{"_id":"5f738cac8ebc3e9b9b454198","slug":"pradarsan-yamuna-nagar-news-knl45865932","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने लगाया जाम, लघु सचिवालय में पलटी धान से भरी ट्राली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने लगाया जाम, लघु सचिवालय में पलटी धान से भरी ट्राली
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धान खरीद के संदेश मिलने के बाद फसल लेकर किसान मंडी पहुंचे तो उन्हें काफी परेशान होना पड़ा। व्यवस्था न होने के कारण उनकी फसल नहीं खरीदी जा सकी। धीरे धीरे मंडी में दर्जनों किसान पहुंच गए, लेकिन खरीद की कोई व्यवस्था न थी। जिसके बाद किसान अनाजमड़ी गेट पर जमा हो गए। यहां खरीद न होने को लेकर किसानों ने रोष जताया। किसान नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे-73 पर आ गए। जहां जाम की स्थिति पैदा हो गई। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी। काफी देर नारेबाजी के बाद भी जब कोई प्रशासनिक अधिकारी न पहुंचा तो किसान धान की ट्राली लेकर लघुसचिवालय पहुंच गए। सचिवालय परिसर में धान की ट्राली खाली कर खड़ी कर दी। जिसके बाद डीसी किसानों से मिलने पहुंचे। किसानों ने रोष जताते हुए समस्या बताई। डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया। इस दौरान तमाम थानों के प्रभारी सहित अन्य पुलिस आला अधिकारी पहुंच गए। वहीं आढ़तियों ने भी किसानों का समर्थन किया और नारेबाजी की।
मंगलवार से सरकार की ओर से धान खरीद की शुरू करने की पहले से ही घोषणा कर दी थी। कोविड-19 के चलते किसानों को संदेश भेज कर मंडी बुलाए जाने की योजना बनाई गई है। पहले दिन किसानों को खरीद के लिए संदेश भेज दिए गए। किसान धान लेकर मंडी पहुंचे, यहां उन्हें प्रवेश के लिए पर्चियां दे दी गइ। लेकिन उनकी फसल की खरीद नहीं हुई। भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि सरकार ने धान की खरीद के लिए किसानों को मंडी बुला तो लिया, लेकिन खरीदारी का कोई इंतजाम नहीं किया। खरीद एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने खरीद के प्रयास नहीं किए। खरीद के लिए बारदाना तक नहीं है। लघु सचिवालय में किसान धरने पर बैठ गए और प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद डीसी किसानों से मिले और उनकी समस्या सुनी। डीसी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा।
भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि खरीद के लिए प्रशासन की ओर से संदेश भेजे जा रहे हैं। संदेश एक दिन पहले भेजा जाता है। लेकिन किसान की फसल संदेश के मुताबिक नहीं कट सकती। उन्होंने कहा कि फसल कटने क बाद लादकर किसान मंडी पहुंचाता। इन दिनों मजदूर, मशीन सभी तरह की परेशानी है। ऐसे में किसान की फसल न कटी हो और संदेश मिल जाए, तो वह इन परिस्थितियों में क्या करेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह योजना बिल्कुल ही विफल है। इससे किसानों को और अधिक दुविधा हो रही है। किसान संदेश के मुताबिक अपनी फसल तैयार नहीं कर सकता है।
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मंगलवार से सरकार की ओर से धान खरीद की शुरू करने की पहले से ही घोषणा कर दी थी। कोविड-19 के चलते किसानों को संदेश भेज कर मंडी बुलाए जाने की योजना बनाई गई है। पहले दिन किसानों को खरीद के लिए संदेश भेज दिए गए। किसान धान लेकर मंडी पहुंचे, यहां उन्हें प्रवेश के लिए पर्चियां दे दी गइ। लेकिन उनकी फसल की खरीद नहीं हुई। भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि सरकार ने धान की खरीद के लिए किसानों को मंडी बुला तो लिया, लेकिन खरीदारी का कोई इंतजाम नहीं किया। खरीद एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने खरीद के प्रयास नहीं किए। खरीद के लिए बारदाना तक नहीं है। लघु सचिवालय में किसान धरने पर बैठ गए और प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद डीसी किसानों से मिले और उनकी समस्या सुनी। डीसी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा।
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भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि खरीद के लिए प्रशासन की ओर से संदेश भेजे जा रहे हैं। संदेश एक दिन पहले भेजा जाता है। लेकिन किसान की फसल संदेश के मुताबिक नहीं कट सकती। उन्होंने कहा कि फसल कटने क बाद लादकर किसान मंडी पहुंचाता। इन दिनों मजदूर, मशीन सभी तरह की परेशानी है। ऐसे में किसान की फसल न कटी हो और संदेश मिल जाए, तो वह इन परिस्थितियों में क्या करेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह योजना बिल्कुल ही विफल है। इससे किसानों को और अधिक दुविधा हो रही है। किसान संदेश के मुताबिक अपनी फसल तैयार नहीं कर सकता है।
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