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मिड-डे मील कर्मियों का वेतन पांच हजार रुपये किया जाए
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। मिड-डे मील वर्कर यूनियन और हिमाचल शिक्षक संघ की जिलास्तरीय संयुक्त बैठक एनजीओ भवन बिलासपुर में हुई जिसकी अध्यक्षता हिमाचल शिक्षक संघ के प्रदेश प्रधान प्रेम शर्मा ने की। बैठक में प्रो. यशवंत राणा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। बैठक के माध्यम से शिक्षक संघ व मिड-डे मील यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिड-डे मील कर्मियों के लिए ठोस नीति तैयार करने की मांग की।
बैठक में कहा गया कि मिड-डे कर्मी पूरा दिन विद्यार्थियों के लिए रसोई में खाना तैयार करने से लेकर, रसोई को साफ रखने का कार्य करते हैं लेकिन मानदेय के रूप में उन्हें केवल 1800 रुपये प्रतिमाह प्रदान किया जा रहा है जो काफी कम है। मिड-डे मील कर्मियों का वेतन कम से कम पांच हजार रुपये किया जाना चाहिए। मिड-डे मील कर्मियों को अन्य कर्मचारियों की तरह छुट्टियों का वेतन, महिला कर्मचारियों को रक्षाबंधन, भैयादूज व करवाचौथ का अवकाश प्रदान किया जाना चाहिए। बैठक में स्कूलों में विद्यार्थियों के कम होने पर हटाए जा रहे मिड-डे मील कर्मियों को हटाने को अन्याय पूर्ण बताया है।
संघ का कहना है कि मिड-डे मील कर्मी 14 वर्ष से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं लेकिन किसी भी सरकार ने मिड-डे मील कर्मियों की ओर ध्यान नहीं दिया है। मिड-डे मील कर्मियों को जो वेतन दिया जा रहा है वह काफी कम है तथा उससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल है। शिक्षक संघ ने 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों को नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन देने की मांग की है। वर्ष 1996 से 1998 समयावधि के दौरान लगे अनुबंध शिक्षकों को आठ वर्ष के स्थान पर 11 वर्ष के बाद नियमित किया गया। ऐसे में शिक्षकों को आठ वर्ष के बाद का वित्तीय लाभ, वरिष्ठता व अर्जित अवकाश से वंचित रहना पड़ा है। 2009 के बाद नियमित हुए शिक्षकों को सभी लाभ देने का आग्रह किया है। संघ ने सेवानिवृत्ति की आयु को 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग की।
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बैठक में प्रदेश कार्यकारी प्रधान पवन शर्मा गांधी, महासचिव लायकराम शर्मा, आयोजन सचिव दीनानाथ, जिला बिलासपुर के प्रधान इंद्रपाल ठाकुर, महासचिव सीता देवी, महासचिव रामपाल आदि उपस्थित रहे।
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बिलासपुर। मिड-डे मील वर्कर यूनियन और हिमाचल शिक्षक संघ की जिलास्तरीय संयुक्त बैठक एनजीओ भवन बिलासपुर में हुई जिसकी अध्यक्षता हिमाचल शिक्षक संघ के प्रदेश प्रधान प्रेम शर्मा ने की। बैठक में प्रो. यशवंत राणा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। बैठक के माध्यम से शिक्षक संघ व मिड-डे मील यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिड-डे मील कर्मियों के लिए ठोस नीति तैयार करने की मांग की।
बैठक में कहा गया कि मिड-डे कर्मी पूरा दिन विद्यार्थियों के लिए रसोई में खाना तैयार करने से लेकर, रसोई को साफ रखने का कार्य करते हैं लेकिन मानदेय के रूप में उन्हें केवल 1800 रुपये प्रतिमाह प्रदान किया जा रहा है जो काफी कम है। मिड-डे मील कर्मियों का वेतन कम से कम पांच हजार रुपये किया जाना चाहिए। मिड-डे मील कर्मियों को अन्य कर्मचारियों की तरह छुट्टियों का वेतन, महिला कर्मचारियों को रक्षाबंधन, भैयादूज व करवाचौथ का अवकाश प्रदान किया जाना चाहिए। बैठक में स्कूलों में विद्यार्थियों के कम होने पर हटाए जा रहे मिड-डे मील कर्मियों को हटाने को अन्याय पूर्ण बताया है।
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संघ का कहना है कि मिड-डे मील कर्मी 14 वर्ष से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं लेकिन किसी भी सरकार ने मिड-डे मील कर्मियों की ओर ध्यान नहीं दिया है। मिड-डे मील कर्मियों को जो वेतन दिया जा रहा है वह काफी कम है तथा उससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल है। शिक्षक संघ ने 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों को नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन देने की मांग की है। वर्ष 1996 से 1998 समयावधि के दौरान लगे अनुबंध शिक्षकों को आठ वर्ष के स्थान पर 11 वर्ष के बाद नियमित किया गया। ऐसे में शिक्षकों को आठ वर्ष के बाद का वित्तीय लाभ, वरिष्ठता व अर्जित अवकाश से वंचित रहना पड़ा है। 2009 के बाद नियमित हुए शिक्षकों को सभी लाभ देने का आग्रह किया है। संघ ने सेवानिवृत्ति की आयु को 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग की।
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बैठक में प्रदेश कार्यकारी प्रधान पवन शर्मा गांधी, महासचिव लायकराम शर्मा, आयोजन सचिव दीनानाथ, जिला बिलासपुर के प्रधान इंद्रपाल ठाकुर, महासचिव सीता देवी, महासचिव रामपाल आदि उपस्थित रहे।