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Yamuna Nagar News: 20 लाख की लूट को फर्जी बता पुलिस ने झाड़ा पल्ला
Sat, 01 Nov 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 01 Nov 2025 12:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छछरौली के शाहजहांपुर मोड़ पर 23 अक्तूबर की रात 20 लाख की लूट के मामले को पुलिस फर्जी बताकर पल्ला झाड़ लिया है। तीन दिन में भी पुलिस को लूट की फर्जी कहानी बताने वाले व्यापारी व उसका साथ देने वालों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस पर सवाल उठ रहे हैं। एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि मामला का पता कर जो कार्रवाई होगी, वह अमल में लाई जाएगी।
प्रतापनगर निवासी व्यापारी आशीष अग्रवाल ने पुलिस को 24 अक्तूबर को शिकायत दी थी कि उनकी चुहड़पुर कलां में गणपति राइस मिल, अग्रवाल फिलिंग स्टेशन व प्रतापनगर में अग्रवाल ट्रेडर्स आढ़त की दुकान है। 23 अक्तूबर की देर रात करीब एक बजे वह गांव किशनपुरा निवासी ड्राइवर सन्नी के साथ 20 लाख रुपये नकदी लेकर निजी कार्य से पंजाब के जीरकपुर जा रहे थे।
गांव शाहजहांपुर मोड़ के पास स्थित महादेव ढाबा के सामने पहुंचे, तभी पीछे से बिना नंबर की काले रंग की कार ने तेज रफ्तार में आकर उनकी कार को ओवरटेक किया और कार के आगे अपनी कार लगा दी। कार से दो नकाबपोश युवक उतरे, जिनमें एक के हाथ में सरिया व दूसरे के हाथ में लोहे की रॉड थी।
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दोनों युवकों ने उनकी (आशीष) कार का शीशा तोड़ दिया और पिस्तौल दिखाकर ड्राइवर व उन्हें (आशीष) धमकाते हुए नीचे उतार दिया। इसके बाद दोनों युवक कार लेकर मौके से चले गए। इस बारे में पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश की तो गांव उर्जनी में निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास व्यापारी से लूटी गई कार बरामद हो गई, पर दोनों युवकों का पता नहीं चल पाया।
आशीष के अनुसार कार में 20 लाख रुपये से भरा बैग था, जो नहीं मिला। पुलिस ने आशीष के बयान पर अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया था। बाद में सीआईए की टीमों ने जांच में पाया कि न तो व्यापारी और न चालक को किसी तरह की चोट है। साथ ही व्यापारी ने जिस जगह लूट होने की बात कही, वहां चौड़ी सड़क होने के चलते कार को घेरने की बात पर संदेह हुआ। व्यापारी व चालक से अलग-अलग बयान लिए। बयान में अंतर मिला। इससे लूट फर्जी होने के बारे में पता चला।
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यमुनानगर। छछरौली के शाहजहांपुर मोड़ पर 23 अक्तूबर की रात 20 लाख की लूट के मामले को पुलिस फर्जी बताकर पल्ला झाड़ लिया है। तीन दिन में भी पुलिस को लूट की फर्जी कहानी बताने वाले व्यापारी व उसका साथ देने वालों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस पर सवाल उठ रहे हैं। एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि मामला का पता कर जो कार्रवाई होगी, वह अमल में लाई जाएगी।
प्रतापनगर निवासी व्यापारी आशीष अग्रवाल ने पुलिस को 24 अक्तूबर को शिकायत दी थी कि उनकी चुहड़पुर कलां में गणपति राइस मिल, अग्रवाल फिलिंग स्टेशन व प्रतापनगर में अग्रवाल ट्रेडर्स आढ़त की दुकान है। 23 अक्तूबर की देर रात करीब एक बजे वह गांव किशनपुरा निवासी ड्राइवर सन्नी के साथ 20 लाख रुपये नकदी लेकर निजी कार्य से पंजाब के जीरकपुर जा रहे थे।
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गांव शाहजहांपुर मोड़ के पास स्थित महादेव ढाबा के सामने पहुंचे, तभी पीछे से बिना नंबर की काले रंग की कार ने तेज रफ्तार में आकर उनकी कार को ओवरटेक किया और कार के आगे अपनी कार लगा दी। कार से दो नकाबपोश युवक उतरे, जिनमें एक के हाथ में सरिया व दूसरे के हाथ में लोहे की रॉड थी।
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दोनों युवकों ने उनकी (आशीष) कार का शीशा तोड़ दिया और पिस्तौल दिखाकर ड्राइवर व उन्हें (आशीष) धमकाते हुए नीचे उतार दिया। इसके बाद दोनों युवक कार लेकर मौके से चले गए। इस बारे में पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश की तो गांव उर्जनी में निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास व्यापारी से लूटी गई कार बरामद हो गई, पर दोनों युवकों का पता नहीं चल पाया।
आशीष के अनुसार कार में 20 लाख रुपये से भरा बैग था, जो नहीं मिला। पुलिस ने आशीष के बयान पर अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया था। बाद में सीआईए की टीमों ने जांच में पाया कि न तो व्यापारी और न चालक को किसी तरह की चोट है। साथ ही व्यापारी ने जिस जगह लूट होने की बात कही, वहां चौड़ी सड़क होने के चलते कार को घेरने की बात पर संदेह हुआ। व्यापारी व चालक से अलग-अलग बयान लिए। बयान में अंतर मिला। इससे लूट फर्जी होने के बारे में पता चला।