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Yamuna Nagar News: किसानों से रोजाना तीन गांवों में संवाद कर रहे वैज्ञानिक
Tue, 10 Jun 2025 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 10 Jun 2025 12:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भारत सरकार और आईसीएआर की संयुक्त पहल से राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान (वीकेएसए) के तहत जिले में भी किसानों से संपर्क किया जा रहा है। डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया की यह अभियान कृषि विज्ञान केंद्र दामला, कृषि विभाग, जिला उद्यान विभाग, जिला पशुपालन विभाग, जिला मत्स्य पालन विभाग, इफको, कृभको, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों द्वारा इस अभियान पर काम किया जा रहा है।
एनडीआरआई, करनाल के निदेशक एवं हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. धीर सिंह ने गांव पाबनी कलां में किसानों के साथ बातचीत की। उन्होंने इस अभियान के उद्देश्य और फोकस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषि में भविष्य के अनुसंधान की दिशा के बारे में किसानों से फीडबैक भी लिया। अभियान के तहत प्रतिदिन तीन टीमों द्वारा तीन गांवों का दौरा किया जा रहा है, जिससे हर दिन लगभग 900 किसानों से सीधा संवाद हो रहा है। अब तक जिले के 100 गांवों में अभियान चलाया जा चुका है। किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी दी जा रही है।
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यमुनानगर। भारत सरकार और आईसीएआर की संयुक्त पहल से राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान (वीकेएसए) के तहत जिले में भी किसानों से संपर्क किया जा रहा है। डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया की यह अभियान कृषि विज्ञान केंद्र दामला, कृषि विभाग, जिला उद्यान विभाग, जिला पशुपालन विभाग, जिला मत्स्य पालन विभाग, इफको, कृभको, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों द्वारा इस अभियान पर काम किया जा रहा है।
एनडीआरआई, करनाल के निदेशक एवं हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. धीर सिंह ने गांव पाबनी कलां में किसानों के साथ बातचीत की। उन्होंने इस अभियान के उद्देश्य और फोकस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषि में भविष्य के अनुसंधान की दिशा के बारे में किसानों से फीडबैक भी लिया। अभियान के तहत प्रतिदिन तीन टीमों द्वारा तीन गांवों का दौरा किया जा रहा है, जिससे हर दिन लगभग 900 किसानों से सीधा संवाद हो रहा है। अब तक जिले के 100 गांवों में अभियान चलाया जा चुका है। किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी दी जा रही है।
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