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Yamuna Nagar News: थर्मल की राख ने बढ़ाई प्रशासन की परेशानी

Sun, 06 Apr 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 06 Apr 2025 12:47 AM IST
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Thermal ash increased the administration's problems
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले दीनबंधू छोटू राम थर्मल पावर प्लांट से सटे कायमपुर व रतनपुरा गांवों के लोगों ने जिला प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने उनके गांवों को थर्मल से दूर किसी और जगह पर बसाने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि थर्मल पावर प्लांट की राख ने उनकी जिंदगी को भी काली कर दिया है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए मामला बढ़ न जाए, इस पर डीसी पार्थ गुप्ता ने दोनों गांवों के लोगों को बातचीत के लिए शनिवार को अपने कार्यालय में बुलाया। थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर रमन सोबती के समक्ष काफी देर तक ग्रामीणों की डीसी से बातचीत हुई।
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ग्रामीणों की बात सुन कर डीसी ने चीफ इंजीनियर से कहा कि कुछ दिन आप अपने क्वार्टर को छोड़ कर गांव में रह कर दिखाएं। यदि थर्मल की राख के बीच आपने एडजस्ट कर लिया तो ग्रामीण भी खुद को एडजस्ट कर लेंगे। थर्मल से सटे कायमपुर व रतनपुरा गांवों की एक ही ग्राम पंचायत है। गांवों में करीब 300 घर व 1150 वोट हैं।
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दोनों गांवों की तरफ से पूर्व सरपंच डॉ. गोपाल सिंह, पूर्व सरपंच जितेंद्र राणा, राजिंद्र, गुलाब सिंह, जितेंद्र सिंह व श्रवण सिंह आदि डीसी से मिले। उन्होंने डीसी को बताया कि जब से थर्मल पावर प्लांट उनके गांव के पास लगा है तब से उनका गांव में रहना मुश्किल हो गया है।
घर की छत, आंगन, सड़क, फसल, पशु चारा से लेकर हर तरफ राख ही राख नजर आती है। इस राख ने उनका गांव में रहना मुश्किल कर दिया है। घर के आंगन में बैठ कर खाना नहीं बना सकते। यहां तक की अपने घर की छत पर कपड़े नहीं सुखा सकते। यदि कोई डाल देता है तो थोड़ी देर में वह राख से काले हो जाते हैं। राख की वजह से ग्रामीण एलर्जी व दमा का शिकार हो रहे हैं। वह पहले भी कई बार राख से हो रही परेशानी का मामला उठा चुके हैं, परंतु कोई उनकी बात को सुनने को तैयार नहीं है।
लोगों ने कहा कि अब थर्मल में ही 800 मेगावाट की तीसरी यूनिट लगने जा रही है। जब 600 मेगावाट से उनका यह हाल है तो 1400 मेगावाट से तो उनका गांव में रहना ही मुश्किल हो जाएगा। इसलिए उनके गांव को थर्मल से दूर किसी दूसरी जगह बसाया जाए।
खुखराना की तर्ज पर शिफ्ट करने की मांग : ग्रामीणों ने पानीपत के खुखराना की तर्ज पर रतनपुरा व कायमपुर गांव को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है। पूर्व सरपंच गोपाल सिंह व जितेंद्र राणा ने बताया कि पानीपत में भी लोग थर्मल की राख से लोग इसी तरह से परेशान थे। सरकार ने वहां की समस्या को देखते हुए खुखराना में जमीन का अधिग्रहण करके वहां पर ग्रामीणों को जगह उपलब्ध कराई है। इस जगह में स्कूल, अस्पताल, पार्क, ट्यूबवेल, मंदिर, धर्मशाला समेत अन्य सुविधाएं दी हैं। इसलिए उनके गांवों का भी इसी तर्ज पर पुनर्वास किया जाए। इसे गंभीरता से लेते हुए डीसी पार्थ गुप्ता ने एसडीएम जगाधरी सोनू राम को जिम्मेदारी सौंपी। एसडीएम यह पता करेंगे कि खुखराना में गांव के पुनर्वास की क्या प्रक्रिया रही। ताकि उसी प्रक्रिया को यहां भी शुरू किया जा सके।
चीफ इंजीनियर नहीं दे सकए ठोस जवाब
थर्मल पावर प्लांट के अधिकारी करीब डेढ़ दशक से थर्मल की चिमनी से निकलने वाली राख का कोई स्थायी समाधान नहीं कर सके। जिसका खामियाजा लोग आज तक भुगत रहे हैं। डीसी के बातचीत के दौरान चीफ इंजीनियर रमन सोबती समस्या के समाधान का कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। उन्होंने केवल इतना कहा कि राख को कंट्रोल करने के लिए प्रयास किया जाएगा। जब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो जाता तब तक पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा।

गांव के लोगों की समस्या का समाधान करके उन्हें स्वच्छ वातावरण प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि उनकी समस्या का निदान शीघ्र ही किया जाएगा। पानीपत के खुखराना में पुनर्वास के लिए जमीन का अधिग्रहण का पता किया जा रहा है। तब तक चीफ इंजीनियर को जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया है। -पार्थ गुप्ता, डीसी, यमुनानगर।
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