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Yamuna Nagar News: मौत का सफर बनी आठ किलोमीटर की घाटी
Sun, 09 Feb 2025 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 09 Feb 2025 12:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। ताजेवाला से लाल ढांग कलेसर तक जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे का लगभग आठ किलोमीटर का सफर लोगों के लिए मौत की घाटी साबित हो रहा है। आठ किलोमीटर की उबड़-खाबड़ सड़क पर आए दिन होने वाले हादसे लोगों को डरा रहे हैं। इस रास्ते पर कहीं न कहीं वाहन सड़क किनारे पलटा मिलता है। जिस कारण वाहन चालक संकरे हाईवे पर अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वन्य प्राणी विभाग के सामने बने गहरे गड्ढों की वजह से शनिवार को अनियंत्रित होकर दो वाहन आपस में टकरा गए। दाेनों वाहनों के चालक बाल-बाल बच गए। हादसे का मुख्य कारण हाईवे के गहरे बरम व टूटे सड़क किनारे बन रहे हैं। उधर नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से संबंधित ठेकेदार को सड़क के बरम व किनारे बने गड्ढों को भरने के लिए कई बार लिखित में नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन ठेकेदार हाईवे की मरम्मत नहीं कर रहा। इसलिए एनएचएआई के अधिकारी अब ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी में हैं।
कलेसर वन्य जीव प्राणी विभाग कार्यालय के साथ हाईवे पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। हाईवे होने की वजह से वाहन चालक तेज रफ्तार में चलते हैं। गड्ढों की वजह से शनिवार को दो वाहन आपस में टकरा गए क्योंकि आगे चल रहे वाहन चालक ने गड्ढे में ब्रेक लगा दी और पीछे से अन्य वाहन उसमें भिड़ गया।
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ताजेवाला से कलेसर लालढांग तक हाईवे की चौड़ाई कम होना हादसों की बड़ी वजह बन रही है। जिस कारण हादसों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले साल जनवरी में ठेकेदार ने सड़क किनारे बरम को ठीक करके सड़क की मरम्मत की थी, लेकिन बारिश के तेज बहाव में किनारे बह गए। जिस कारण राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ठेकेदार को तीन नोटिस दे चुके : एक्सईएन
एनएचएआई के एक्सईएन महेंद्र सांगवान ने बताया कि पिछले साल जनवरी माह में ताजेवाला फैजपुर से लालढांग कलेसर तक सड़क व बरम की मरम्मत की गई थी। फिलहाल सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ठेकेदार को कई बार मरम्मत के लिए कहा गया है। इस बारे में बुद्धा कंस्ट्रक्शन कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन ठेकेदार मरम्मत कार्य नहीं कर रहा है। विभाग की तरफ से तीसरा नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर वह जल्दी मरम्मत नहीं करता तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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प्रतापनगर। ताजेवाला से लाल ढांग कलेसर तक जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे का लगभग आठ किलोमीटर का सफर लोगों के लिए मौत की घाटी साबित हो रहा है। आठ किलोमीटर की उबड़-खाबड़ सड़क पर आए दिन होने वाले हादसे लोगों को डरा रहे हैं। इस रास्ते पर कहीं न कहीं वाहन सड़क किनारे पलटा मिलता है। जिस कारण वाहन चालक संकरे हाईवे पर अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वन्य प्राणी विभाग के सामने बने गहरे गड्ढों की वजह से शनिवार को अनियंत्रित होकर दो वाहन आपस में टकरा गए। दाेनों वाहनों के चालक बाल-बाल बच गए। हादसे का मुख्य कारण हाईवे के गहरे बरम व टूटे सड़क किनारे बन रहे हैं। उधर नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से संबंधित ठेकेदार को सड़क के बरम व किनारे बने गड्ढों को भरने के लिए कई बार लिखित में नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन ठेकेदार हाईवे की मरम्मत नहीं कर रहा। इसलिए एनएचएआई के अधिकारी अब ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी में हैं।
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कलेसर वन्य जीव प्राणी विभाग कार्यालय के साथ हाईवे पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। हाईवे होने की वजह से वाहन चालक तेज रफ्तार में चलते हैं। गड्ढों की वजह से शनिवार को दो वाहन आपस में टकरा गए क्योंकि आगे चल रहे वाहन चालक ने गड्ढे में ब्रेक लगा दी और पीछे से अन्य वाहन उसमें भिड़ गया।
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ताजेवाला से कलेसर लालढांग तक हाईवे की चौड़ाई कम होना हादसों की बड़ी वजह बन रही है। जिस कारण हादसों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले साल जनवरी में ठेकेदार ने सड़क किनारे बरम को ठीक करके सड़क की मरम्मत की थी, लेकिन बारिश के तेज बहाव में किनारे बह गए। जिस कारण राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ठेकेदार को तीन नोटिस दे चुके : एक्सईएन
एनएचएआई के एक्सईएन महेंद्र सांगवान ने बताया कि पिछले साल जनवरी माह में ताजेवाला फैजपुर से लालढांग कलेसर तक सड़क व बरम की मरम्मत की गई थी। फिलहाल सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ठेकेदार को कई बार मरम्मत के लिए कहा गया है। इस बारे में बुद्धा कंस्ट्रक्शन कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन ठेकेदार मरम्मत कार्य नहीं कर रहा है। विभाग की तरफ से तीसरा नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर वह जल्दी मरम्मत नहीं करता तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।