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घुमारवीं में पांच नए लोग डायरिया की चपेट में आए
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत आने वाले गांव पंतेहड़ा, बंदेहड़ा, थयूला, गोहर गांवों में फैला डायरिया रोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार इस क्षेत्र में पांच लोग डायरिया रोग से पीड़ित पाए गए।
इन डायरिया पीड़ित लोगों में अमरनाथ 78 पंतेहड़ा, सुनीता 46 गोहर, अजय 30 पंतेहड़ा, सरला 55 बंदेहड़ा व ज्योति 22 पंतेहड़ा शामिल हैं। इन गांवों में डायरिया रोग कैसे फैला इसको लेकर अभी तक स्वास्थ्य विभाग किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है।
बताया जा रहा है कि गांव थयूला में एक हैंडपंप सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थापित किया गया है। इस हैंडपंप तथा पेयजल आपूर्ति के पानी के सैंपल विभाग की ओर से लिए गए थे। इस क्षेत्र में पीने के पानी की जो सप्लाई दी जाती है उसके इस क्षेत्र में 11 टैंक हैं तथा कई गांवों को पेयजल आपूर्ति दी जाती है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो डायरिया रोग कुछ ही क्षेत्र में फैला हुआ है। इनका कहना है कि यदि पेयजल दूषित होता तो सभी गांवों के लोग डायरिया की चपेट में आ सकते थे।
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उधर थयूला गांव में लगाए गए हैंड पंप की आज सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्लोरीन डालकर फ्लशिंग करवा दी है। विभाग के सहायक अभियंता बीएल डोगरा का कहना है कि इस हैंडपंप के पानी का जो लोग प्रयोग करते हैं वे लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सहायक अभियंता ने बताया कि स्थानीय लोगों के समक्ष इस हैंडपंप को खोला गया तथा 400 ग्राम क्लोरीन डालकर इसकी बाकायदा फ्लशिंग करवाई गई।
बीएमओ घुमारवीं कमल किशोर शर्मा का कहना है कि 5 नए मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में डटी हुई है। सभी बीमार लोगों को उनके घर पर ही दवाइयां दी जा रही हैं। जो लोग शुरुआती दौर में बीमार थे वे लोग अब स्वस्थ हैं। जब तक इस गांव से डायरिया रोग पूर्ण रुप से समाप्त नहीं हो जाता तब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम इन्हीं गांव में कार्य करती रहेगी।
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घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत आने वाले गांव पंतेहड़ा, बंदेहड़ा, थयूला, गोहर गांवों में फैला डायरिया रोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार इस क्षेत्र में पांच लोग डायरिया रोग से पीड़ित पाए गए।
इन डायरिया पीड़ित लोगों में अमरनाथ 78 पंतेहड़ा, सुनीता 46 गोहर, अजय 30 पंतेहड़ा, सरला 55 बंदेहड़ा व ज्योति 22 पंतेहड़ा शामिल हैं। इन गांवों में डायरिया रोग कैसे फैला इसको लेकर अभी तक स्वास्थ्य विभाग किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है।
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बताया जा रहा है कि गांव थयूला में एक हैंडपंप सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थापित किया गया है। इस हैंडपंप तथा पेयजल आपूर्ति के पानी के सैंपल विभाग की ओर से लिए गए थे। इस क्षेत्र में पीने के पानी की जो सप्लाई दी जाती है उसके इस क्षेत्र में 11 टैंक हैं तथा कई गांवों को पेयजल आपूर्ति दी जाती है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो डायरिया रोग कुछ ही क्षेत्र में फैला हुआ है। इनका कहना है कि यदि पेयजल दूषित होता तो सभी गांवों के लोग डायरिया की चपेट में आ सकते थे।
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उधर थयूला गांव में लगाए गए हैंड पंप की आज सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्लोरीन डालकर फ्लशिंग करवा दी है। विभाग के सहायक अभियंता बीएल डोगरा का कहना है कि इस हैंडपंप के पानी का जो लोग प्रयोग करते हैं वे लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सहायक अभियंता ने बताया कि स्थानीय लोगों के समक्ष इस हैंडपंप को खोला गया तथा 400 ग्राम क्लोरीन डालकर इसकी बाकायदा फ्लशिंग करवाई गई।
बीएमओ घुमारवीं कमल किशोर शर्मा का कहना है कि 5 नए मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में डटी हुई है। सभी बीमार लोगों को उनके घर पर ही दवाइयां दी जा रही हैं। जो लोग शुरुआती दौर में बीमार थे वे लोग अब स्वस्थ हैं। जब तक इस गांव से डायरिया रोग पूर्ण रुप से समाप्त नहीं हो जाता तब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम इन्हीं गांव में कार्य करती रहेगी।