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अविवाहित युवती ने बॉथरूम में दिया बच्चे को जन्म, फिर छत पर फेंका
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घर पहुंचकर मौका मुआयना करती चाइल्ड लाइन निदेशिका डॉ. अंजू। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर की एक कॉलोनी में अविवाहित युवती ने घर के बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसे बाथरूम की छत पर फेंक दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने डिलीवरी की बात बताई। दूसरी ओर बाथरूम की छत पर बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने नवजात शिशु को देखा और चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी जानकारी दी। सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन की निदेशक अंजू बाजपेयी मौके पर पहुंची और बच्चे को जगाधरी सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां नाजुक हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया।
दरअसल छोटी लाइन की एक कॉलोनी में रहने वाली युवती रविवार शाम को जगाधरी में अपनी नानी के घर आई थी, जहां सोमवार की सुबह बाथरूम में उसने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद स्वयं उसने नवजात बेटे को तौलिये में लपेटकर साथ लगती छत पर फेंक दिया। इस दौरान बारिश में भी नवजात भीगता रहा। बच्चे की रोने की आवाज सुनकर लोगों ने आसपास देखा तो कहीं कुछ नहीं मिला। जब छत पर देखा तो सभी दंग रह गए कि अचानक वहां नवजात कहां से आ गया। आसपास के लोग हैरान हो गये। वहीं बारिश के कारण बच्चे की हालत खराब हो गई थी। उसके मुंह व नाक से खून आ रहा था। इस बीच एक पड़ोसी ने चाइल्ड लाइन व पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरी ओर परिजनों ने युवती की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
प्रसव के दौरान हिम्मत देखकर डॉक्टर भी हैरान
अंजू बाजपेयी ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चा पूरा नौ महीने का होने की बात कही है। ऐसे में किशोरी ने जो हौसला दिखाया है, उससे डॉक्टर भी हैरान हैं। एक तंदुरुस्त महिला भी अकेले प्रसव का जोखिम नहीं उठा सकती है, ऐसे में एक किशोरी ने इतना दर्द सहन करके बच्चा पैदा किया। पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें प्रसव के दौरान रोने चीखने की कोई आवाज नहीं आई। लड़की की नानी के साथ और भी लोग किराये पर रहते हैं। सभी बाथरूम का प्रयोग करते हैं। इस दौरान किशोरी बाथरूम में करीब तीन घंटे रही। वह बार-बार कमरे और बाथरूम में आती जाती रही। नानी के पहुंचने पर उसने बताया कि उसे दस्त लगी है। वहीं पड़ोसी महिला के पूछने पर किशोरी ने कहा कि माहवारी के कारण उसे दिक्कत हो रही है। पड़ोसी महिला से ही उसने कपड़े लेकर पहने और कहा कि मासिक धर्म में उसकी सलवार खराब हो गई है।
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परिजन बोले- बालिग है, चाइल्ड लाइन को शक
चाइल्ड लाइन की टीम ने मामले में जब लड़की के मां-बाप से बात की तो उन्होंने खुद को इससे अंजान बताया। मां ने बताया कि उनकी बेटी 19 साल की है। लड़की की आयु का प्रमाण मांगा तो वे आनाकानी करने लगे। मां-बाप ने इलाज तक के लिए लड़की का आधार कार्ड नहीं दिया। बार-बार मांगने के बाद भी उन्होंने आयु का कोई प्रमाण नहीं दिया।
मां बोली-पहले जांच में डाक्टर ने पेट बढ़ने की वजह थायराइड बताया था
डॉ. अंजू वाजपेयी ने बताया कि जब उन्होंने मां से पूछा कि पेट बढ़ने पर उन्हें पता चला होगा तो मां ने कहा कि पेट बढ़ने पर उन्होंने बेटी को चिकित्सक को दिखाया था। तब चिकित्सक ने लड़की को थायराइड बताया था। उन्होंने बताया कि किशोरी की तबियत खराब होने के कारण उससे बात नहीं हो पाई है। हालत में सुधार होने पर पूरी जानकारी ली जाएगी। उम्र को लेकर चिकित्सीय परामर्श लिया जाएगा। यदि लड़की नाबालिग है तो उसे गर्भवती करने वाले के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया जाएगा। यदि लड़की बालिग है, तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
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जगाधरी। शहर की एक कॉलोनी में अविवाहित युवती ने घर के बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसे बाथरूम की छत पर फेंक दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने डिलीवरी की बात बताई। दूसरी ओर बाथरूम की छत पर बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने नवजात शिशु को देखा और चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी जानकारी दी। सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन की निदेशक अंजू बाजपेयी मौके पर पहुंची और बच्चे को जगाधरी सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां नाजुक हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया।
दरअसल छोटी लाइन की एक कॉलोनी में रहने वाली युवती रविवार शाम को जगाधरी में अपनी नानी के घर आई थी, जहां सोमवार की सुबह बाथरूम में उसने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद स्वयं उसने नवजात बेटे को तौलिये में लपेटकर साथ लगती छत पर फेंक दिया। इस दौरान बारिश में भी नवजात भीगता रहा। बच्चे की रोने की आवाज सुनकर लोगों ने आसपास देखा तो कहीं कुछ नहीं मिला। जब छत पर देखा तो सभी दंग रह गए कि अचानक वहां नवजात कहां से आ गया। आसपास के लोग हैरान हो गये। वहीं बारिश के कारण बच्चे की हालत खराब हो गई थी। उसके मुंह व नाक से खून आ रहा था। इस बीच एक पड़ोसी ने चाइल्ड लाइन व पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरी ओर परिजनों ने युवती की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
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प्रसव के दौरान हिम्मत देखकर डॉक्टर भी हैरान
अंजू बाजपेयी ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चा पूरा नौ महीने का होने की बात कही है। ऐसे में किशोरी ने जो हौसला दिखाया है, उससे डॉक्टर भी हैरान हैं। एक तंदुरुस्त महिला भी अकेले प्रसव का जोखिम नहीं उठा सकती है, ऐसे में एक किशोरी ने इतना दर्द सहन करके बच्चा पैदा किया। पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें प्रसव के दौरान रोने चीखने की कोई आवाज नहीं आई। लड़की की नानी के साथ और भी लोग किराये पर रहते हैं। सभी बाथरूम का प्रयोग करते हैं। इस दौरान किशोरी बाथरूम में करीब तीन घंटे रही। वह बार-बार कमरे और बाथरूम में आती जाती रही। नानी के पहुंचने पर उसने बताया कि उसे दस्त लगी है। वहीं पड़ोसी महिला के पूछने पर किशोरी ने कहा कि माहवारी के कारण उसे दिक्कत हो रही है। पड़ोसी महिला से ही उसने कपड़े लेकर पहने और कहा कि मासिक धर्म में उसकी सलवार खराब हो गई है।
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परिजन बोले- बालिग है, चाइल्ड लाइन को शक
चाइल्ड लाइन की टीम ने मामले में जब लड़की के मां-बाप से बात की तो उन्होंने खुद को इससे अंजान बताया। मां ने बताया कि उनकी बेटी 19 साल की है। लड़की की आयु का प्रमाण मांगा तो वे आनाकानी करने लगे। मां-बाप ने इलाज तक के लिए लड़की का आधार कार्ड नहीं दिया। बार-बार मांगने के बाद भी उन्होंने आयु का कोई प्रमाण नहीं दिया।
मां बोली-पहले जांच में डाक्टर ने पेट बढ़ने की वजह थायराइड बताया था
डॉ. अंजू वाजपेयी ने बताया कि जब उन्होंने मां से पूछा कि पेट बढ़ने पर उन्हें पता चला होगा तो मां ने कहा कि पेट बढ़ने पर उन्होंने बेटी को चिकित्सक को दिखाया था। तब चिकित्सक ने लड़की को थायराइड बताया था। उन्होंने बताया कि किशोरी की तबियत खराब होने के कारण उससे बात नहीं हो पाई है। हालत में सुधार होने पर पूरी जानकारी ली जाएगी। उम्र को लेकर चिकित्सीय परामर्श लिया जाएगा। यदि लड़की नाबालिग है तो उसे गर्भवती करने वाले के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया जाएगा। यदि लड़की बालिग है, तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।