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सिंचाई सुविधा न होने से 50 हेक्टेयर भूमि पर नहीं हुई धान की बिजाई
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:47 PM IST
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शाहतलाई (बिलासपुर)। शाहतलाई के नघ्यार पंचायत में सिंचाई सुविधा न होने से 50 हेक्टेयर भूमि पर धान की बिजाई नहीं हो पाई है। जबकि खेतों को सिंचने के लिए 12 लाख रुपये से बनाई गई पानी की कूल्हें सूखी पड़ी हुई हैं। किसानों ने मांग की है कि सरयाली खड्ड पर बांध का निर्माण किया जाए ताकि कूल्हों के जरिये खेतों की सिंचाई की जा सके और धान की बिजाई की जा सके।
शाहतलाई कस्बा के साथ लगती नघ्यार पंचायत के भगतपुर के किसानों ने धान और गेहूं की अच्छी पैदावार कर जिले में अपना नाम कमाया है। भगतपुर गांव को गेहूं की अच्छी पैदावार पर कृषि विभाग की ओर से सीड विलेज के नाम से ख्याति प्राप्त हुई है। कृषि विभाग द्वारा यहां के किसानों द्वारा तैयार किया गेहूं का बीज खरीदा गया है, लेकिन गांव में सिंचाई सुविधा न होने के चलते कृषकों को बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ता है। बारिश न होने के कारण 50 हेक्टेयर भूमि पर धान की बिजाई नहीं हो जिससे इस गांव के किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा।
वर्ष 2003-2004 में इस क्षेत्र के लिए मृदा संरक्षण विभाग की ओर से बहाव सिंचाई योजना के तहत 12 लाख रुपये की लागत से कूल्हों का निर्माण कार्य किसानों की कमेटी बनाकर करवाया गया था। लेकिन किसानों को सरयाली खड्ड पर अस्थाई बांध बनाना पड़ता है। जोकि बरसात में टूट जाता है। लेकिन, खड्डों का जलस्तर बाढ़ के चलते नीचे चला गया है। अगर सरयाली खड्ड पर 5 फीट के करीब पक्का बांध बना दिया जाए, तो किसानों के लिए काफी लाभ हो सकता है। कंक्रीट का बांध लग जाने से भगतपुर गांव के साथ-साथ नगर पंचायत शाहतलाई केे वार्ड-5 बढ़याह के किसानों को भी काफी लाभ हो सकता है।
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स्थानीय किसानों मनिंद्र सिंह चंदेल, रोशन लाल, केहर सिंह, सीताराम, मदनलाल, प्यार सिंह, प्रीतम चंद, जोगिंद्र सिंह, कर्मचंद, रामकृष्ण व प्रकाश चंद का कहना है कि अगर इस क्षेत्र के लिए योजना बनती है तो सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा और इस क्षेत्र में फसलों की अच्छी पैदावार हो सकेगी।
लोगों ने विभाग व सरकार से मांग की है कि उपरोक्त क्षेत्र की इस समस्या का समाधान किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को सुविधा मिल सके। अगर यह सुविधा मिलती है तो किसानों को अपनी आजीविका कमाने के लिए बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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शाहतलाई कस्बा के साथ लगती नघ्यार पंचायत के भगतपुर के किसानों ने धान और गेहूं की अच्छी पैदावार कर जिले में अपना नाम कमाया है। भगतपुर गांव को गेहूं की अच्छी पैदावार पर कृषि विभाग की ओर से सीड विलेज के नाम से ख्याति प्राप्त हुई है। कृषि विभाग द्वारा यहां के किसानों द्वारा तैयार किया गेहूं का बीज खरीदा गया है, लेकिन गांव में सिंचाई सुविधा न होने के चलते कृषकों को बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ता है। बारिश न होने के कारण 50 हेक्टेयर भूमि पर धान की बिजाई नहीं हो जिससे इस गांव के किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा।
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वर्ष 2003-2004 में इस क्षेत्र के लिए मृदा संरक्षण विभाग की ओर से बहाव सिंचाई योजना के तहत 12 लाख रुपये की लागत से कूल्हों का निर्माण कार्य किसानों की कमेटी बनाकर करवाया गया था। लेकिन किसानों को सरयाली खड्ड पर अस्थाई बांध बनाना पड़ता है। जोकि बरसात में टूट जाता है। लेकिन, खड्डों का जलस्तर बाढ़ के चलते नीचे चला गया है। अगर सरयाली खड्ड पर 5 फीट के करीब पक्का बांध बना दिया जाए, तो किसानों के लिए काफी लाभ हो सकता है। कंक्रीट का बांध लग जाने से भगतपुर गांव के साथ-साथ नगर पंचायत शाहतलाई केे वार्ड-5 बढ़याह के किसानों को भी काफी लाभ हो सकता है।
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स्थानीय किसानों मनिंद्र सिंह चंदेल, रोशन लाल, केहर सिंह, सीताराम, मदनलाल, प्यार सिंह, प्रीतम चंद, जोगिंद्र सिंह, कर्मचंद, रामकृष्ण व प्रकाश चंद का कहना है कि अगर इस क्षेत्र के लिए योजना बनती है तो सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा और इस क्षेत्र में फसलों की अच्छी पैदावार हो सकेगी।
लोगों ने विभाग व सरकार से मांग की है कि उपरोक्त क्षेत्र की इस समस्या का समाधान किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को सुविधा मिल सके। अगर यह सुविधा मिलती है तो किसानों को अपनी आजीविका कमाने के लिए बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।