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डेंगू से दो की मौत, विभाग ने बताया संदिग्ध
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रादौर में छात्रा की मौत के बाद क्षेत्र में लोगों को जागरूक करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : Yamuna Nagar
स्वास्थ्य विभाग डेंगू पर काबू पाने के पूरे ढ़ोल पीट रहा है, लेकिन एक के बाद डेंगू पीड़ित की मौत के समाचार मिल रहे हैं। जिले में डेंगू पीड़ित छात्रा सहित दो लोगों की मौत हो गई। रादौर में छात्रा की मौत हुई तो बुड़िया के गांव फतेहपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। दोनों का पीजीआई में इलाज चल रहा था। वहीं बुड़िया क्षेत्र में यह डेंगू से दूसरी मौत है। इससे पहले पांच नवंबर को बुड़िया निवासी 35 वर्षीय बबीता देवी की मौत हो चुकी है। लेकिन विभाग अपनी लापरवाहियों पर पर्दा डालने के लिए इन मौतों को संदिग्ध मान रहा है। वहीं जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्य नाकाफी हैं।
बुड़िया निवासी बबीता देवी की मौत के बाद भी विभाग चेता नहीं है। जिस कारण बुड़िया के गांव फतेहपुर में एक और व्यक्ति की मौत हो गई। मूल रूप से पश्चिम बंगाल के जिला रायगंज के टुनटुनी मोड़ कमलाबाड़ी का श्यामल महोन्ता बुडिया के गांव फतेहपुर में परिवार के साथ रहता था। गत सप्ताह रात को उसे बुखार हो गया। सुबह परिजन उसे चिकित्सकों के पास ले गए। दवा के बाद भी उसका बुखार कम नहीं हुआ। जिस पर उसका डेंगू टेस्ट किया गया। जो पॉजीटिव पाया गया। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। चिकित्सको ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में चार दिन इलाज चला। हालत में कुछ सुधार हुआ तो श्यामल को घर ले आए। इस दौरान फिर श्यामल की हालत फिर खराब हो गई। जिसके बाद उसे शहर के निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।
रादौर में कॉलेज छात्रा की डेंगू से मौत हो गई। बुखार होने पर परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए। जहां दो दिन के इलाज के बाद उसे पीजीआई रेफर कर दिया। वार्ड नंबर-6 के गुरुद्वारा मोहल्ला निवासी 19 वर्षीय अंशिका ग्रोवर यमुनानगर के मुकंदलाल कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। सप्ताह भर पहले अंशिका की तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए। अंशिका को तेज बुखार था। दो दिन तक उसका बुखार नहीं उतारा, तो उसका डेंगू टेस्ट किया गया। जो पॉजीटिव आया। इस दौरान उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। लेकिन परिजन उसे मोहाली के फोर्टीज अस्पताल ले गए। जहां कुछ दिन रहने के बाद अंशिका की मौत हो गई। लेकिन विभाग इसे डेंगू नहीं मान रहा है। चूंकि डेंगू की पुष्टि करके विभाग स्वयं लापरवाही के घेरे में आ जाएगा।
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जिले में डेंगू से तीन मौत हो गईं। लेकिन विभाग उन्हें डेंगू मानने से इंकार कर रहा है। विभाग का कहना है कि सभी मौत संदिग्ध है। लेकिन जिन क्षेत्रों में यह मौत हुई हैं। उनके दो सौ मीटर के दायरे में डेंगू का लारवा मिला है। जिससे जाहिर होता है कि विभाग अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इन्हें संदिग्ध बता रहा है।
जिले में डेंगू का डंक निरतर जारी है। मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वीरवार को जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। जबकि 396 संदिग्ध मामले हैं। इनमें तीन बच्चे हैं। जिसमें दो लड़के हैं और एक लड़की है। इनमें महिलाओं की संख्या 40 प्रतिशत है।
जिले में डेंगू से हुईं तीन मौतों से संबंधी स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। विभाग की ओर से क्षेत्र की आशा वर्कर सहित विभाग के कर्मचारियों को इसी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे मृतकों के बारे में पूरी जानकारी जुटा कर विभाग को देंगे। वहीं विभाग के पास पीजीआई, मोहाली और जहां-जहां तीनों का इलाज किया गया है वहां से रिपोर्ट आने का इंतजार है। जिसके पास विभाग इसकी पुष्टि करेगा।
विभाग डेंगू को लेकर पूरी तरह सर्तक है। व्यापक स्तर पर इसकी रोकथाम के लिए कार्य किए जा रहे हैं। जहां लारवा मिला है वहां काला व मिट्टी का तेल डालवाया जा रहा है। कई क्षेत्रों में फॉगिंग भी करवाई गई है। छात्रा व व्यक्ति की अभी मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। पूरी रिपोर्ट आने पर ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।
डॉ. वागिश गुटेर, जिला मलेरिया अधिकारी।
फोटो:- 23, 24
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बुड़िया निवासी बबीता देवी की मौत के बाद भी विभाग चेता नहीं है। जिस कारण बुड़िया के गांव फतेहपुर में एक और व्यक्ति की मौत हो गई। मूल रूप से पश्चिम बंगाल के जिला रायगंज के टुनटुनी मोड़ कमलाबाड़ी का श्यामल महोन्ता बुडिया के गांव फतेहपुर में परिवार के साथ रहता था। गत सप्ताह रात को उसे बुखार हो गया। सुबह परिजन उसे चिकित्सकों के पास ले गए। दवा के बाद भी उसका बुखार कम नहीं हुआ। जिस पर उसका डेंगू टेस्ट किया गया। जो पॉजीटिव पाया गया। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। चिकित्सको ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में चार दिन इलाज चला। हालत में कुछ सुधार हुआ तो श्यामल को घर ले आए। इस दौरान फिर श्यामल की हालत फिर खराब हो गई। जिसके बाद उसे शहर के निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।
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रादौर में कॉलेज छात्रा की डेंगू से मौत हो गई। बुखार होने पर परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए। जहां दो दिन के इलाज के बाद उसे पीजीआई रेफर कर दिया। वार्ड नंबर-6 के गुरुद्वारा मोहल्ला निवासी 19 वर्षीय अंशिका ग्रोवर यमुनानगर के मुकंदलाल कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। सप्ताह भर पहले अंशिका की तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए। अंशिका को तेज बुखार था। दो दिन तक उसका बुखार नहीं उतारा, तो उसका डेंगू टेस्ट किया गया। जो पॉजीटिव आया। इस दौरान उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। लेकिन परिजन उसे मोहाली के फोर्टीज अस्पताल ले गए। जहां कुछ दिन रहने के बाद अंशिका की मौत हो गई। लेकिन विभाग इसे डेंगू नहीं मान रहा है। चूंकि डेंगू की पुष्टि करके विभाग स्वयं लापरवाही के घेरे में आ जाएगा।
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जिले में डेंगू से तीन मौत हो गईं। लेकिन विभाग उन्हें डेंगू मानने से इंकार कर रहा है। विभाग का कहना है कि सभी मौत संदिग्ध है। लेकिन जिन क्षेत्रों में यह मौत हुई हैं। उनके दो सौ मीटर के दायरे में डेंगू का लारवा मिला है। जिससे जाहिर होता है कि विभाग अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इन्हें संदिग्ध बता रहा है।
जिले में डेंगू का डंक निरतर जारी है। मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वीरवार को जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। जबकि 396 संदिग्ध मामले हैं। इनमें तीन बच्चे हैं। जिसमें दो लड़के हैं और एक लड़की है। इनमें महिलाओं की संख्या 40 प्रतिशत है।
जिले में डेंगू से हुईं तीन मौतों से संबंधी स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। विभाग की ओर से क्षेत्र की आशा वर्कर सहित विभाग के कर्मचारियों को इसी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे मृतकों के बारे में पूरी जानकारी जुटा कर विभाग को देंगे। वहीं विभाग के पास पीजीआई, मोहाली और जहां-जहां तीनों का इलाज किया गया है वहां से रिपोर्ट आने का इंतजार है। जिसके पास विभाग इसकी पुष्टि करेगा।
विभाग डेंगू को लेकर पूरी तरह सर्तक है। व्यापक स्तर पर इसकी रोकथाम के लिए कार्य किए जा रहे हैं। जहां लारवा मिला है वहां काला व मिट्टी का तेल डालवाया जा रहा है। कई क्षेत्रों में फॉगिंग भी करवाई गई है। छात्रा व व्यक्ति की अभी मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। पूरी रिपोर्ट आने पर ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।
डॉ. वागिश गुटेर, जिला मलेरिया अधिकारी।
फोटो:- 23, 24