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टिहरा टनल हादसे की पुलिस ने बनाई क्लोजर रिपोर्ट
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बिलासपुर। वर्ष 2015 में हुए टिहरा टनल हादसे की पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट बना कर कोर्ट में पेश कर दी है। पुलिस ने करीब तीन साल की छानबीन के बाद पूरे मामले की क्लोजर रिपोर्ट तैयार की है क्योंकि छानबीन के बाद यह पता नहीं लग पाया है कि हादसे के कारण और उसका जिम्मेवार कौन था।
उल्लेखनीय है कि साल 2015 में टिहरा टनल के धंस जाने से इसमें तीन मजदूर दफन हो गए थे लेकिन जिला प्रशासन के प्रयासों के बाद दस दिनों के बाद दो मजदूरों को जिंदा निकाल लिया गया था। जबकि एक का शव करीब दो साल बाद मिला था। इसके बाद से पुलिस मामले की ंजांच कर रही थी।
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इधर, फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव व पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान अवैध रूप से लाया गया बारूद प्रयोग किया गया है। कहा कि ब्लास्टिंग मानकों के अनुसार नहीं हुई है जिस कारण पहाड़ों में दरारें आ गई हैं। टिहरा टनल हादसा इसी का कारण है लेकिन पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुंची है ऐसा लग रहा है।
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कहा कि समिति इस पूरे मामले की स्टेट्स रिपोर्ट लेगी और इस मामले में फिर जांच की मांग के लिए कोर्ट में जाएगी ताकि इस हादसे के कारणों और उसके दोषी लोगों को सजा मिल सके क्योंकि इस हादसे में जहां एक व्यक्ति की मौत हुई है वहीं दो लोगों को बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किया गया है। समिति मानती है कि यह हादसा निर्माण कार्य कर रही कंपनी की लापरवाही से हुआ है। स्टेट्स रिपोर्ट मिलते ही आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।