हिमाचल ने पर्यटकों के लिए खोलीं सीमाएं, कोरोना रिपोर्ट निगेटिव वाले होटल में पांच दिन की बुकिंग पर आ सकेंगे
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हिमाचल सरकार ने सैलानियों के लिए प्रदेश की सीमाएं खोल दी हैं। शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने पर्यटन गतिविधियां शुरू करने की गाइडलाइन जारी कर दी है। अब होटल में पांच दिन की बुकिंग पर कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट वाले सैलानी प्रदेश में आ सकेंगे। आईसीएमआर से पंजीकृत लैब से 72 घंटे पहले कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए। पर्यटकों को कर्फ्यू पास की जरूरत नहीं होगी। उन्हें प्रदेश सरकार की कोविड ई-पास वेबसाइट पर 48 घंटे पहले पंजीकरण कराना होगा। होटलों की एडवांस बुकिंग करवाने वाले सैलानियों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में ठप चल रही पर्यटन गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट वाले सैलानियों को प्रदेश में एंट्री देने का आखिरकार सरकार ने फैसला ले लिया है। पर्यटकों को कम से कम पांच दिन की बुकिंग करानी होगी। पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित अन्य राज्यों की गाइडलाइन पर भी हिमाचल सरकार ने मंथन किया है। बता दें कि वीरवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में एक सप्ताह के भीतर पर्यटन गतिविधियां शुरू करने का खुलासा किया था। प्रदेश के रेस्तरां और ढाबों में 60 फीसदी आक्यूपेंसी ही आने वाले दिनों में जारी रहेगी। इसको लेकर आने वाले दिनों में पर्यटन विभाग ही कोई बदलाव करने के लिए अधिकृत होगा।
निजी होटल मालिकों को मनाना नहीं आसान
प्रदेश के निजी होटल मालिक अभी होटल खोलने के लिए तैयार नहीं है। कारोबारियों का मत है कि समर सीजन प्रदेश में समाप्त हो चुका है। बरसात के दौरान बहुत कम लोग प्रदेश में आते हैं। कोरोना संक्रमण के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सितंबर में होटलों को खोलने का फैसला लेना चाहिए। उधर, पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए कमर कस चुकी प्रदेश सरकार के लिए निजी कारोबारियों को तैयार करना चुनौती भरा काम रहेगा।
सवा तीन महीने बाद दोबारा लौटेगी पर्यटकों की रौनक
हिमाचल करीब सवा तीन महीने बाद दोबारा से पर्यटकों से गुलजार होने वाला है। सरकार के नए फैसले से पर्यटन उद्योग के पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। सरकार ने निजी होटलियर्स से चर्चा और उन्हें विश्वास में लेने के बाद शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी की है। सरकार के इस फैसले से पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रदेश के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस साल का समर सीजन पर्यटकों के बिना गुजरा है। मार्च के आखिरी सप्ताह से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां बंद पड़ी हैं। लॉकडाउन के चलते प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों की कमर टूट गई है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। सरकार ने हालांकि कम ब्याज पर ऋण देने की योजना शुरू की है। बिजली बिल का डिमांड चार्ज भी टाला है, लेकिन इन राहतों के बावजूद हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। सरकार के फैसले से मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को प्रदेश के ठंडे मौसम का लाभ मिलेगा। बीते दिनों ही सरकार ने बसों में सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी को मंजूरी दी है। इस फैसले से जनता सहित निजी ऑपरेटरों और एचआरटीसी को बड़ी राहत मिली है।
अब बाहरी राज्यों के लोगों के लिए प्रदेश के दरवाजे खोलकर सरकार ने आर्थिक स्थिति को और बेहतर करने को बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने को गाइडलाइन में पुख्ता इंतजाम किए हैं। आईसीएमआर से पंजीकृत लैब से कोरोना की जांच में निगेटिव आने वालों को ही सरकार प्रदेश में आने की मंजूरी देगी। ई पास पोर्टल पर सैलानियों का पंजीकरण होने के बाद पर्यटन विभाग के अधिकारी प्रदेश में इनकी लगातार मॉनीटरिंग भी करेंगे।
सरकार के फैसले का स्वागत : सेठ
हिमाचल टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए सरकार का आभार जताया है। कहा कि प्रदेश की सभी होटल एसोसिएशनों के सुझावों को गाइडलाइन में शामिल किया गया है। जल्द स्टाफ को प्रशिक्षित कर कारोबार को शुरू कर दिया जाएगा।