पर पहुंचे उपायुक्त बागवानों से बातचीत करते हुए। स्रोत: डीपीआर
एचपी शिवा परियोजना से 44 बागवानों को लाभ, 8.8 हेक्टेयर में उगाई जा रही भगवा किस्म
सिंचाई, ड्रिप प्रणाली, बाड़बंदी की सुविधा से बागवानों को मिल रही मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के टिहरी क्षेत्र में एचपी शिवा परियोजना के तहत विकसित अनार क्लस्टर बागवानों की आय बढ़ाने में मददगार बन रहा है। क्लस्टर में 44 बागवान 8.8 हेक्टेयर भूमि पर भगवा किस्म के अनार की खेती कर रहे हैं। अब तक करीब 22 मीट्रिक टन उत्पादन हो चुका है। बागवानों को अनार के 150 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक दाम मिल रहे हैं।
शनिवार को उपायुक्त राहुल कुमार ने टिहरी स्थित अनार क्लस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने बागवानों से उत्पादन, विपणन और परियोजना के तहत मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उद्यान विभाग के उपनिदेशक जगदीश वर्मा भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने बागवानों को उत्पादन और विपणन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि बागवानी और फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम हैं। किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप लाभकारी फसलों का चयन करना चाहिए। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से उपज की गुणवत्ता बनाए रखने और बेहतर दाम प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
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उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्लस्टर में वर्ष 2021 में अनार के 2263 पौधे लगाए गए थे। वर्ष 2022 में 6602 पौधों का रोपण किया गया। इस तरह यहां कुल 8865 पौधे लगाए गए हैं।
एचपी शिवा परियोजना के तहत बागवानों को ड्रिप सिंचाई प्रणाली, सिंचाई सुविधा, खेतों की बाड़बंदी और उन्नत किस्म के पौधे उपलब्ध करवाए गए हैं। इन सुविधाओं से वैज्ञानिक तरीके से बागवानी करने और पानी का बेहतर उपयोग करने में मदद मिल रही है। प्रदेश के साथ बाहरी राज्यों के बाजारों में भी अनार की मांग मिलने से बागवानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं।
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सिंचाई, ड्रिप प्रणाली, बाड़बंदी की सुविधा से बागवानों को मिल रही मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के टिहरी क्षेत्र में एचपी शिवा परियोजना के तहत विकसित अनार क्लस्टर बागवानों की आय बढ़ाने में मददगार बन रहा है। क्लस्टर में 44 बागवान 8.8 हेक्टेयर भूमि पर भगवा किस्म के अनार की खेती कर रहे हैं। अब तक करीब 22 मीट्रिक टन उत्पादन हो चुका है। बागवानों को अनार के 150 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक दाम मिल रहे हैं।
शनिवार को उपायुक्त राहुल कुमार ने टिहरी स्थित अनार क्लस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने बागवानों से उत्पादन, विपणन और परियोजना के तहत मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उद्यान विभाग के उपनिदेशक जगदीश वर्मा भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने बागवानों को उत्पादन और विपणन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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उन्होंने कहा कि बागवानी और फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम हैं। किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप लाभकारी फसलों का चयन करना चाहिए। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से उपज की गुणवत्ता बनाए रखने और बेहतर दाम प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
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उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्लस्टर में वर्ष 2021 में अनार के 2263 पौधे लगाए गए थे। वर्ष 2022 में 6602 पौधों का रोपण किया गया। इस तरह यहां कुल 8865 पौधे लगाए गए हैं।
एचपी शिवा परियोजना के तहत बागवानों को ड्रिप सिंचाई प्रणाली, सिंचाई सुविधा, खेतों की बाड़बंदी और उन्नत किस्म के पौधे उपलब्ध करवाए गए हैं। इन सुविधाओं से वैज्ञानिक तरीके से बागवानी करने और पानी का बेहतर उपयोग करने में मदद मिल रही है। प्रदेश के साथ बाहरी राज्यों के बाजारों में भी अनार की मांग मिलने से बागवानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं।