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Yamuna Nagar News: दूसरा बच्चा होने पर भी मिलेंगे पांच हजार रुपये
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यमुनानगर। अब प्रदेश में कामगार महिलाओं को दूसरा बच्चा लड़का होने पर भी योजना के तहत पांच हजार रुपये मिलेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था के दौरान हुए मजदूरी के नुकसान की भरपाई व स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना शुरू की है।
डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि पिछले साल आठ मार्च के बाद दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाओं सहित मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित महिला के परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
डीसी ने बताया कि केंद्र या राज्य सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी के टीके लगवाना जरूरी है। अब प्रथम किस्त के रूप में तीन हजार रुपये प्रसवपूर्व कम से कम एक जांच होने पर और दूसरी किस्त दो हजार रुपये बच्चे के जन्म का पंजीकरण व बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरे होने पर मिलेंगे।
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डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि पिछले साल आठ मार्च के बाद दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाओं सहित मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित महिला के परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
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डीसी ने बताया कि केंद्र या राज्य सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी के टीके लगवाना जरूरी है। अब प्रथम किस्त के रूप में तीन हजार रुपये प्रसवपूर्व कम से कम एक जांच होने पर और दूसरी किस्त दो हजार रुपये बच्चे के जन्म का पंजीकरण व बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरे होने पर मिलेंगे।
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