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मदर्स डे: बच्चों को छोड़ कोरोना महामारी की जंग में आहुति दे रही

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2020 06:28 PM IST
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Mother's Day: Mother abandoning children and making sacrifices in battle of Corona epidemic
डॉक्टर छवि अपने बच्चों गुनन्त व हीलियस मेहता के साथ। - फोटो : AMAR UJALA
यमुनानगर।
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कोरोना महामारी के चलते दुनिया लॉक डाउन है। देश को कोरोना मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दिन-रात सेवाएं दे रहा है। ऐसे में कुछ माताएं भी है जो ममता छोड़कर ड्यूटी दे रही हैं। इन कर्म योद्धाओं के बच्चे भी अपनी मां पर फक्र कर रहे हैं। बॉक्स कोरोना संकट का कॉल में बच्चों से मिलना मुहाल इस बार मदर्स डे लॉकडाउन के वजह से खास रहने वाला है। एक लंबा वक्त इस समय लोग एक साथ बिता रहे हैं। वहीं इस महामारी के दौर में दुनिया भर में सैकड़ों ऐसी माताएं हैं जो डॉक्टर हैं। जो हेल्थकेयर से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में जब कोरोना का संकट गहराया हुआ है तो ये माताएं अपने बच्चों से नहीं मिल पा रही है।  कोविड-19 के इस कहर में इन माताओं ने अपनी ममता को त्याग कर देश हित को चुना है। कई ऐसी मां हैं जिन्होंने खुद को अपने परिवारों से दूर कर लिया है। या फिर अपने घरों में खुद को एक हिस्से में कैद कर लिया है। ताकि अपने बच्चों से ना मिलें और वायरस को नहीं फैलने दें।
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इस संघर्ष के दौर में अपने परिवार को सुरक्षित रखने की कोशिश भी कर रहे हैं। बॉक्स बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाती: डॉ. छवि -कोरोना ड्यूटी में लगी डॉक्टर छवि मेहता ने एक मां के रूप में अपने अनुभव साझा किए हैं। उनके दो बेटे हैं। एक का नाम गुन्नत और दूसरे का नाम हीलियस मेहता है। उनका कहना है कि देश के लिए अपने कर्तव्य पथ पर मैं अपने बच्चों के साथ बहुत अधिक समय नहीं बिता पाती हूं। लेकिन कोरोना के चलते वे अब अपने बच्चों के साथ बहुत कम वक्त व्यतीत करतीं हैं। जोकि एक मां को भावनात्मक रूप से परेशान करता है। लेकिन साथ ही इस समय राष्ट्र की सेवा करने की जरूरत है जो इस समय सबसे ज्यादा जरूरी है।  बॉक्स
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देश के लिए कुछ करने का जज्बा -डॉ. मीनू कांबोज लगातार कोरोना मैं ड्यूटी दे रही हैं। उनकी तीन साल का बेटा है जिसका नाम लोहिताक्ष कांबोज है। जो घर पर अपनी मां का इंतजार करती है। वैसे तो उसकी देखभाल उसके दादा-दादी करते हैं। उनका कहना कि जब से मैंने कोरोना ड्यूटी की है तब से मुझे लगने लगा है कि मैं देश के लिए कुछ कर रही हूं। वे कहती हैं कि मैं वास्तव में एक योद्धा की तरह महसूस कर रही हूं।
बॉक्स ड्यूटी पर होते हैं तो करते हैं मरीजों की सेवा - स्टाफ नर्स नीलम का एक 2 साल का बेटा है। उनका कहना है हम सभी लड़ रहे हैं और बंदूकों के बजाय हम स्टेथोस्कोप, पेन और अन्य चिकित्सा उपकरण पकड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब हम ड्यूटी पर होते हैं तो लगता है कि हमें मरीजों की सेवा करनी है। वहीं जब घर पर होती हूं तो मैं अपना मां का फर्ज निभाते हुए हर सावधानी बरतती हूं।

Mother's Day: Mother abandoning children and making sacrifices in battle of Corona epidemic
डॉ. मीनू कांबोज अपने बेटे लोहिताक्ष कांबोज के साथ। - फोटो : AMAR UJALA
डॉ. मीनू कांबोज अपने बेटे लोहिताक्ष कांबोज के साथ।

Mother's Day: Mother abandoning children and making sacrifices in battle of Corona epidemic
स्टाफ नर्स नीलम अपने बेटे आर्वी के साथ। - फोटो : AMAR UJALA
स्टाफ नर्स नीलम अपने बेटे आर्वी के साथ।

Mother's Day: Mother abandoning children and making sacrifices in battle of Corona epidemic
स्टाफ नर्स मनप्रीत अपनी बेटी नवनीत कौर के साथ। - फोटो : AMAR UJALA
स्टाफ नर्स मनप्रीत अपनी बेटी नवनीत कौर के साथ।
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