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Yamuna Nagar News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया नाम, अब तैयार कर रहे खिलाड़ी
Fri, 30 Jan 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:20 AM IST
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कोच रणविजय सिंह। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर की चांदपुर कॉलोनी निवासी रणविजय सिंह ने फुटबॉल में जिले का नाम विदेशों तक चमकाया है। वहीं, अब कोच बनकर युवाओं को खेल की बारीकियां सीखा रहे हैं। अपने समय में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे रणविजय सिंह के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। वे कोच बनकर छोटे बच्चों के साथ युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षित कई खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
रणविजय सिंह ने बताया कि शहर की पेपर मिल कॉलोनी में उनका बचपन बिता है। पेपर मिल की टीम देश भर में अपने खेल के लिए जानी जाती थी और उनके पिता भीम सिंह अपनी टीम के गोल कीपर थे। वह अक्सर पिता का खेल देखने जाया करते थे और यही से फुटबॉल के प्रति उनका रुझान बढ़ा। वह बचपन से फुटबॉल खेल रहे हैं। इस दौरान वे अंडर-13, अंडर-14, अंडर-17 स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कई पदक व ट्रॉफी जीती।
उनके राज्य स्तरीय टीम के ट्राॅयल में भाग लिया। इसके बाद उनका चयन अंडर-19 की राज्यीय टीम में हुआ। इस दौरान कई राज्यों से मैच के बाद उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। यहां वे अंडर-19 हरियाणा टीम के कप्तान बने। इसके बाद हरियाणा संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम के कप्तान बने। इसके अलावा दिल्ली की संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम के कप्तान भी रहे। कोच रणविजय सिंह अभी हरियाणा की मास्टर्स फुटबॉल टीम के कप्तान हैं।
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वर्ष 2025 में उत्तराखंड के देहरादून में हुई मास्टर्स नेशनल चैंपियनशिप में टीम को विजेता बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं तक फुटबॉल की पहुंच बनाना और जिले को आगे लेकर जाना है। वे अभी स्कोर क्लब और विक्टर क्लब के कोच हैं और उनके पास करीब 200 खिलाड़ी कोचिंग ले रहे हैं और कई राज्य व राष्ट्रीयस्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
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ये हैं उपलब्धियां
-अंडर-19 प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब मिला।
-अंडर-19 हरियाणा टीम के कप्तान मणिपुर में खेले।
-हरियाणा संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम के कप्तान।
-दिल्ली संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम में चयन और कप्तान बने।
-इंडियन नेशनल फुटबॉल क्लब से दिल्ली लीग में टीम का नेतृत्व कर जीत हासिल की।
-दिल्ली में टोरेंट फुटबॉल कप में प्रतिनिधित्व किया और विजेता बने।
-पश्चिमी बंगाल के मोहम्डन स्पोटिंग के लिए खेले टीम का नेतृत्व।
-अंडर-21 भारतीय फुटबॉल में चयन दक्षिण अफ्रीका में खेले।
-दिल्ली के हिंदुस्तान क्लब की ओर से रोबर्स कप खेले और चैंपियन बने।
-नेशनल लीग ए डिविजन जमशेदपुर टाटा नगर में खेले और उपविजेता।
-हरियाणा स्टेट चैंपियनशिप में यमुनानगर का नेतृत्व किया और चैंपियन बने।
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जगाधरी। शहर की चांदपुर कॉलोनी निवासी रणविजय सिंह ने फुटबॉल में जिले का नाम विदेशों तक चमकाया है। वहीं, अब कोच बनकर युवाओं को खेल की बारीकियां सीखा रहे हैं। अपने समय में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे रणविजय सिंह के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। वे कोच बनकर छोटे बच्चों के साथ युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षित कई खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
रणविजय सिंह ने बताया कि शहर की पेपर मिल कॉलोनी में उनका बचपन बिता है। पेपर मिल की टीम देश भर में अपने खेल के लिए जानी जाती थी और उनके पिता भीम सिंह अपनी टीम के गोल कीपर थे। वह अक्सर पिता का खेल देखने जाया करते थे और यही से फुटबॉल के प्रति उनका रुझान बढ़ा। वह बचपन से फुटबॉल खेल रहे हैं। इस दौरान वे अंडर-13, अंडर-14, अंडर-17 स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कई पदक व ट्रॉफी जीती।
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उनके राज्य स्तरीय टीम के ट्राॅयल में भाग लिया। इसके बाद उनका चयन अंडर-19 की राज्यीय टीम में हुआ। इस दौरान कई राज्यों से मैच के बाद उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। यहां वे अंडर-19 हरियाणा टीम के कप्तान बने। इसके बाद हरियाणा संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम के कप्तान बने। इसके अलावा दिल्ली की संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम के कप्तान भी रहे। कोच रणविजय सिंह अभी हरियाणा की मास्टर्स फुटबॉल टीम के कप्तान हैं।
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वर्ष 2025 में उत्तराखंड के देहरादून में हुई मास्टर्स नेशनल चैंपियनशिप में टीम को विजेता बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं तक फुटबॉल की पहुंच बनाना और जिले को आगे लेकर जाना है। वे अभी स्कोर क्लब और विक्टर क्लब के कोच हैं और उनके पास करीब 200 खिलाड़ी कोचिंग ले रहे हैं और कई राज्य व राष्ट्रीयस्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
ये हैं उपलब्धियां
-अंडर-19 प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब मिला।
-अंडर-19 हरियाणा टीम के कप्तान मणिपुर में खेले।
-हरियाणा संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम के कप्तान।
-दिल्ली संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टीम में चयन और कप्तान बने।
-इंडियन नेशनल फुटबॉल क्लब से दिल्ली लीग में टीम का नेतृत्व कर जीत हासिल की।
-दिल्ली में टोरेंट फुटबॉल कप में प्रतिनिधित्व किया और विजेता बने।
-पश्चिमी बंगाल के मोहम्डन स्पोटिंग के लिए खेले टीम का नेतृत्व।
-अंडर-21 भारतीय फुटबॉल में चयन दक्षिण अफ्रीका में खेले।
-दिल्ली के हिंदुस्तान क्लब की ओर से रोबर्स कप खेले और चैंपियन बने।
-नेशनल लीग ए डिविजन जमशेदपुर टाटा नगर में खेले और उपविजेता।
-हरियाणा स्टेट चैंपियनशिप में यमुनानगर का नेतृत्व किया और चैंपियन बने।