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Yamuna Nagar News: माता बाला सुंदरी के दर्शन का उत्साह
Tue, 01 Apr 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुननगर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में तीन देवियों के धाम त्रिलोकपुर में लग रहे मेले में जिले से काफी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। त्रिलोकपुर की माता बाला सुंदरी जिले के काफी लोगों की कुलदेवी भी हैं, इसलिए भी हर साल जिले से हजारों लोग चैत्र व शारदीय नवरात्र पर मां के दर्शनों के लिए त्रिलोकपुर खिंचे चले आते हैं। इस बार चैत्र नवरात्र के मेले में भी दो दिन में हजाराें श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, वहीं नवरात्र के अगले दिनों भीड़ और बढ़ने की संभावना है। त्रिलोकपुर में चौदस तक मेला रहेगा। यहां माता बाला सुंदरी के साथ ललिता व त्रिपुर भैरवी के भी भव्य मंदिर हैं। ऐसी मान्यता है कि जो कोई भी यहां तीनों देवियों के दर्शन कर लेता है, उसके बिगड़े काम बनते हैं। त्रिलोकपुर के मां बाला सुंदरी मंदिर की स्थापना को लेकर मान्यता है कि करीब 450 वर्ष पूर्व यहां रामदास नाम का धार्मिक प्रवृत्ति का वैश्य रहता था, जिसने उस समय क्षेत्र में नमक को कमी देख उत्तर प्रदेश के देवबंद से नमक लाकर यहां बेचने का कारोबार किया।
रामदास को एक बार महसूस हुआ कि वह जितना नमक लाया था, उससे कहीं अधिक बेचने के बाद भी नमक का गोदाम खाली नहीं हो रहा है। उसी रात मां बाला सुंदरी ने उसे स्वप्न में दर्शन देकर बताया कि मैं पिंडी रूप में तुम्हारे नमक में विराजमान हूं और तुम मंदिर बनाकर इस पिंडी को स्थापित करो।
यही स्वप्न उस रात सिरमौर रियासत के तत्कालीन राजा प्रदीप प्रकाश को भी आया। मां के आदेश पर राजा ने इसी स्थान पर माता का भव्य मंदिर बनवाकर मां की पिंडी की स्थापना की। इस मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक लाला रामदास के वंशज ही माता की पूजा, आरती व अन्य सेवा कार्य कर रहे हैं।
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यमुननगर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में तीन देवियों के धाम त्रिलोकपुर में लग रहे मेले में जिले से काफी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। त्रिलोकपुर की माता बाला सुंदरी जिले के काफी लोगों की कुलदेवी भी हैं, इसलिए भी हर साल जिले से हजारों लोग चैत्र व शारदीय नवरात्र पर मां के दर्शनों के लिए त्रिलोकपुर खिंचे चले आते हैं। इस बार चैत्र नवरात्र के मेले में भी दो दिन में हजाराें श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, वहीं नवरात्र के अगले दिनों भीड़ और बढ़ने की संभावना है। त्रिलोकपुर में चौदस तक मेला रहेगा। यहां माता बाला सुंदरी के साथ ललिता व त्रिपुर भैरवी के भी भव्य मंदिर हैं। ऐसी मान्यता है कि जो कोई भी यहां तीनों देवियों के दर्शन कर लेता है, उसके बिगड़े काम बनते हैं। त्रिलोकपुर के मां बाला सुंदरी मंदिर की स्थापना को लेकर मान्यता है कि करीब 450 वर्ष पूर्व यहां रामदास नाम का धार्मिक प्रवृत्ति का वैश्य रहता था, जिसने उस समय क्षेत्र में नमक को कमी देख उत्तर प्रदेश के देवबंद से नमक लाकर यहां बेचने का कारोबार किया।
रामदास को एक बार महसूस हुआ कि वह जितना नमक लाया था, उससे कहीं अधिक बेचने के बाद भी नमक का गोदाम खाली नहीं हो रहा है। उसी रात मां बाला सुंदरी ने उसे स्वप्न में दर्शन देकर बताया कि मैं पिंडी रूप में तुम्हारे नमक में विराजमान हूं और तुम मंदिर बनाकर इस पिंडी को स्थापित करो।
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यही स्वप्न उस रात सिरमौर रियासत के तत्कालीन राजा प्रदीप प्रकाश को भी आया। मां के आदेश पर राजा ने इसी स्थान पर माता का भव्य मंदिर बनवाकर मां की पिंडी की स्थापना की। इस मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक लाला रामदास के वंशज ही माता की पूजा, आरती व अन्य सेवा कार्य कर रहे हैं।
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