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संगत ने बादलों के खिलाफ दिया जनादेश : सुखविंद्र
Sun, 23 Feb 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 23 Feb 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर (यमुनानगर)। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के महासचिव सुखविंद्र सिंह मंडेबर ने कहा कि हरियाणा की सिख संगत बादलों से हरियाणा के गुरु घरों को बचाना चाहती थी। इसके लिए बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी गई। लंबे अंतराल के बाद हरियाणा में हुए चुनावों में सिख संगत ने बादलों के खिलाफ जनादेश दिया। मंडेबर गुरुद्वारा दसवीं पातशाही बिलासपुर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आपस में बंट जाने के कारण किसी को भी पूर्ण बहुमत नही मिला। उन्होंने कहा कि वह आज भी संगत व चुने हुए सदस्यों से अपील करते हैं कि जिन लोगों को अकाल तख्त से सजा लग चुकी हो ऐसे लोग कमेटी से दूर ही रखें। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी व बादल ने हमेशा ही हरियाणा की अलग बनने वाली कमेटी का विरोध किया हैं।
जितने दिन सरकार की ओर से गठित कमेटी ने गुरु घरों की सेवा संभाल की, इस दौरान स्कूलों में अमृतधारी बच्चों की फीस माफ कर कपाल मोचन में चल रहे दशमेश स्कूल को सीबीएससी का दर्जा दिलाने में अहम रोल अदा किया है। यदि उन्हें नई बनने वाली कमेटी में सेवा संभाल का मौका मिला तो वह बच्चों की शिक्षा के लिए हर जिले में स्कूल और हर आठ जिलों में एक कालेज खोलेंगे।
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उन्होंने मांग उठाते हुए कहा कि मीरी पीरी कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों में सिख बच्चों के लिए अलग से आरक्षण हो और उन्हें प्राथमिकता से दाखिला मिले। अब तक उनसे सेवा संभाल का चार्ज वापस नहीं लिया गया हैं। जब तक नई कमेटी बनती हैं तब तक वह गुरु घरों की सेवा संभाल करते रहेंगे।
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व्यासपुर (यमुनानगर)। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के महासचिव सुखविंद्र सिंह मंडेबर ने कहा कि हरियाणा की सिख संगत बादलों से हरियाणा के गुरु घरों को बचाना चाहती थी। इसके लिए बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी गई। लंबे अंतराल के बाद हरियाणा में हुए चुनावों में सिख संगत ने बादलों के खिलाफ जनादेश दिया। मंडेबर गुरुद्वारा दसवीं पातशाही बिलासपुर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आपस में बंट जाने के कारण किसी को भी पूर्ण बहुमत नही मिला। उन्होंने कहा कि वह आज भी संगत व चुने हुए सदस्यों से अपील करते हैं कि जिन लोगों को अकाल तख्त से सजा लग चुकी हो ऐसे लोग कमेटी से दूर ही रखें। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी व बादल ने हमेशा ही हरियाणा की अलग बनने वाली कमेटी का विरोध किया हैं।
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जितने दिन सरकार की ओर से गठित कमेटी ने गुरु घरों की सेवा संभाल की, इस दौरान स्कूलों में अमृतधारी बच्चों की फीस माफ कर कपाल मोचन में चल रहे दशमेश स्कूल को सीबीएससी का दर्जा दिलाने में अहम रोल अदा किया है। यदि उन्हें नई बनने वाली कमेटी में सेवा संभाल का मौका मिला तो वह बच्चों की शिक्षा के लिए हर जिले में स्कूल और हर आठ जिलों में एक कालेज खोलेंगे।
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उन्होंने मांग उठाते हुए कहा कि मीरी पीरी कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों में सिख बच्चों के लिए अलग से आरक्षण हो और उन्हें प्राथमिकता से दाखिला मिले। अब तक उनसे सेवा संभाल का चार्ज वापस नहीं लिया गया हैं। जब तक नई कमेटी बनती हैं तब तक वह गुरु घरों की सेवा संभाल करते रहेंगे।