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Yamuna Nagar News: पक्की गलियां न पेयजल, कैसे बनाएं घर
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यमुनानगर। तेजली गांव के पास जिला प्रशासन की ओर से करीब दो सौ परिवारों को छह वर्ष पहले प्लॉट आवंटित हुए, पर अब तक यहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई हैं। यहां न तो पक्की गलियां हैं और न ही निकासी व पेयजल जैसी सुविधा हैं। वहीं बिजली के पोल न होने के कारण बिजली के तार भी बल्लियों के सहारे झूल रहे हैं।
इन्हीं सुविधाओं में करीब सौ प्लॉट पर ही मकान बने हैं जबकि अन्य प्लॉट पर चहारदीवारी है। यहां रहने लगे लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण ही अधिकांश प्लॉट पर वर्षों बाद भी मकान नहीं बने वहीं, जो लोग यहां शिफ्ट हुए उन्हें भी असुविधाएं झेलनी पड़ रही हैं।
वर्षा बाद भी न पेयजल न निकासी की लाइन
मुकेश ने बताया कि यहां काफी संख्या में प्लॉटों पर मकान बन चुके हैं, बावजूद इसके यहां वर्षों बाद भी न तो पेयजल और न ही निकासी की लाइन डाली गई है। इस कारण यहां पर रह रहे लोग दिक्कतों से दो चार हो रहे हैं। पेयजल न होने से लोग सबमर्सिबल लगवाने व आसपास हैंडपंप का शोरायुक्त पानी पीेने पर मजबूर हैं। निकासी के लिए नालियां व सीवर लाइन न होने से जरा सी बारिश में जलभराव के हालत हो जाते हैं।
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आने-जाने के रास्ते कच्चे, होता जलभराव
राधा ने बताया कि पूरी कॉलोनी में आने-जाने के रास्ते कच्चे हैं, जो समतल न होकर उबड़-खाबड़ हैं। जिन पर गड्ढे भी हैं। जहां बारिश के दिनों में जलभराव व कीचड़ के हालत हो जाते हैं। ऐसे में यहां रह रहे लोगों को आने-जाने में मुश्किल होती है। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसलिए यहां पक्की गलियों सहित नालियों का निर्माण होना जरूरी है।
आश्वासन देने से आगे कोई कार्रवाई नहीं
राबिया ने बताया कि क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आसपास के लोग कई बार जनप्रतिनिधियों व नगर निगम अफसरों से मिल चुके हैं। लेकिन समाधान का आश्वासन देने से आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। सभी निवासियों की मांग है कि जल्द पक्की गलियों व निकासी और पेयजल की सुविधा मिले और बिजली के पोल भी लगाए जाएं।
बल्लियों के सहारे बिजली के तार, बना भय
वीना ने बताया कि यहां न स्ट्रीट लाइट है और न ही पोल लगे हैं। जबकि यहां बने मकानों में बिजली कनेक्शन व मीटर लगे हैं, जहां तक बिजली के तार बल्लियों के सहारे पहुंच रहे हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से शाम बाद अंधेरा हो जाता है। जिससे देर शाम घरों से बाहर निकलने में भय का माहौल है। इस कारण घरों के बाहर लगे निजी लाइट ऑन करके ही आसपास रोशनी करनी पड़ती है।
इस संबंध में संबंधित अफसरों से बातचीत करेंगे। क्षेत्र में जो सुविधाएं जरूरी हैं, वह जल्द मुहैया कराने के निर्देश देंगे।-
मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।
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इन्हीं सुविधाओं में करीब सौ प्लॉट पर ही मकान बने हैं जबकि अन्य प्लॉट पर चहारदीवारी है। यहां रहने लगे लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण ही अधिकांश प्लॉट पर वर्षों बाद भी मकान नहीं बने वहीं, जो लोग यहां शिफ्ट हुए उन्हें भी असुविधाएं झेलनी पड़ रही हैं।
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वर्षा बाद भी न पेयजल न निकासी की लाइन
मुकेश ने बताया कि यहां काफी संख्या में प्लॉटों पर मकान बन चुके हैं, बावजूद इसके यहां वर्षों बाद भी न तो पेयजल और न ही निकासी की लाइन डाली गई है। इस कारण यहां पर रह रहे लोग दिक्कतों से दो चार हो रहे हैं। पेयजल न होने से लोग सबमर्सिबल लगवाने व आसपास हैंडपंप का शोरायुक्त पानी पीेने पर मजबूर हैं। निकासी के लिए नालियां व सीवर लाइन न होने से जरा सी बारिश में जलभराव के हालत हो जाते हैं।
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आने-जाने के रास्ते कच्चे, होता जलभराव
राधा ने बताया कि पूरी कॉलोनी में आने-जाने के रास्ते कच्चे हैं, जो समतल न होकर उबड़-खाबड़ हैं। जिन पर गड्ढे भी हैं। जहां बारिश के दिनों में जलभराव व कीचड़ के हालत हो जाते हैं। ऐसे में यहां रह रहे लोगों को आने-जाने में मुश्किल होती है। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसलिए यहां पक्की गलियों सहित नालियों का निर्माण होना जरूरी है।
आश्वासन देने से आगे कोई कार्रवाई नहीं
राबिया ने बताया कि क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आसपास के लोग कई बार जनप्रतिनिधियों व नगर निगम अफसरों से मिल चुके हैं। लेकिन समाधान का आश्वासन देने से आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। सभी निवासियों की मांग है कि जल्द पक्की गलियों व निकासी और पेयजल की सुविधा मिले और बिजली के पोल भी लगाए जाएं।
बल्लियों के सहारे बिजली के तार, बना भय
वीना ने बताया कि यहां न स्ट्रीट लाइट है और न ही पोल लगे हैं। जबकि यहां बने मकानों में बिजली कनेक्शन व मीटर लगे हैं, जहां तक बिजली के तार बल्लियों के सहारे पहुंच रहे हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से शाम बाद अंधेरा हो जाता है। जिससे देर शाम घरों से बाहर निकलने में भय का माहौल है। इस कारण घरों के बाहर लगे निजी लाइट ऑन करके ही आसपास रोशनी करनी पड़ती है।
इस संबंध में संबंधित अफसरों से बातचीत करेंगे। क्षेत्र में जो सुविधाएं जरूरी हैं, वह जल्द मुहैया कराने के निर्देश देंगे।-
मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।