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Yamuna Nagar News: दंत चिकित्सा की नई तकनीकों पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
Sun, 14 Jun 2026 03:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 14 Jun 2026 03:17 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान मौजूद मुख्य अतिथि, स्टाफ व विद्यार्थी। संस्थान
यमुनानगर। डीएवी डेंटल कॉलेज यमुनानगर में इंडियन सोसाइटी ऑफ पेरियोडोंटोलॉजी एंड इम्प्लांटोलॉजी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। कार्यक्रम के दौरान पोस्टग्रेजुएट छात्रों को दंत चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जेनेटिक्स, पेरियोडोंटल बीमारियों और आगामी परीक्षाओं में पेरियोडोंटल सर्जरी से संबंधित विषयों पर मजबूत आधार प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन पेरियोडोंटोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. निफिया पंडित, डॉ. शालिनी गुगलानी और डॉ. दीपिका की देखरेख में किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने स्टेप-बाय-स्टेप वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से पेरियोडोंटल उपकरणों के उपयोग, सर्जरी की तकनीक और क्लिनिकल प्रैक्टिस से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल से आए छात्रों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया। मध्य प्रदेश की छात्रा सुकृति ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान डिजिटल वर्कफ्लो, लेजर तकनीक और डेंटल इम्प्लांट्स से जुड़े नए अनुसंधानों की जानकारी मिली, जो भविष्य में उनके अभ्यास के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। वहीं उत्तर प्रदेश से आई छात्रा रजनी और सोनिया ने कहा कि विशेषज्ञों के साथ क्लिनिकल केस स्टडी पर चर्चा करने का अवसर उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।
नेपाल से आए विद्यार्थियों ने कहा कि डीएवी डेंटल कॉलेज में आयोजित यह समीक्षा कार्यक्रम हर वर्ष उनके लिए सीखने का बेहतरीन मंच साबित होता है, जहां उन्हें आधुनिक दंत चिकित्सा से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त होती हैं। इंडियन सोसाइटी ऑफ पेरियोडोंटोलॉजी एंड इम्प्लांटोलॉजी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. निफिया पंडित ने बताया कि यह संस्था देश में मसूड़ों के स्वास्थ्य और डेंटल इम्प्लांट से जुड़ी दंत चिकित्सा को बढ़ावा देने का कार्य करती है। संस्था न केवल शोध को प्रोत्साहित करती है, बल्कि दंत चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों जैसे लेजर ट्रीटमेंट और बोन ग्राफ्टिंग के लिए भी प्रेरित करती है। लुधियाना से आए विशेषज्ञ डॉ. कलसी ने कहा कि मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका प्रमुख कारण पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू का सेवन है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से सुबह-शाम ब्रश करने और मौखिक स्वच्छता अपनाने से कई बीमारियों से बचाव संभव है।
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चंडीगढ़ से आई डॉ. विशाखा ग्रोवर ने कहा कि विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीकों को भी अपनाना चाहिए, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। कार्यक्रम के ऑब्जर्वर डॉ. विपुल भाटिया ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें फाइनल परीक्षा तथा भविष्य के करियर में मददगार साबित होते हैं। संवाद
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कार्यक्रम का संचालन पेरियोडोंटोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. निफिया पंडित, डॉ. शालिनी गुगलानी और डॉ. दीपिका की देखरेख में किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने स्टेप-बाय-स्टेप वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से पेरियोडोंटल उपकरणों के उपयोग, सर्जरी की तकनीक और क्लिनिकल प्रैक्टिस से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल से आए छात्रों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया। मध्य प्रदेश की छात्रा सुकृति ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान डिजिटल वर्कफ्लो, लेजर तकनीक और डेंटल इम्प्लांट्स से जुड़े नए अनुसंधानों की जानकारी मिली, जो भविष्य में उनके अभ्यास के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। वहीं उत्तर प्रदेश से आई छात्रा रजनी और सोनिया ने कहा कि विशेषज्ञों के साथ क्लिनिकल केस स्टडी पर चर्चा करने का अवसर उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।
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नेपाल से आए विद्यार्थियों ने कहा कि डीएवी डेंटल कॉलेज में आयोजित यह समीक्षा कार्यक्रम हर वर्ष उनके लिए सीखने का बेहतरीन मंच साबित होता है, जहां उन्हें आधुनिक दंत चिकित्सा से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त होती हैं। इंडियन सोसाइटी ऑफ पेरियोडोंटोलॉजी एंड इम्प्लांटोलॉजी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. निफिया पंडित ने बताया कि यह संस्था देश में मसूड़ों के स्वास्थ्य और डेंटल इम्प्लांट से जुड़ी दंत चिकित्सा को बढ़ावा देने का कार्य करती है। संस्था न केवल शोध को प्रोत्साहित करती है, बल्कि दंत चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों जैसे लेजर ट्रीटमेंट और बोन ग्राफ्टिंग के लिए भी प्रेरित करती है। लुधियाना से आए विशेषज्ञ डॉ. कलसी ने कहा कि मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका प्रमुख कारण पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू का सेवन है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से सुबह-शाम ब्रश करने और मौखिक स्वच्छता अपनाने से कई बीमारियों से बचाव संभव है।
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चंडीगढ़ से आई डॉ. विशाखा ग्रोवर ने कहा कि विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीकों को भी अपनाना चाहिए, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। कार्यक्रम के ऑब्जर्वर डॉ. विपुल भाटिया ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें फाइनल परीक्षा तथा भविष्य के करियर में मददगार साबित होते हैं। संवाद