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Yamuna Nagar News: साढौरा नगरपालिका भंग कराने को भरी हुंकार
Tue, 23 Jul 2024 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 23 Jul 2024 06:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। युवा पंचायत संघर्ष समिति ने नगरपालिका भंग कराने की मांग को लेकर रविवार सैनी धर्मशाला में बैठक का आयोजन किया। बैठक में नगरपालिका भंग करने की मांग करते हुए तमाम लोगों ने विरोध का नारा बुलंद किया।
युवा पंचायत संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजू सैनी ने कहा कि लाहौर व कस्बा की नगरपालिका का गठन एक साथ हुआ था। 115 साल नगरपालिका का कार्यकाल कस्बा में स्थापित रहा, लेकिन आमदनी का कोई जरिया न होने के कारण वर्ष 2000 में नगरपालिका को भंग करके पंचायत को बहाल कर दिया गया था। पंचायत के 15 वर्ष के कार्यकाल में कस्बा का इतना सर्वांगीण विकास हुआ जो नगरपालिका के 115 वर्षों में नहीं हो सका था। कस्बा में 90 प्रतिशत लोग पंचायत के पक्ष में है।
प्रदेश सरकार व प्रशासन को कस्बा के प्रत्येक नागरिक की भावनाओं के अनुरूप नगरपालिका को भंग करके पंचायत को बहाल करना चाहिए। राजू सैनी ने उम्मीद जताई है कि जिस तरह मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आदमपुर की नगरपालिका को भंग करके पंचायत का दर्जा दिया है ठीक उसी प्रकार स्थानीय लोगों की वाजिब मांग को देखते हुए साढौरा की नगरपालिका को भंग करके पंचायत का दर्जा देना देंगे।
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इंद्रजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि यहां पहले भी नगरपालिका रह चुकी है, लेकिन जो विकास पंचायत के कार्यकाल में हुआ वो नगरपालिका के कार्यकाल में संभव नहीं हो पाया। नगरपालिका को भंग करवाने के लिए एक बार फिर से सभी कस्बावासियों को लामबंद होना होगा।
सुधीर भल्ला ने कहा कि नगरपालिका ढिंढोरा पीट रही है कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त हुई है। नपा राज में मजदूरों को बेरोजगार करके उनके हक छीन लिए गए। लोगों को अपने ही घर में किरायेदार बना दिया गया इस बैठक का उद्देश्य आगामी रणनीति बना कर नगरपालिका को समाप्त करना है। यह तभी संभव होगा जब सभी कस्बावासी एक साथ एकजुट होंगे। 24 जुलाई को आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
अंकित अग्रवाल ने कहा कि नगरपालिका बनने से हाउस टैक्स, सीवरेज टैक्स लगने लगा है। यदि कोई व्यक्ति मकान बनाना चाहता है, तो उसे पहले इसका नक्शा पास करवाना पड़ता है। कस्बा के अधिकतर लोग दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, लेकिन नगरपालिका बनने कीे वजह से दिहाड़ी मजदूर और मनरेगा मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इस मौके पर दिलावर हुसैन, हंसराज डांग, राजकुमार राणा, हरीश गुजराल, पिंकू गुप्ता, पवन बख्शी, देवी दयाल, रमेश सैनी, कुलदीप कपूर, पंकज सैनी, रवि कुमार, काका खुल्लर, निर्मल, अमित राणा, कृष्ण लाल व जय गोपाल राणा मौजूद रहे।
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साढौरा। युवा पंचायत संघर्ष समिति ने नगरपालिका भंग कराने की मांग को लेकर रविवार सैनी धर्मशाला में बैठक का आयोजन किया। बैठक में नगरपालिका भंग करने की मांग करते हुए तमाम लोगों ने विरोध का नारा बुलंद किया।
युवा पंचायत संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजू सैनी ने कहा कि लाहौर व कस्बा की नगरपालिका का गठन एक साथ हुआ था। 115 साल नगरपालिका का कार्यकाल कस्बा में स्थापित रहा, लेकिन आमदनी का कोई जरिया न होने के कारण वर्ष 2000 में नगरपालिका को भंग करके पंचायत को बहाल कर दिया गया था। पंचायत के 15 वर्ष के कार्यकाल में कस्बा का इतना सर्वांगीण विकास हुआ जो नगरपालिका के 115 वर्षों में नहीं हो सका था। कस्बा में 90 प्रतिशत लोग पंचायत के पक्ष में है।
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प्रदेश सरकार व प्रशासन को कस्बा के प्रत्येक नागरिक की भावनाओं के अनुरूप नगरपालिका को भंग करके पंचायत को बहाल करना चाहिए। राजू सैनी ने उम्मीद जताई है कि जिस तरह मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आदमपुर की नगरपालिका को भंग करके पंचायत का दर्जा दिया है ठीक उसी प्रकार स्थानीय लोगों की वाजिब मांग को देखते हुए साढौरा की नगरपालिका को भंग करके पंचायत का दर्जा देना देंगे।
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इंद्रजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि यहां पहले भी नगरपालिका रह चुकी है, लेकिन जो विकास पंचायत के कार्यकाल में हुआ वो नगरपालिका के कार्यकाल में संभव नहीं हो पाया। नगरपालिका को भंग करवाने के लिए एक बार फिर से सभी कस्बावासियों को लामबंद होना होगा।
सुधीर भल्ला ने कहा कि नगरपालिका ढिंढोरा पीट रही है कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त हुई है। नपा राज में मजदूरों को बेरोजगार करके उनके हक छीन लिए गए। लोगों को अपने ही घर में किरायेदार बना दिया गया इस बैठक का उद्देश्य आगामी रणनीति बना कर नगरपालिका को समाप्त करना है। यह तभी संभव होगा जब सभी कस्बावासी एक साथ एकजुट होंगे। 24 जुलाई को आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
अंकित अग्रवाल ने कहा कि नगरपालिका बनने से हाउस टैक्स, सीवरेज टैक्स लगने लगा है। यदि कोई व्यक्ति मकान बनाना चाहता है, तो उसे पहले इसका नक्शा पास करवाना पड़ता है। कस्बा के अधिकतर लोग दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, लेकिन नगरपालिका बनने कीे वजह से दिहाड़ी मजदूर और मनरेगा मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इस मौके पर दिलावर हुसैन, हंसराज डांग, राजकुमार राणा, हरीश गुजराल, पिंकू गुप्ता, पवन बख्शी, देवी दयाल, रमेश सैनी, कुलदीप कपूर, पंकज सैनी, रवि कुमार, काका खुल्लर, निर्मल, अमित राणा, कृष्ण लाल व जय गोपाल राणा मौजूद रहे।